दीपावली-छठ पर घर जाने वालों को रेलवे की बड़ी सौगात: यूपी के रास्ते दौड़ेंगी पुणे और खातीपुरा की दो स्पेशल ट्रेनें

दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और पूर्वांचल व बिहार के सबसे बड़े लोक आस्था के महापर्व ‘छठ’ के नजदीक आते ही ट्रेनों में टिकटों को लेकर मची हाहाकार से हर कोई वाकिफ है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और दक्षिण भारत के बड़े शहरों में रोजी-रोटी के सिलसिले में रहने वाले लाखों प्रवासी अपने घर-गांव लौटने के लिए महीनों पहले से रिजर्वेशन की जुगत में लगे रहते हैं। नियमित ट्रेनों में महीनों पहले नो-रूम और वेटिंग लिस्ट के 300 के पार पहुंच जाने के बाद अब भारतीय रेलवे ने यात्रियों की इस बेबसी को दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के नेटवर्क से होकर गुजरने वाली दो महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनों—पुणे स्पेशल और खातीपुरा (जयपुर) स्पेशल—के संचालन को औपचारिक रूप से हरी झंडी दे दी गई है।

यह दोनों ट्रेनें देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों यानी महाराष्ट्र के पुणे और राजस्थान के जयपुर (खातीपुरा) से रवाना होकर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के रास्ते पूर्वांचल और बिहार के महत्वपूर्ण गंतव्यों को जोड़ेंगी। त्योहारी सीजन के दौरान उत्तर प्रदेश हमेशा से देश का सबसे बड़ा ट्रांजिट हब बनकर उभरता है, जहां से होकर हर दिन लाखों मुसाफिर अपने घरों तक पहुंचते हैं। रेलवे प्रशासन के इस कदम से न सिर्फ महाराष्ट्र और राजस्थान में काम कर रहे पूर्वांचल व यूपी के श्रमिकों, व्यापारियों और छात्रों को सुगम यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि नियमित ट्रेनों पर बना यात्रियों का भारी दबाव भी काफी हद तक कम हो सकेगा।

पुणे से यूपी-बिहार के लिए पहली स्पेशल ट्रेन: रूट, फेरे और प्रमुख स्टॉपेज

महाराष्ट्र की औद्योगिक राजधानी और शिक्षा नगरी पुणे से उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाले प्रवासियों की तादाद बहुत बड़ी है। ऑटोमोबाइल हब, आईटी कंपनियों और शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लाखों युवाओं के लिए त्योहारों पर घर लौटना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। रेलवे द्वारा घोषित पहली स्पेशल ट्रेन विशेष रूप से पुणे से चलकर उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों के रास्ते बिहार के प्रमुख जंक्शन तक जाएगी।

इस विशेष गाड़ी का संचालन सप्ताह में निर्धारित दिनों पर विशेष फेरों के रूप में किया जाएगा ताकि छठ पूजा के अर्घ्य तक यात्री समय से अपने घर पहुंच सकें। यह ट्रेन पुणे से प्रस्थान करने के बाद मनमाड, भुसावल, खंडवा और इटारसी के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगी। उत्तर प्रदेश में इस ट्रेन का मुख्य ठहराव प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू/मुगलसराय) जैसे अहम स्टेशनों पर तय किया गया है। इसके बाद यह ट्रेन बक्सर, आरा और दानापुर होते हुए अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचेगी।

प्रयागराज और डीडीयू पर ठहराव होने से वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और भदोही के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें पुणे की नियमित ट्रेनों में सीट नहीं मिल पा रही थी। ट्रेन में वातानुकूलित (AC 2-Tier, AC 3-Tier), स्लीपर (शयनयान) और सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Unreserved) के पर्याप्त डिब्बे जोड़े गए हैं, जिससे हर आय वर्ग का यात्री अपने बजट के अनुसार आरामदायक सफर तय कर सके।

खातीपुरा (जयपुर) से यूपी के दिल से गुजरेगी दूसरी स्पेशल ट्रेन

दूसरी बहुप्रतीक्षित त्योहार स्पेशल ट्रेन राजस्थान की राजधानी जयपुर के नए सैटेलाइट टर्मिनल ‘खातीपुरा’ से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के मध्य और पूर्वी अंचलों को जोड़ेगी। राजस्थान के मार्बल, कपड़ा, हैंडीक्राफ्ट और कोचिंग हब में लाखों की संख्या में उत्तर प्रदेश और बिहार के नागरिक निवास करते हैं। त्योहारों के मौके पर जयपुर से लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर के रूट पर चलने वाली बसों में मनमाना किराया वसूला जाता है, जिससे आम यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ता है।

