कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल का साइलेंट किलर: क्या आपकी कुर्सी ही है कैंसर का कारण? इन 5 लक्षणों को न करें नजरअंदाज

आज के दौर में कैंसर अब केवल उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रही। भारत में 30 से 40 वर्ष की आयु के युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से कई लोग ऐसे हैं जो न धूम्रपान करते हैं और न ही शराब का सेवन करते हैं। ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर वरुण गोयल के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण हमारा ‘कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल’ है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना, तनाव और खराब खान-पान शरीर में अंदर ही अंदर कैंसर सेल्स को जन्म दे रहे हैं।

‘एक्टिव काउच पोटैटो सिंड्रोम’ और खतरा

रिसर्च बताती है कि जो लोग रोजाना जिम तो जाते हैं, लेकिन दिन के 10-12 घंटे लगातार कुर्सी पर बैठे रहते हैं, वे भी कैंसर की चपेट में आ सकते हैं। इसे ‘एक्टिव काउच पोटैटो सिंड्रोम’ कहा जाता है। लगातार बैठने से शरीर में फैट जमा होता है, जो हार्मोनल इम्बैलेंस और शरीर में सूजन (Inflammation) पैदा करता है। यह सूजन ब्रेस्ट, लीवर, कोलन, किडनी और फेफड़ों के कैंसर सहित 13 प्रकार के कैंसर का कारण बन सकती है।

इन 5 आदतों को तुरंत बदलें

डॉक्टरों ने ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को कुछ गंभीर आदतों के प्रति चेताया है, जो धीरे-धीरे घातक साबित हो सकती हैं:

  • लगातार बैठना: 11-12 घंटे कुर्सी से चिपके रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और कैंसरकारी तत्व सक्रिय होने लगते हैं।

  • अत्यधिक तनाव: ऑफिस का परफॉर्मेंस प्रेशर शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ हार्मोन बढ़ाता है, जो शरीर की इम्यूनिटी और कैंसर सेल्स को खत्म करने वाली कोशिकाओं को कमजोर कर देता है।

  • नींद की कमी: ब्लू लाइट और नाइट शिफ्ट आपकी सर्कैडियन रिदम को बिगाड़ती है, जिससे DNA रिपेयर की प्रक्रिया रुक जाती है।

  • अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड: ऑफिस की वेंडिंग मशीन या कैंटीन में मिलने वाले पैकेटबंद और प्रोसेस्ड फूड कैंसर के खतरे को 12% तक बढ़ा सकते हैं।

ये लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण 3-4 हफ्तों से लगातार बने हुए हैं, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें:

  1. बिना कारण वजन कम होना: अचानक 4-5 किलो वजन का गिरना खतरे की घंटी हो सकता है।

  2. शारीरिक बदलाव: मल या पेशाब की आदतों में अचानक बदलाव या इनमें खून आना।

  3. गांठ महसूस होना: गर्दन, ब्रेस्ट, बगल या जांघ में कोई असामान्य गांठ दिखना।

  4. लगातार थकान: भरपूर नींद के बाद भी हर समय थका हुआ महसूस करना।

  5. पुराने घाव या खांसी: मुंह के छाले जो ठीक न हो रहे हों, या लगातार खांसी और आवाज में बदलाव।

बचाव के लिए अपनाएं ये ‘गोल्डन रूल्स’

कैंसर से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में ये छोटे बदलाव आज ही शामिल करें:

  • ब्रेक लें: हर 45 मिनट के काम के बाद अपनी सीट से उठें और कम से कम 5 मिनट टहलें।

  • हेल्थ मॉनिटरिंग: हर साल अपना BMI, ब्लड शुगर और CRP टेस्ट जरूर करवाएं।

  • फाइबर युक्त आहार: प्रोसेस्ड फूड को ना कहें और डाइट में हरी सब्जियां व फाइबर शामिल करें।

  • स्लीप हाइजीन: चाहे काम कितना भी हो, 7 घंटे की गहरी नींद से समझौता न करें।

  • एक्टिव रहें: ऑफिस वेलनेस प्रोग्राम, योगा या स्टेप चैलेंज जैसी एक्टिविटीज में जरूर हिस्सा लें।

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