
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र की नींद उड़ा देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक अज्ञात हैंडल से धमकी भरा संदेश भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि मुंबई के कई प्रमुख, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले ठिकानों पर आरडीएक्स और टाइमर आधारित आईईडी (IED) प्लांट किए गए हैं, जिन्हें कुछ ही घंटों के भीतर उड़ा दिया जाएगा। इस ईमेल के प्राप्त होते ही हाई कोर्ट प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मुंबई पुलिस मुख्यालय, आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और गृह विभाग के शीर्ष अधिकारियों को सूचित किया। ईमेल की भाषा अत्यंत उग्र और भड़काऊ बताई जा रही है, जिसमें न्यायपालिका, बॉलीवुड और सुरक्षा तंत्र को खुली चुनौती दी गई है। सूचना मिलते ही शहर के सभी पुलिस स्टेशनों, क्राइम ब्रांच और क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया और पूरे महानगर में सघन जांच अभियान छेड़ दिया गया है।
अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ और ‘प्रतीक्षा’ की बढ़ाई गई सुरक्षा, डॉग स्क्वॉड ने शुरू की जांच
धमकी भरे पत्र में जिन विशिष्ट ठिकानों को उड़ाने का जिक्र किया गया था, उनमें बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का जुहू स्थित मशहूर आवास ‘जलसा’ और ‘प्रतीक्षा’ भी शामिल है। इस इनपुट के सामने आते ही जुहू पुलिस और मुंबई पुलिस की बम निरोधक एवं खोजी दस्ता (BDDS) तुरंत अमिताभ बच्चन के बंगले पर पहुंची। सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार, चारदीवारी और आसपास खड़ी लावारिस गाड़ियों की मेटल डिटेक्टर और खोजी कुत्तों के जरिए बारीकी से तलाशी ली। एहतियात के तौर पर बंगले के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई है और अतिरिक्त हथियारबंद पुलिसकर्मियों को 24 घंटे की शिफ्ट में तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा किसी भी अज्ञात व्यक्ति या डिलीवरी वाहनों को बिना पहचान और गहन जांच के बंगले के आसपास फटकने नहीं दिया जा रहा है। परिवार के सदस्यों और उनके सुरक्षा स्टाफ को भी सतर्क रहने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
हाई कोर्ट परिसर, मंत्रालय और रेलवे स्टेशनों की घेराबंदी, चप्पे-चप्पे पर बढ़ाई गई निगरानी
धमकी के केंद्र में रहे बॉम्बे हाई कोर्ट परिसर को तत्काल प्रभाव से छावनी में तब्दील कर दिया गया। दक्षिण मुंबई स्थित हाई कोर्ट की ऐतिहासिक इमारत के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। वकीलों, मुवक्किलों और अदालत के कर्मचारियों के पहचान पत्रों की जांच के बाद ही उन्हें परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। कोर्ट के बेसमेंट, रिकॉर्ड रूम, कैंटीन और पार्किंग एरिया में एंटी-सबोटेज चेक (तोड़फोड़ रोधी जांच) चलाया गया। इसके साथ ही पास में स्थित राज्य सचिवालय (मंत्रालय), छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), चर्चगेट स्टेशन और दादर जैसे अत्यंत व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर भी कमांडो और जीआरपी की गश्त बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सार्वजनिक स्थानों की हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
डार्क वेब और वीपीएन के जरिए भेजा गया ईमेल, साइबर सेल और एटीएस ने संभाली जांच की कमान
मुंबई पुलिस की साइबर अपराध शाखा और महाराष्ट्र एटीएस की तकनीकी विंग ने ईमेल के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगालने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती तकनीकी जांच में संकेत मिले हैं कि ईमेल भेजने वाले ने अपनी असली पहचान और आईपी एड्रेस छुपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और डार्क वेब से जुड़े प्रॉक्सी सर्वरों का इस्तेमाल किया है। ईमेल में इस्तेमाल किए गए डोमेन और सर्वर रूटिंग का पता लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित सर्विस प्रोवाइडर से पत्राचार किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह किसी शरारती तत्व द्वारा किया गया ‘होक्स कॉल’ (फर्जी धमकी) है या फिर इसके पीछे किसी सक्रिय आतंकी स्लीपर सेल या असामाजिक गिरोह की सुनियोजित साजिश है, जिसका मकसद महानगर में दहशत फैलाना और प्रशासनिक तंत्र का ध्यान भटकाना हो सकता है।
अफवाहों से बचने की अपील, शहरवासियों से संदिग्ध वस्तुओं की तुरंत सूचना देने का आग्रह
मुंबई पुलिस कमिश्नरेट ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें और न ही घबराएं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा तंत्र पूरी तरह चाक-चौबंद है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हर संभव एहतियाती कदम उठाए जा चुके हैं। इसके साथ ही नागरिकों से सतर्क रहने का अनुरोध करते हुए कहा गया है कि यदि उन्हें किसी सार्वजनिक स्थान, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन या बाजार में कोई लावारिस बैग, टिफिन, खिलौना या संदिग्ध वस्तु नजर आए, तो उसे हाथ लगाने के बजाय तुरंत डायल 112 या नजदीकी पुलिस चौकी को सूचित करें। सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि धमकी देने वाले शातिर दिमाग को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में कसा जा सके।
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