खातीपुरा से चलने वाली यह स्पेशल ट्रेन भरतपुर, अछनेरा और आगरा फोर्ट के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल होगी। इसके बाद यह टूंडला, इटावा, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ (चारबाग), बाराबंकी, गोंडा, बस्ती और गोरखपुर के रास्ते छपरा या सीवान तक का सफर तय करेगी। मध्य उत्तर प्रदेश और तराई के जनपदों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं होगी। कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख रेलवे जंक्शनों पर इस ट्रेन का स्टॉपेज होने से आसपास के जिलों—जैसे उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, सीतापुर और अयोध्या—के यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल जाएगी।

जनरल और स्लीपर क्लास के यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम: मारामारी रोकने का खाका

दीपावली और छठ के त्योहार पर सबसे ज्यादा परेशानी सामान्य यानी अनरिजर्व्ड बोगियों में सफर करने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय मुसाफिरों को झेलनी पड़ती है। ट्रेनों के जनरल कोचों में पैर रखने की जगह नहीं होती और कई बार यात्रियों को शौचालय के पास बैठकर या गेट पर लटककर सैकड़ों किलोमीटर का जोखिम भरा सफर तय करना पड़ता है। रेलवे बोर्ड ने इस बार स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि इन दोनों स्पेशल ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के डिब्बों की संख्या को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ाया जाए।

इसके अतिरिक्त, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि शुरुआती स्टेशनों यानी पुणे और खातीपुरा पर जनरल डिब्बों में चढ़ने के लिए यात्रियों की विधिवत कतार लगवाई जाए। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर कतारबद्ध तरीके से मुसाफिरों को बोगी में प्रवेश दिया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़, धक्का-मुक्की या आपराधिक वारदातों से बचा जा सके। स्टेशनों पर सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर एक कोच के एंट्री गेट पर पैनी नजर रखी जा रही है।

रेलवे स्टेशनों पर ‘वार रूम’ और क्राउड मैनेजमेंट: यूपी के बड़े स्टेशनों पर अलर्ट

उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों—जैसे लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, वाराणसी कैंट, गोरखपुर और पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन—पर त्योहारों के दौरान लाखों यात्रियों के आवागमन को संभालने के लिए विशेष ‘वार रूम’ सक्रिय कर दिए गए हैं। स्टेशन निदेशकों और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकों (Sr. DCM) को 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों के सर्कुलेटिंग एरिया में विशाल होल्डिंग एरिया और यात्री विश्रामालय (पंडाल) बनाए जा रहे हैं, जहां पीने का स्वच्छ पानी, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट्स, प्राथमिक चिकित्सा डेस्क और अतिरिक्त टिकट काउंटर उपलब्ध रहेंगे। यदि मुख्य प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक भीड़ होती है, तो यात्रियों को पहले होल्डिंग एरिया में रोका जाएगा और ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर लगने के बाद ही उन्हें क्रमवार तरीके से जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा, फूड प्लाजा और खानपान स्टालों पर जनता खाना (किफायती भोजन पैकेट) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं ताकि लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों को भोजन-पानी की किल्लत न उठानी पड़े।

टिकट बुकिंग की प्रक्रिया और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

पुणे और खातीपुरा से चलने वाली इन दोनों स्पेशल ट्रेनों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया भारतीय रेलवे के आधिकारिक आईआरसीटीसी (IRCTC) पोर्टल और यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) के सभी कंप्यूटराइज्ड काउंटरों पर शुरू की जा रही है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन ट्रेनों में अपनी यात्रा की योजना समय रहते बनाएं और दलालों व अनधिकृत टिकट एजेंटों के झांसे में आने से बचें।

त्योहार स्पेशल ट्रेनों के नंबरों के आगे अमूमन ‘0’ (शून्य) लगा होता है, इसलिए आईआरसीटीसी पर सर्च करते समय स्पेशल ट्रेन कैटिगरी का चयन करके ही टिकट बुक करें। इसके अलावा, यदि किसी यात्री का टिकट कंफर्म नहीं हो पाता है, तो वे तत्काल और प्रीमियम तत्काल कोटे के नियमों की जानकारी लेकर समय पर बुकिंग का प्रयास कर सकते हैं।

यह दोनों स्पेशल ट्रेनें न केवल प्रवासियों के घर पहुंचने के सपने को साकार करेंगी, बल्कि सड़क मार्गों पर लगने वाले भीषण जाम और निजी ट्रेवल्स की मनमानी से भी जनता को राहत दिलाएंगी। रेलवे की इस सौगात से दीपावली की रोशनी और छठ के गीतों के बीच अपनों से मिलने की राह अब लाखों परिवारों के लिए बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

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