हार्ट अटैक का खतरा करना है कम? खान-पान और वर्कआउट के अलावा रोज करें ये 5 जरूरी काम, दिल रहेगा हमेशा मजबूत और हेल्दी

आज की तेज रफ्तार और तनावभरी जिंदगी में दिल की बीमारियां (Cardiovascular Diseases) किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले रही हैं। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि केवल अच्छा खाना खाने और जिम में पसीना बहाने से दिल पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है। निस्संदेह संतुलित आहार और नियमित व्यायाम दिल को तंदुरुस्त रखने की पहली सीढ़ी हैं, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट्स और मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आपकी दैनिक जीवनशैली की कुछ अन्य सूक्ष्म आदतें भी सीधे तौर पर आपकी धमनियों (Arteries), रक्तचाप और हृदय गति पर गहरा असर डालती हैं। यदि आप इन 5 आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लें, तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और एथेरोस्क्लेरोसिस जैसी जानलेवा स्थितियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

7 से 8 घंटे की गहरी और निर्बाध नींद लें

नींद केवल शरीर की थकान मिटाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपके हृदय तंत्र की रीपेयरिंग का समय होता है। जब आप गहरी नींद में होते हैं, तो आपकी हृदय गति और रक्तचाप स्वाभाविक रूप से धीमे हो जाते हैं, जिससे दिल को आराम मिलता है।

लगातार 6 घंटे से कम सोना शरीर में ‘कॉर्टिसोल’ (स्ट्रेस हार्मोन) को बढ़ाता है, जिससे धमनियों में सूजन और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने लगता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हर रात 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेने वाले लोगों में कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं का जोखिम 30% तक कम होता है।

मानसिक तनाव कम करने के लिए रोजाना 10-15 मिनट ध्यान (Meditation) करें

लगातार बना रहने वाला क्रोनिक स्ट्रेस दिल का सबसे बड़ा गुप्त दुश्मन है। जब आप तनाव या चिंता में होते हैं, तो शरीर में एड्रेनालाईन का स्राव बढ़ जाता है, जिससे दिल की धड़कनें तेज होती हैं और धमनियां सिकुड़ जाती हैं।

दिन में कम से कम 10 से 15 मिनट प्राणायाम, डीप ब्रीदिंग (गहरी सांस लेने का अभ्यास) या माइंडफुलनेस मेडिटेशन के लिए निकालें। यह अभ्यास पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जिससे नसों में खिंचाव कम होता है और ब्लड सर्कुलेशन सामान्य बना रहता है।

दिनभर में पानी की सही मात्रा पिएं और शरीर को हाइड्रेटेड रखें

शरीर में पानी की कमी (Dehydration) का सीधा असर आपके खून के गाढ़ेपन पर पड़ता है। जब शरीर डिहाइड्रेटेड होता है, तो रक्त गाढ़ा हो जाता है, जिससे हृदय को पूरे शरीर में ब्लड पंप करने के लिए अतिरिक्त दबाव लगाना पड़ता है।

पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से रक्त वाहिकाओं की इलास्टिसिटी बनी रहती है और ब्लड क्लॉट्स (रक्त के थक्के) बनने की संभावना कम होती है। सुबह उठकर खाली पेट गुनगुना पानी पीने और दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास तरल पदार्थ लेने की आदत दिल के कार्यभार को हल्का रखती है।

धूम्रपान और पैसिव स्मोकिंग से पूरी तरह दूरी बनाएं

सिगरेट, बीड़ी या हुक्का का धुआं फेफड़ों से ज्यादा आपके दिल को नुकसान पहुंचाता है। तंबाकू में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन के स्तर को तेजी से घटाते हैं और कोरोनरी धमनियों की आंतरिक परत (Endothelium) को सीधे डैमेज करते हैं। इससे धमनियों में फैट और प्लाक जमने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

यदि आप खुद स्मोकिंग नहीं भी करते हैं, तो भी सिगरेट पीने वालों के पास खड़े रहने (पैसिव स्मोकिंग) से बचें, क्योंकि यह भी दिल की बीमारी का खतरा उतना ही बढ़ाती है।

ओरल हाइजीन का रखें खास ख्याल, रोजाना दो बार ब्रश और फ्लॉस करें

मुंह की स्वच्छता और दिल की सेहत के बीच का संबंध बहुत गहरा है। दांतों और मसूड़ों में होने वाली सड़न व मसूड़ों की सूजन (Gingivitis/Periodontitis) पैदा करने वाले बैक्टीरिया मुंह से सीधे रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं।

ये बैक्टीरिया हृदय के वाल्व्स और धमनियों तक पहुंचकर ‘एंडोकार्डाइटिस’ और धमनियों में सूजन पैदा कर सकते हैं। रोजाना सुबह और रात को सोने से पहले दांतों को अच्छी तरह ब्रश करना, जीभ की सफाई और फ्लॉसिंग करना मसूड़ों के बैक्टीरिया को दिल तक पहुंचने से रोकता है।

नियमित हेल्थ मॉनिटरिंग भी है जरूरी

इन 5 दैनिक आदतों के साथ-साथ, 30 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार अपनी लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल टेस्ट), ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और ईसीजी की बुनियादी जांच जरूर कराएं। किसी भी समस्या को शुरुआती चरण में पकड़कर सही कदम उठाना ही एक स्वस्थ और दीर्घायु हृदय की असली कुंजी है।

Check Also

हार्ट अटैक का खतरा घटाती हैं ये 5 मछलियां, जानिए दिल को मजबूत रखने का सही तरीका

कार्डियोवस्कुलर बीमारियां और हार्ट अटैक आज दुनिया भर में असमय मौतों की सबसे बड़ी वजहों …