
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राशि परिवर्तन की घटना को मानव जीवन और देश-दुनिया पर गहरा प्रभाव डालने वाला माना गया है। सौरमंडल के केंद्र और सभी नौ ग्रहों के अधिपति ‘सूर्य देव’ जब भी एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस तिथि को संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। 17 सितंबर को सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर अपने मित्र ग्रह बुध की राशि कन्या में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस खगोलीय घटना को ‘कन्या संक्रांति’ कहा जाता है।
सूर्य देव किसी भी एक राशि में लगभग 30 दिनों तक यानी पूरे एक सौर माह तक विराजमान रहते हैं। 17 सितंबर से लेकर अगले 30 दिनों तक सूर्य देव कन्या राशि में रहकर सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में बड़े बदलाव लाएंगे। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह गोचर 3 विशेष राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी और चमत्कारी सिद्ध होने वाला है। इन राशियों के जातकों को नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में अप्रत्याशित मुनाफा, फंसा हुआ धन मिलने और समाज में उच्च पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति के मजबूत योग बन रहे हैं।
ग्रहों के राजा सूर्य का कन्या राशि में गोचर और इसका ज्योतिषीय महत्व
वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, पिता, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता, सरकारी सेवा, प्रशासनिक पद और आरोग्यता का कारक ग्रह माना गया है। जब सूर्य देव बौद्धिक क्षमता, तर्क और व्यापार के कारक बुध ग्रह की राशि ‘कन्या’ में प्रवेश करते हैं, तो यह योग जातकों के अंदर निर्णय लेने की क्षमता, रणनीतिक सोच और वित्तीय प्रबंधन को कई गुना बढ़ा देता है।
इस 30 दिनों की समयावधि में उन लोगों को विशेष लाभ मिलता है जो लंबे समय से करियर में स्थिरता की तलाश कर रहे थे या जिनका व्यापार मंदी के दौर से गुजर रहा था। कन्या राशि में सूर्य का संचार कार्यक्षेत्र में आ रही सभी बाधाओं को समाप्त कर नए अवसरों के द्वार खोलता है। इस गोचर का सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव वृषभ, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों पर दिखाई देगा।
वृषभ राशि: नई नौकरी के बेहतरीन अवसर और आमदनी में बंपर उछाल
वृषभ राशि के जातकों के लिए 17 सितंबर से शुरू होने वाला यह 30 दिवसीय गोचर काल वरदान के समान साबित हो सकता है। सूर्य देव आपकी राशि से पंचम भाव यानी बुद्धि, शिक्षा, संतान और अचानक लाभ के भाव में गोचर करेंगे।
इस दौरान वृषभ राशि के नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित करने का शानदार मौका मिलेगा। यदि आप लंबे समय से नौकरी बदलने या उच्च वेतन वाली कंपनी में स्विच करने की योजना बना रहे थे, तो इस अवधि में आपको मनचाहे ऑफर मिल सकते हैं। आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे और पदोन्नति के साथ वेतन वृद्धि की प्रबल संभावना बनेगी।
व्यापारियों के लिए यह समय नए अनुबंध और विस्तार की योजनाएं लागू करने के लिए उत्तम है। इस दौरान किए गए निवेश भविष्य में बड़ा वित्तीय लाभ प्रदान करेंगे। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या रियल एस्टेट से जुड़े लोगों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी, संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है और छात्रों का ध्यान अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित रहेगा।
सिंह राशि: धन संचय में होगी वृद्धि और कारोबार में मिलेगा बड़ा मुनाफा
सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं और 17 सितंबर को वे आपकी राशि से निकलकर द्वितीय भाव यानी धन, वाणी और कुटुंब के भाव में गोचर करेंगे। लग्न भाव के स्वामी का धन भाव में जाना आर्थिक दृष्टि से ‘महाधन योग’ का निर्माण करता है।
अगले 30 दिनों तक सिंह राशि के जातकों के लिए धन आगमन के कई नए स्रोत खुलेंगे। यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था या किसी को दिया हुआ कर्ज वापस नहीं मिल रहा था, तो इस अवधि में उसकी वसूली हो जाएगी। आपकी वाणी में एक खास आकर्षण और प्रभाव पैदा होगा, जिससे आप बड़े से बड़े सौदे और व्यावसायिक डील्स को अपने पक्ष में करने में सफल रहेंगे।
व्यापार करने वाले जातकों को अपने क्षेत्र में भारी मुनाफा देखने को मिलेगा। नए ग्राहकों का जुड़ाव होगा और बाजार में आपकी साख मजबूत होगी। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझने के आसार हैं और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा। सरकारी कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होंगी और शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों के साथ आपके संपर्क मजबूत होंगे।
वृश्चिक राशि: 11वें लाभ भाव में सूर्य का प्रवेश कराएगा हर क्षेत्र में फायदा
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर अत्यंत फलदायी रहने वाला है, क्योंकि सूर्य देव आपकी राशि से एकादश भाव यानी लाभ और मनोकामना पूर्ति के भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष के मूलभूत नियमों के अनुसार एकादश भाव में सूर्य का गोचर हमेशा सर्वश्रेष्ठ और सर्वसिद्धिदायक माना जाता है।
इस 30 दिनों के कालखंड में आपकी सभी अधूरी इच्छाएं और योजनाएं पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। नौकरीपेशा लोगों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे कार्यस्थल पर आपका रुतबा बढ़ेगा। आपकी आमदनी में नियमित स्रोतों के अलावा अतिरिक्त स्रोतों (Secondary Income) से भी धन का प्रवाह शुरू होगा, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहद मजबूत हो जाएगी।
व्यापारियों के लिए यह समय किसी नए प्रोजेक्ट या बड़े निवेश की शुरुआत करने के लिए अनुकूल है। विदेशी संपर्कों या दूरदराज के क्षेत्रों से व्यापारिक लाभ मिलने के योग हैं। सामाजिक दायरे में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और कई प्रभावशाली लोगों से आपकी मित्रता होगी जो भविष्य में आपके करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय आपके आत्मविश्वास और ऊर्जा में जबरदस्त बढ़ोतरी लेकर आएगा।
अगले 30 दिनों तक सूर्य देव की कृपा पाने के सरल ज्योतिषीय उपाय
इन तीनों राशियों के जातक यदि इस 30 दिवसीय शुभ काल में कुछ विशेष दैनिक ज्योतिषीय नियमों और उपायों का पालन करें, तो सूर्य देव की शुभ ऊर्जा का लाभ कई गुना बढ़ जाता है।
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प्रतिदिन प्रातः काल सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में शुद्ध जल लेकर उसमें थोड़ा सा रोली, अक्षत और लाल पुष्प डालकर ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ अथवा ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का 11 बार जप करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।
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रविवार के दिन विशेष रूप से नमक का सेवन कम से कम करें और जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करें।
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प्रतिदिन सुबह स्नान के उपरांत श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें; यह स्तोत्र कार्यक्षेत्र में अजेय सफलता, यश और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
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अपने पिता, गुरुजनों और वरिष्ठ अधिकारियों का हमेशा सम्मान करें और घर से निकलते समय पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद अवश्य लें।
17 सितंबर से कन्या संक्रांति के साथ शुरू होने वाला यह 30 दिनों का समय वृषभ, सिंह और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए अपने सपनों को हकीकत में बदलने का सबसे अनुकूल अवसर है। सही रणनीति, कड़ी मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़कर इन राशियों के जातक अपने जीवन में सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।
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