
बॉलीवुड के 90 के दशक के बेताज बादशाह, बेहतरीन डांसर और कॉमेडी के बेमिसाल अभिनेता गोविंदा यानी ‘चीची भैया’ ने अपने चार दशकों के लंबे फिल्मी करियर में करोड़ों दिलों पर राज किया है। फिल्मों में अपनी सादगी और रंग-बिरंगे अंदाज से सबको हंसाने वाले गोविंदा का निजी जीवन भी उतना ही भव्य, अनुशासित और राजसी ठाठ-बाट से भरपूर है। मुंबई के पॉश उपनगरीय इलाके जुहू में स्थित उनका आलीशान बंगला किसी आधुनिक महल से कम नजर नहीं आता। गोविंदा और उनकी धर्मपत्नी सुनीता आहूजा ने अपने इस सपनों के घर को बेहद नफासत, प्यार और खास वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए तैयार किया है। बाहर से देखने पर जहां यह घर अपनी विशाल वास्तुकला और हरियाली से आकर्षित करता है, वहीं इसके मुख्य दरवाजे के भीतर कदम रखते ही यूरोपियन क्लासिक आर्किटेक्चर और भारतीय पारंपरिक संस्कृति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है, जो पहली ही नजर में किसी का भी मन मोह लेता है।
यूरोपियन स्टाइल में डिजाइन किया गया ग्रैंड लिविंग रूम और क्लासिक झूमर की चमक
गोविंदा के इस महलनुमा बंगले का सबसे मुख्य और चर्चित हिस्सा उनका विशाल लिविंग रूम है, जिसे पूरी तरह से क्लासिक यूरोपियन राजमहलों की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। लिविंग एरिया की ऊंची छतें कमरे को एक राजसी और खुला एहसास देती हैं, जिस पर बारीक नक्काशीदार पीओपी वर्क किया गया है। छत के ठीक बीचों-बीच लगा विशालकाय ऑस्ट्रियन क्रिस्टल शैंडेलियर (झूमर) शाम ढलते ही जब जगमगाता है, तो पूरे कमरे में एक सुनहरी और जादुई रोशनी बिखर जाती है। दीवारों पर वॉर्म बेज, आइवरी और हल्के गोल्डन टोन का इस्तेमाल किया गया है, जो कमरे को एक शांत लेकिन बेहद समृद्ध लुक प्रदान करता है। दीवारों पर यूरोप के विख्यात कलाकारों की शैली से प्रेरित क्लासिक ऑयल पेंटिंग्स और गोविंदा के जीवन के यादगार पलों की फ्रेम की गई दुर्लभ तस्वीरें सजी हुई हैं, जो घर में आने वाले हर खास मेहमान को बीते दौर के सुनहरे सफर की याद दिलाती हैं।
विदेशों से खास मंगवाए गए इटैलियन लेदर सोफे और मॉडर्न फर्नीचर की नायाब कारीगरी
लिविंग रूम की भव्यता को चार चांद लगाने में सबसे बड़ा योगदान वहां रखे गए बेहद आलीशान और कस्टमाइज्ड सोफा सेट्स का है। सुनीता आहूजा ने खुद अपनी देखरेख में इस फर्नीचर को इटली से खास तौर पर डिजाइन करवाकर आयात किया है। इन सोफों में इस्तेमाल किया गया प्रीमियम क्वालिटी का इटैलियन लेदर और उस पर की गई हाथ की बारीक सिलाई उच्च दर्जे की विलासिता को बयां करती है। सोफे के कुशन और गद्दे इस तरह से तैयार किए गए हैं कि वे अत्यधिक आरामदायक होने के साथ-साथ लिविंग रूम के पूरे रॉयल थीम के साथ पूरी तरह मेल खाते हैं। सोफे के केंद्र में रखी गई विशालकाय कॉफी टेबल पर इटली का ही बेहतरीन क्लासिक मार्बल लगा हुआ है, जिसकी पॉलिशिंग कमरे की रोशनी में मोतियों जैसी चमक पैदा करती है। हर एक कुर्सी, साइड टेबल और शोपीस को चुनते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि वह घर के क्लासिक यूरोपियन चार्म को और अधिक निखारे।
