बार-बार टूट रहे हैं नाखून? शरीर में इस विटामिन और पोषक तत्व की हो गई है कमी, ऐसे पहचानें लक्षण

खूबसूरत और मजबूत नाखून न केवल हाथों की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि वे आपके शरीर की अंदरूनी सेहत का आईना भी होते हैं। कई बार देखा जाता है कि थोड़ा सा दबाव पड़ते ही नाखून बीच से चटक जाते हैं, किनारों से टूटने लगते हैं या उनकी ऊपरी परत पपड़ी बनकर उतरने लगती है। अधिकांश लोग इसे बार-बार पानी में हाथ डालने या खराब नेल पॉलिश का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, अगर आपके नाखून लगातार कमजोर होकर टूट रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर आपके शरीर में गंभीर पोषण की कमी (न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी) की ओर इशारा करता है। जब शरीर को अंदर से जरूरी विटामिन और खनिज नहीं मिलते, तो उसका पहला असर हमारे बालों और नाखूनों की गुणवत्ता पर ही दिखाई देता है।

शरीर में किस चीज की कमी से टूटते हैं नाखून?

नाखून मुख्य रूप से ‘केराटिन’ (Keratin) नामक प्रोटीन से बने होते हैं। जब शरीर में कुछ खास माइक्रोन्यूट्रिएंट्स कम होने लगते हैं, तो केराटिन का उत्पादन और उसकी मजबूती प्रभावित होती है। नाखूनों के कमजोर होने के पीछे मुख्य रूप से ये कमियां जिम्मेदार होती हैं:

  • बायोटिन (विटामिन B7) की कमी: यह नाखूनों के टूटने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह मानी जाती है। बायोटिन शरीर में अमीनो एसिड के मेटाबॉलिज्म में मदद करता है, जो केराटिन के निर्माण के लिए जरूरी है। इसकी कमी से नाखून बेहद पतले और भंगुर (ब्रिटल) हो जाते हैं।

  • आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया): जब शरीर में खून या आयरन की कमी होती है, तो नाखूनों की कोशिकाओं तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इसके कारण नाखून कमजोर हो जाते हैं और कभी-कभी चम्मच के आकार (स्पून शेप्ड या कोइलोनिशिया) में मुड़ने लगते हैं।

  • कैल्शियम और विटामिन D: हड्डियों की तरह ही नाखूनों की संरचनात्मक मजबूती के लिए कैल्शियम अनिवार्य है। यदि शरीर में विटामिन D कम होगा, तो कैल्शियम का अवशोषण नहीं हो पाएगा, जिससे नाखून आसानी से टूटने लगेंगे।

  • जिंक और प्रोटीन का अभाव: जिंक नई कोशिकाओं के तेजी से विकास और मरम्मत के लिए जिम्मेदार होता है। इसकी कमी से नाखूनों पर सफेद धब्बे (ल्यूकोनीशिया) दिखने लगते हैं और वे बेजान हो जाते हैं। वहीं डाइट में प्रोटीन की कमी नाखूनों की ग्रोथ को धीमा कर देती है।

नाखूनों के संकेत देखकर समझें अंदरूनी समस्या

आपके नाखूनों की बनावट और रंगत शरीर के भीतर चल रही कमियों को साफ बयां करती है:

  • नाखूनों पर खड़ी रेखाएं (वर्टिकल रिजेस): यह उम्र बढ़ने के साथ या शरीर में विटामिन B12 और मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है।

  • सफेद धब्बे और खुरदरापन: आमतौर पर जिंक और कैल्शियम के असंतुलन की वजह से होता है।

  • पीले या मोटे नाखून: यह कई बार फंगल इन्फेक्शन या थायरॉइड और लिवर से जुड़ी समस्याओं की चेतावनी हो सकता है।

  • परतदार होकर टूटना: अत्यधिक सूखापन, बार-बार साबुन व डिटर्जेंट का संपर्क और विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी इसका कारण बनती है।

डाइट में शामिल करें ये चीजें, लौट आएगी प्राकृतिक चमक

दवाइयों और सप्लीमेंट्स से पहले अपनी रोजमर्रा की थाली में बदलाव करके आप नाखूनों को दोबारा मजबूत और चमकदार बना सकते हैं:

  • बायोटिन से भरपूर चीजें: अंडे की जर्दी, बादाम, अखरोट, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, शकरकंद और मशरूम को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।

  • आयरन और हीमोग्लोबिन बूस्टर्स: पालक, मेथी, चुकंदर, अनार, किशमिश, दालें और गुड़ का नियमित सेवन करें ताकि शरीर में खून की कमी पूरी हो सके।

  • डेयरी और कैल्शियम स्रोत: रोजाना एक गिलास दूध, ताजा दही, पनीर या टोफू और तिल के बीजों का सेवन करें। साथ ही सुबह की हल्की धूप जरूर लें ताकि विटामिन D मिल सके।

  • पर्याप्त पानी और हाइड्रेशन: शरीर में पानी की कमी होने से भी नाखून सूखकर कड़े हो जाते हैं और जल्दी टूटते हैं, इसलिए दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।

रोजमर्रा की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान आदतें

डाइट में सुधार के साथ-साथ नाखूनों की बाहरी देखभाल भी जरूरी है। बर्तन धोते समय या केमिकल वाले क्लीनर का उपयोग करते वक्त रबर के दस्ताने पहनें। रात को सोने से पहले नाखूनों और क्यूटिकल्स पर नारियल का तेल, बादाम का तेल या वैसलीन लगाकर 2 मिनट हल्की मालिश करें, जिससे वहां ब्लड सर्कुलेशन सुधरे और नमी बनी रहे। इसके अलावा एसीटोन वाले नेल रिमूवर का बार-बार इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि यह नाखूनों की प्राकृतिक चिकनाई छीन लेता है। यदि सही खानपान के बावजूद समस्या महीनों तक बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलकर रूटीन ब्लड टेस्ट (सीबीसी, आयरन प्रोफाइल और विटामिन डी-बी12) जरूर करवाएं।

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