मथुरा/वृंदावन। वृंदावन के केसी घाट के समीप शुक्रवार को हुए भीषण नाव हादसे के बाद दूसरे दिन भी यमुना की लहरों में जिंदगी की तलाश जारी है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की संयुक्त टीमों ने शनिवार सुबह 5:30 बजे से फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। प्रशासन ने इस बार 20 अत्याधुनिक मोटरबोट्स को मैदान में उतारा है, जो करीब 10 किलोमीटर के दायरे में लापता लोगों को ढूंढ रही हैं।
लापता श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी: परिजनों का बुरा हाल
प्रशासनिक आंकड़ों और मौके पर पहुंचे परिजनों के दावों के बीच अब लापता श्रद्धालुओं की संख्या सात बताई जा रही है। हालांकि सरकारी सूची में यह संख्या कम थी, लेकिन कई ऐसे परिवार सामने आए हैं जिनके सदस्य नाव पर सवार थे और अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।
-
एक और शव बरामद: शनिवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान एक और श्रद्धालु माणिक टंडन (निवासी अबोहर, पंजाब) का शव बरामद हुआ है।
-
कुल मौतें: इस हृदयविदारक हादसे में अब तक कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है।
10 शव एंबुलेंस से पंजाब भेजे गए, घरों में मचा कोहराम
हादसे का शिकार हुए 10 श्रद्धालुओं के शवों का पोस्टमार्टम देर रात ही पूरा कर लिया गया था।
-
लुधियाना: लुधियाना निवासी मृतकों के शव शनिवार सुबह 10 बजे उनके निवास स्थान पहुंच गए।
-
जगराओं: जगराओं के रहने वाले श्रद्धालुओं के पार्थिव शरीर दोपहर तक पहुंचने की उम्मीद है।
जैसे-जैसे एंबुलेंस पंजाब की गलियों में पहुंच रही हैं, पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं।
जांच के घेरे में ‘पैंटून पुल’ और लापरवाही
हादसे की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यमुना पर बने पैंटून पुल (पीपा पुल) को जोड़ने के दौरान तेज बहाव के कारण पुल का एक हिस्सा अनियंत्रित होकर मोटरबोट से टकरा गया।
-
क्षमता से अधिक सवार: बताया जा रहा है कि नाव में 37 से अधिक लोग सवार थे।
-
मजिस्ट्रेट जांच: जिलाधिकारी सीपी सिंह ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच एडीएम वित्त डॉ. पंकज वर्मा को सौंप दी है।
-
बचाव: स्थानीय गोताखोरों और मल्लाहों की बहादुरी से 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जो विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
यमुना किनारे टिकी हैं पथराई आंखें
यमुना के घाटों पर अभी भी कई परिवार इस उम्मीद में बैठे हैं कि शायद उनका कोई अपना जीवित मिल जाए या कम से कम उनका पार्थिव शरीर ही मिल जाए। एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत और एडीएम वित्त की निगरानी में गोताखोर लगातार पानी की गहराई और बहाव के साथ संघर्ष कर रहे हैं।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया