यूपी में 60 साल से ऊपर की महिलाओं को रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा का तोहफा; योगी कैबिनेट ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ पर लगाई मुहर

भाई-बहन के स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ को औपचारिक प्रशासनिक व वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की सभी बुजुर्ग महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की सभी बसों में जीवन भर निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश की 1 करोड़ से अधिक वरिष्ठ महिलाओं को सीधा लाभ पहुंचेगा। यह निर्णय न केवल बुजुर्ग महिलाओं को अपने दैनिक आवागमन के खर्चों से बड़ी आर्थिक राहत देगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से अधिक सशक्त भी बनाएगा।

2022 के संकल्प पत्र का वादा हुआ पूरा: परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने दी जानकारी

कैबिनेट बैठक के बाद फैसलों की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में अपने ‘लोक कल्याण संकल्प पत्र’ के तहत ‘सशक्त नारी’ मिशन के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र की माताओं और बहनों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने का वादा किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाते हुए रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश भर की माताओं-बहनों को यह अनुपम उपहार दिया है।

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं प्रदेश की महिलाएं अब राज्य के किसी भी कोने से दूसरे कोने तक बिना एक भी रुपया किराया दिए जीवन भर यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा परिवहन निगम के पूरे बस बेड़े की सभी 14,244 बसों में समान रूप से लागू होगी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग माताओं-बहनों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने विशेष दिशानिर्देश और संचालन व्यवस्था तैयार कर ली है।

आधार कार्ड और वोटर आईडी से होगी उम्र की पुष्टि, जल्द मिलेंगे स्मार्ट कार्ड

योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया को शासन ने बेहद सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया है ताकि बुजुर्ग महिलाओं को किसी दफ्तर के चक्कर न काटने पड़ें या जटिल कागजी कार्रवाई से न गुजरना पड़े।

  • पहचान व आयु सत्यापन: यात्रा के दौरान पात्र महिलाओं को अपनी आयु (60 वर्ष या उससे अधिक) प्रमाणित करने के लिए केवल अपना वैध सरकारी पहचान पत्र—जैसे आधार कार्ड (Aadhaar Card) या मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) कंडक्टर को दिखाना होगा।

  • जीरो फेयर टिकट (Zero Fare Ticket): कंडक्टर द्वारा पहचान पत्र देखकर ई-टिकटिंग मशीन (ETM) से तत्काल ‘शून्य किराया टिकट’ जारी कर दिया जाएगा, जिससे यात्रा का विधिवत रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

  • स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था: योजना के व्यवस्थित और दीर्घकालिक क्रियान्वयन के लिए परिवहन निगम आगे चलकर वरिष्ठ महिलाओं के लिए विशेष आरएफआईडी (RFID) आधारित ‘मातृशक्ति स्मार्ट कार्ड’ भी जारी करेगा। स्मार्ट कार्ड बनने के बाद महिलाएं केवल उसे मशीन पर टैप करके आसानी से अपनी सीट पर सफर कर सकेंगी।

1 करोड़ से अधिक महिलाएं होंगी लाभान्वित, प्रतिदिन 88 हजार से ज्यादा का आवागमन

उपलब्ध आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों और जनगणना रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं की आबादी 81 लाख से लेकर 1 करोड़ से अधिक अनुमानित है। परिवहन विभाग के वित्तीय आकलन के अनुसार, प्रतिदिन औसतन लगभग 88,438 वरिष्ठ महिलाएं विभिन्न घरेलू, सामाजिक, धार्मिक और चिकित्सकीय कार्यों के लिए रोडवेज बसों से आवागमन करती हैं।

इन सभी महिलाओं के किराये का संपूर्ण वित्तीय भार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा, जिसके लिए राज्य के बजट में अलग से सब्सिडी और क्षतिपूर्ति मद का प्रावधान किया गया है। इस योजना से उन ग्रामीण और कस्बाई गरीब परिवारों की बुजुर्ग महिलाओं को सबसे बड़ा संबल मिलेगा, जिन्हें तीर्थयात्रा, इलाज के लिए अस्पताल जाने या अपने रिश्तेदारों व बच्चों से मिलने के लिए किराए के पैसों की तंगी का सामना करना पड़ता था।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से होगा भव्य शुभारंभ, जिलों में प्रभारी मंत्री करेंगे शुरुआत

