यूपी के 6 जिलों में 17 अगस्त से शुरू होगा अग्निवीर भर्ती का महाअभियान, मेरठ से लेकर अयोध्या तक 9 महीने तक चलेंगी रैलियां

भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का जज्बा रखने वाले उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार और भारतीय सेना के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में अग्निवीर भर्ती रैलियों का वृहद आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया का आगाज़ आगामी 17 अगस्त 2026 से होने जा रहा है। लगभग नौ महीनों तक चलने वाला यह मेगा रिक्रूटमेंट अभियान अगले वर्ष 14 अप्रैल 2027 तक राज्य के अलग-अलग सैन्य क्षेत्रों और खेल मैदानों पर आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में आयोजित होने जा रही यह तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली है, जिसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों के रजिस्टर्ड युवा अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। इस विशाल आयोजन को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

मेरठ से शुरू होगा अग्निवीर भर्ती का सिलसिला, जानें सभी 6 जिलों का पूरा शेड्यूल

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अग्निवीर भर्ती रैलियों के तिथिवार कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है। जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, इस भर्ती अभियान का पहला चरण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से शुरू होगा। मेरठ में भर्ती रैली का आयोजन 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके पश्चात रुहेलखंड क्षेत्र के बरेली जिले में 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच युवाओं की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी।

वर्ष 2027 की शुरुआत में मध्य यूपी और पूर्वांचल के जिलों में भर्ती का दौर शुरू होगा। राज्य की राजधानी लखनऊ में 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027 तक अग्निवीर भर्ती रैली होगी। इसके बाद बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027 तक रैलियां आयोजित की जाएंगी। ताजनगरी आगरा में 4 मार्च से 24 मार्च 2027 तक भर्ती प्रक्रिया चलेगी। अंत में, इस महाअभियान का समापन प्रभु श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में होगा, जहां 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक अंतिम चरण की भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी। इस अभियान के माध्यम से अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर और अग्निवीर ट्रेड्समैन के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक: अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा के सख्त निर्देश

लोक भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अभिषेक प्रकाश, लखनऊ पुलिस आयुक्त तरुण गाबा और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि मेरठ, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और अयोध्या के ज़िलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान जिलों में अत्यधिक भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए आवागमन, बस एवं रेल सेवाओं के समन्वय, रैन बसेरों में ठहरने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, सचल शौचालय और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं। इसके अतिरिक्त, भर्ती स्थलों पर किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य संबंधी आपातस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में मेडिकल टीमों, डॉक्टरों, जीवन रक्षक दवाओं और एम्बुलेंस गाड़ियों की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे भर्ती परिसरों के आसपास सुचारु यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अग्रिम कार्ययोजना लागू करें।

शारीरिक दक्षता परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के महत्वपूर्ण चरण

अग्निवीर भर्ती रैली में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया के कई कड़े चरणों से गुजरना होगा। कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) पास कर चुके अभ्यर्थी ही इन रैलियों में शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक मापदंड परीक्षण (PST) के लिए मैदान में उतरेंगे। 1.6 किलोमीटर की दौड़, बीम (पुल-अप्स), 9 फीट की खाई कूदना और ज़िग-ज़ैग बैलेंस जैसे शारीरिक टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों का मौके पर ही प्रारंभिक मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।

सेना भर्ती कार्यालय द्वारा अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे भर्ती स्थल पर आते समय अपने सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, अविवाहित होने का प्रमाण पत्र, एनसीसी अथवा खेलकूद प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), आधार कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ्स का पूरा सेट साथ लेकर आएं। दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कूटरचित दस्तावेज पाए जाने पर अभ्यर्थी की दावेदारी तुरंत निरस्त कर दी जाएगी।

पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक युवाओं के लिए सेना में जाने का स्वर्णिम अवसर

उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रही यह तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली प्रदेश के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाली है। सेना में शामिल होकर भारत माता की सेवा करने का लक्ष्य रखने वाले युवाओं के लिए यह 9 महीने लंबा अभियान एक बड़ा अवसर है। पश्चिमी यूपी के किसान परिवारों के युवाओं से लेकर पूर्वांचल और अवध के युवाओं तक, सभी इस रैली के लिए महीनों से मैदानों में पसीना बहा रहे हैं। जिला प्रशासनों और भारतीय सेना के एआरओ (Army Recruiting Offices) ने मिलकर भर्ती मैदानों की बैरिकेडिंग, दौड़ ट्रैकों की मरम्मत और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। शासन का मुख्य उद्देश्य यही है कि हजारों किलोमीटर दूर से आने वाले अभ्यर्थियों को निष्पक्ष, पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले।

Check Also

15 अगस्त से अयोध्या राम मंदिर में पुजारियों के लिए बदला नियम, अब गर्भगृह में दिखेगा रामानंदाचार्य परंपरा का भव्य रूप! जानें नया ड्रेस कोड, पीताम्बरी वस्त्र और पूजा व्यवस्था में हुए बड़े बदलाव

अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य और दिव्य जन्मभूमि मंदिर की पूजा व्यवस्था को …