संगमरमर का भव्य मंदिर और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर घर का माहौल
भले ही घर का इंटीरियर वेस्टर्न और यूरोपियन स्टाइल से प्रेरित हो, लेकिन गोविंदा के घर की आत्मा पूरी तरह से सनातन परंपरा और भारतीय आस्था में रची-बसी है। घर के एक अत्यंत शांत और पावन कोने में सफेद मकराना संगमरमर से तराशा गया एक विशाल और भव्य मंदिर स्थापित है। गोविंदा और सुनीता दोनों ही अत्यधिक धार्मिक स्वभाव के हैं और उनके दिन की शुरुआत इसी पावन मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती के साथ होती है। मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं पर सोने और चांदी का बारीक काम किया गया है, और पूरे पूजा स्थल को पारंपरिक पीतल के नक्काशीदार दीयों व सुगंधित फूलों से सजाया जाता है। घर में प्रवेश करते ही एक सकारात्मक और दिव्य ऊर्जा का अहसास होता है, जो यह स्पष्ट करता है कि आधुनिकता के चरम पर पहुंचने के बाद भी यह परिवार अपनी जड़ों और संस्कारों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है।
डायनिंग एरिया से लेकर प्राइवेट लाउंज तक, हर कोने में झलकती है सुनीता आहूजा की रॉयल पसंद
गोविंदा के इस खूबसूरत घर को सजाने और संवारने का पूरा श्रेय उनकी पत्नी सुनीता आहूजा को जाता है, जो होम डेकोर और इंटीरियर डिजाइनिंग की बेहद उम्दा समझ रखती हैं। घर का डायनिंग हॉल भी किसी सात सितारा होटल के बैंक्वेट जैसा दिखता है, जहां 12 से 14 लोगों के एक साथ बैठने के लिए सागवान की लकड़ी से बनी एक विशाल डायनिंग टेबल रखी गई है। टेबलवेयर और क्रॉकरी के लिए अलग से एक विंटेज ग्लास कैबिनेट बनाया गया है, जिसमें दुनिया भर के अलग-अलग देशों से लाए गए कीमती एंटीक शोपीस, चांदी के बर्तन और कटलरी करीने से सजाए गए हैं। इसके अतिरिक्त घर में एक प्राइवेट फैमिली लाउंज और मिनी होम थिएटर भी मौजूद है, जहां फुर्सत के पलों में पूरा परिवार एक साथ बैठकर फिल्में देखता है और पारिवारिक समय बिताता है।
बालकनी से दिखता है समंदर का दिलकश नजारा, हरियाली के बीच सुकून के पल
लग्जरी इंटीरियर के अलावा इस बंगले की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी खुली और हवादार बालकनी है, जहां से मुंबई की मखमली धूप और अरब सागर की ठंडी हवाओं का सीधा आनंद लिया जा सकता है। बालकनी एरिया को एक खूबसूरत ग्रीन टैरेस गार्डन के रूप में विकसित किया गया है, जहां दुर्लभ प्रजाति के बोनसाई, ताजे फूलों के पौधे और आरामदायक केन चेयर्स रखी गई हैं। गोविंदा अक्सर सुबह की चाय इसी खुली बालकनी में बैठकर पीते हैं, जहां उन्हें शहर के शोरगुल से दूर सुकून और एकांत मिलता है। मेहनत के दम पर शून्य से शिखर तक का सफर तय करने वाले गोविंदा का यह घर न केवल उनकी अपार सफलता का जीवंत प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जब क्लासिक कला, आधुनिक आराम और पारिवारिक आत्मीयता एक साथ मिलते हैं, तो ईंट-पत्थरों से बना मकान कैसे एक जीता-जागता स्वर्ग बन जाता है।
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