इस महा-कल्याणकारी योजना का विधिवत और औपचारिक शुभारंभ बुधवार को राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित ‘इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान’ (IGP) में आयोजित एक राज्यस्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया जाएगा।

इसके साथ ही प्रदेश के सभी 75 जिलों में भी एक साथ इस योजना का व्यापक उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित होगा, जहां जिलों के प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि बुजुर्ग महिलाओं को निःशुल्क यात्रा के टोकन/टिकट और प्रतीक चिन्ह सौंपकर सेवा का शुभारंभ करेंगे। परिवहन विभाग ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों (RM) और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों (ARM) को निर्देश दिए हैं कि सभी बस स्टेशनों पर योजना के हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएं और महिला यात्रियों के साथ आदरपूर्वक व संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

रक्षाबंधन पर विशेष सौगात: 27 से 29 अगस्त तक सभी आयु वर्ग की महिलाओं और एक सहयात्री को भी फ्री सफर

कैबिनेट बैठक में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ के आजीवन लाभ के अलावा रक्षाबंधन 2026 के पावन पर्व के लिए भी एक विशेष घोषणा पर मुहर लगाई गई है।

  • तारीख और समय: 27 अगस्त की सुबह 6:00 बजे से लेकर 29 अगस्त की रात 12:00 बजे तक उत्तर प्रदेश की सभी आयु वर्ग की महिलाओं (युवतियों, किशोरियों और बच्चियों समेत) के लिए यूपीएसआरटीसी की सभी बसों में यात्रा पूर्णतः निःशुल्क रहेगी।

  • सहयात्री की सुविधा: इस बार रक्षाबंधन पर बहनों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए एक और अभूतपूर्व छूट दी गई है कि महिला यात्री अपने साथ जाने वाले एक सहयात्री (Co-Passenger) को भी निःशुल्क साथ ले जा सकेंगी।

  • सुरक्षा व्यवस्था: रक्षाबंधन के तीन दिनों के दौरान सभी बस अड्डों पर 24 घंटे एंटी-रोमियो स्क्वॉड तैनात रहेंगे, महिला हेल्पडेस्क सक्रिय रहेंगी और चालकों व परिचालकों की नियमित मेडिकल व ब्रीथ एनालाइजर जांच की जाएगी।

सार्वजनिक परिवहन का कायाकल्प: ₹425 करोड़ से खरीदी जाएंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें

बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर देने के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए योगी कैबिनेट ने एक और बड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई है। सरकार ने लगभग 400 से 425 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन से 250 नई वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दी है।

इनमें 42-सीटर और 52-सीटर क्षमता वाली अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। इन आधुनिक बसों में जीपीएस (GPS), सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, आरामदायक सीटें और दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए लो-फ्लोर रैंप जैसी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। ये बसें मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ-कानपुर, वाराणसी-प्रयागराज और आगरा-मथुरा जैसे प्रमुख व्यस्त नगरीय और अंतरनगरीय मार्गों पर संचालित की जाएंगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और यात्रियों को विश्वस्तरीय सफर का अनुभव मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन का एक नया सामाजिक अध्याय

उत्तर प्रदेश की राजनीति और समाज में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना’ को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी कदम माना जा रहा है। भारतीय संस्कृति में अहिल्याबाई होल्कर को सुशासन, न्याय, धर्मपरायणता और नारी शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है। उन्हीं के नाम पर शुरू की गई यह योजना राज्य की वृद्ध माताओं के प्रति शासन के अटूट सम्मान और संवेदनशीलता को दर्शाती है।

अब प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं को अपने आवागमन के लिए परिवार के अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अपनी जेब में सिर्फ आधार कार्ड रखकर वे जब चाहें जहां चाहें स्वाभिमान के साथ सफर कर सकेंगी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मिला यह अनुपम उपहार प्रदेश की एक करोड़ से अधिक माताओं और बहनों के चेहरों पर मुस्कान और जीवन में नई स्वतंत्रता का संचार करने वाला साबित होगा।

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