यूपी के सुलतानपुर में 272 करोड़ से बनेगा विशाल ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर’, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे बदलेगी जिले की तस्वीर; योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक ग्रोथ इंजन और ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए। इनमें सबसे अहम और ऐतिहासिक फैसला पूर्वांचल के प्रमुख जिले सुलतानपुर को लेकर हुआ है। राज्य कैबिनेट ने औद्योगिक कॉरिडोर योजना के अंतर्गत जनपद सुलतानपुर में ‘इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स’ (IMLC) की स्थापना के लिए अवस्थापना विकास (Infrastructure Development) से संबंधित प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 27,225.33 लाख रुपये यानी लगभग 272.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस फैसले के बाद सुलतानपुर अब केवल एक कृषि और पारंपरिक व्यापार वाला जिला नहीं रहेगा, बल्कि यह पूर्वांचल का एक बड़ा विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स केंद्र बनकर उभरेगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी: माल ढुलाई और व्यापार को मिलेगी सुपरफास्ट रफ्तार

सुलतानपुर में स्थापित होने वाले इस क्लस्टर का सबसे बड़ा सामरिक और रणनीतिक लाभ इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह विशाल इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर 341 किलोमीटर लंबे ‘पूर्वांचल एक्सप्रेसवे’ के बिल्कुल समीप विकसित किया जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की नजदीकी के कारण यहां स्थापित होने वाले उद्योगों को पूरे प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से हाई-स्पीड सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।

लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होने के कारण विनिर्माण इकाइयों द्वारा तैयार किए गए माल को कम से कम समय में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, बिहार और दिल्ली-एनसीआर तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा। आधुनिक गोदामों (Warehouses), कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर डिपो और माल ढुलाई की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह क्लस्टर राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य साबित होगा।

ग्लोबल बिड के जरिए होगा निर्माण एजेंसी का चयन, राज्य सरकार उठाएगी पूरा खर्च

कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार, इस पूरे 272.25 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का संपूर्ण वित्तीय व्यय-भार उत्तर प्रदेश राज्य सरकार अपने संसाधनों से वहन करेगी। इस परियोजना में केंद्र सरकार की कोई प्रत्यक्ष वित्तीय भागीदारी नहीं है।

परियोजना के निर्माण कार्यों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के लिए योगी सरकार जल्द ही ‘ग्लोबल बिड’ (Global Bidding) आमंत्रित करने जा रही है। ग्लोबल टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण एजेंसी का चयन होते ही धरातल पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) और उद्योग विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि बुनियादी ढांचे—जैसे पक्की चौड़ी सड़कें, 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति, जल निकासी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और प्रशासनिक भवनों के निर्माण को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा अपने ही जिले में रोजगार, रुकेगा पलायन

सुलतानपुर और आसपास के जिलों (अमेठी, प्रतापगढ़, अयोध्या, जौनपुर और अंबेडकरनगर) के युवाओं के लिए यह परियोजना एक वरदान साबित होने वाली है। अब तक तकनीकी डिग्री, डिप्लोमा या आईटीआई (ITI) करने वाले स्थानीय युवाओं को रोजगार की तलाश में दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बेंगलुरु या नोएडा जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता था।

इस क्लस्टर में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के आने से हजारों प्रत्यक्ष (Direct) और अप्रत्यक्ष (Indirect) रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की समस्या दूर होगी, बल्कि युवाओं का महानगरों की ओर होने वाला पलायन भी रुकेगा। स्थानीय स्तर पर ट्रांसपोर्टेशन, कैटरिंग, हॉस्पिटैलिटी, पैकेजिंग और रिटेल सेक्टर में छोटे-मोटे कारोबारियों को भी बड़ा आर्थिक संबल मिलेगा, जिससे जिले की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

8 अन्य मेगा औद्योगिक इकाइयों को LoC: 2,902 करोड़ के निवेश को हरी झंडी

सुलतानपुर में आईएमएलसी क्लस्टर की मंजूरी के साथ ही योगी कैबिनेट ने राज्य में औद्योगिक निवेश को और अधिक गति देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022’ के तहत 8 मेगा श्रेणी की नई औद्योगिक इकाइयों को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ (LoC) जारी करने की संस्तुति को मंजूरी प्रदान की है।

इन आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निजी औद्योगिक निवेश धरातल पर उतरने जा रहा है। इन कंपनियों को सरकारी नीति के अंतर्गत नेट एसजीएसटी (SGST) प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी में छूट जैसे विशेष प्रोत्साहनों का लाभ दिया जाएगा। उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (HLEC) की संस्तुति के बाद मिली इस कैबिनेट मंजूरी से उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर फैक्ट्रियां और असेंबली यूनिट्स स्थापित होंगी।

पूर्वांचल में ‘एक्सप्रेसवे इकोनॉमी’ का नया अध्याय

उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे निर्माण के साथ-साथ उनके दोनों किनारों पर ‘औद्योगिक गलियारे’ (Industrial Corridors) विकसित करने की रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। सुलतानपुर का यह आईएमएलसी क्लस्टर यह साबित करता है कि एक्सप्रेसवे केवल तेज सफर का जरिया नहीं हैं, बल्कि वे राज्य के पिछड़े इलाकों में औद्योगीकरण और समृद्धि लाने के सबसे सशक्त माध्यम हैं।

सुलतानपुर में 272.25 करोड़ रुपये के इस आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के बनने से पूर्वांचल की औद्योगिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। बुनियादी ढांचे की मजबूती, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और कानून-व्यवस्था के बेहतर माहौल के बीच सुलतानपुर का यह कदम उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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