
मानव शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए आयोडीन एक अनिवार्य सूक्ष्म पोषक तत्व (Essential Micronutrient) है। यह थायरॉइड ग्रंथि के कामकाज और थायरॉक्सीन (T4 व T3) हार्मोन्स के निर्माण के लिए सबसे बुनियादी घटक माना जाता है। शरीर में आयोडीन की कमी होने से घेंघा (Goitre), हाइपोथायरायडिज्म, अचानक वजन बढ़ना, अत्यधिक थकान, बालों का झड़ना और मानसिक एकाग्रता में कमी जैसी कई गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से आयोडीन का निर्माण नहीं करता, इसलिए इसे दैनिक आहार के माध्यम से ही प्राप्त करना पड़ता है। यदि आप भी शरीर में आयोडीन की कमी के लक्षणों से जूझ रहे हैं, तो इन 4 चीजों को अपनी रोजाना की डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
1. आयोडीन युक्त नमक (Iodised Salt)
आयोडीन की दैनिक आवश्यकता को पूरा करने का सबसे सरल, सुलभ और प्रभावी तरीका आयोडीन युक्त नमक का सीमित और नियमित सेवन है।
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उपयोग का तरीका: साधारण टेबल सॉल्ट की जगह हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित आयोडाइज्ड नमक का ही इस्तेमाल करें।
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सावधानी: नमक की अधिक मात्रा हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती है, इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार एक वयस्क को प्रतिदिन केवल आधा से एक छोटा चम्मच (लगभग 5 ग्राम) नमक ही लेना चाहिए।
2. डेयरी उत्पाद: दूध, दही और पनीर (Dairy Products)
शाकाहारी लोगों के लिए डेयरी उत्पाद आयोडीन का सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत हैं। दुधारू पशुओं के चारे और प्रसंस्करण के दौरान दूध में आयोडीन की अच्छी मात्रा आ जाती है।
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दही: एक कप साधारण दही शरीर की दैनिक आयोडीन जरूरत का करीब 50 प्रतिशत तक हिस्सा पूरा कर सकती है। इसके साथ ही यह आंतों के लिए प्रोबायोटिक्स का भी बेहतरीन काम करती है।
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गाय का दूध और पनीर: रोजाना एक गिलास गाय का दूध और सीमित मात्रा में कॉटेज चीज (पनीर) खाने से शरीर को आयोडीन के साथ-साथ कैल्शियम और विटामिन डी भी भरपूर मिलता है।
3. सीफूड और मछलियां (Fish and Seafood)
समुद्री पानी में प्राकृतिक रूप से आयोडीन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, इसलिए जो लोग मांसाहारी आहार लेते हैं, उनके लिए सीफूड आयोडीन का सबसे ताकतवर विकल्प है।
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कॉड और टूना फिश: कॉड (Cod) मछली में फैट की मात्रा बेहद कम और आयोडीन की मात्रा काफी अधिक होती है। लगभग 85 ग्राम कॉड मछली खाने से शरीर को जरूरी आयोडीन का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा मिल जाता है।
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झींगा (Shrimp): झींगा भी आयोडीन के साथ-साथ प्रोटीन और विटामिन बी-12 का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है।
4. अंडे (Whole Eggs)
अंडा संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक सुपरफूड माना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह आयोडीन की कमी को दूर करने में भी बेहद असरदार है।
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जर्दी (Egg Yolk) में होता है आयोडीन: अंडे में मौजूद आयोडीन का लगभग पूरा हिस्सा उसके पीले भाग यानी जर्दी में पाया जाता है। एक उबले हुए पूरे अंडे से लगभग 24 से 26 माइक्रोग्राम आयोडीन मिल सकता है, जो रोजाना की आवश्यकता का करीब 16 प्रतिशत है।
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हार्मोनल संतुलन: अंडे में मौजूद सेलेनियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स आयोडीन के साथ मिलकर थायरॉइड ग्रंथि के कार्य को और अधिक बेहतर बनाते हैं।
संतुलन बनाए रखना भी है जरूरी
आयोडीन की कमी जितनी नुकसानदेह है, इसका अत्यधिक सेवन भी थायरॉइड के संतुलन को बिगाड़ सकता है। एक स्वस्थ वयस्क को रोजाना औसतन 150 माइक्रोग्राम (mcg) आयोडीन की जरूरत होती है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को बिना डॉक्टर की सलाह के लेने के बजाय इन प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करना ही सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है।
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