नोएडा। 13 अप्रैल को नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुई भीषण हिंसा के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हिंसा भड़काने के मुख्य आरोपी और ‘मास्टरमाइंड’ आदित्य आनंद को नोएडा पुलिस ने शनिवार को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस को उसके दिल्ली में छिपे होने की आशंका थी, जिसके लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
नोएडा पुलिस की पांच टीमें पिछले कई दिनों से आदित्य आनंद की तलाश में जुटी थीं। सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसे तमिलनाडु में लोकेट किया और शनिवार दोपहर उसे दबोच लिया। आदित्य पर आरोप है कि उसने श्रमिकों के प्रदर्शन को उग्र बनाया और हिंसा के लिए उकसाया।
एटीएस की जांच में ‘आतंकी कनेक्शन’ का खुलासा
इस मामले ने तब गंभीर मोड़ ले लिया जब यूपी एटीएस (ATS) को इसमें आतंकी कनेक्शन के संकेत मिले:
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आतंकी हैंडलर्स से संपर्क: जांच में सामने आया है कि हिंसा भड़काने के लिए इस्तेमाल किए गए दो प्रमुख एक्स (X) अकाउंट्स के संचालकों ने लखनऊ से गिरफ्तार हुए आतंकियों के हैंडलर्स से ‘सोशल कॉल’ के जरिए बातचीत की थी।
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आगजनी का पैटर्न: एटीएस का मानना है कि नोएडा में जिस तरह से वाहनों और संपत्तियों में आग लगाई गई, उसका पैटर्न लखनऊ से मिले आतंकी वीडियो से काफी मिलता-जुलता है।
सोशल मीडिया पर फैलाई गई ‘मौत’ की अफवाह
जांच में दो एक्स अकाउंट— ‘अनुषी तिवारी प्राउड इंडियन नबी’ और ‘मीर इलयास आइएनसी’ की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
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इन अकाउंट्स से 13 और 14 अप्रैल को लगातार भड़काऊ पोस्ट की गईं।
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पोस्ट में झूठा दावा किया गया कि नोएडा हिंसा में कई लोगों की मौत हो गई है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में दहशत फैल गई और भीड़ और अधिक हिंसक हो गई।
अब तक की बड़ी अपडेट्स:
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रिहाई: शांति भंग के आरोप में जेल भेजे गए 299 आरोपियों को कोर्ट से रिहाई मिल चुकी है।
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जांच: एटीएस की दो टीमें अभी भी नोएडा में डेरा डाले हुए हैं और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हिंसा के पीछे किसी बड़े विदेशी मॉड्यूल का हाथ तो नहीं था।
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