नई दिल्ली: लोकसभा में गुरुवार को संविधान संशोधन और परिसीमन विधेयक 2026 पेश किए जाने के दौरान सियासी पारा गरमा गया। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा ने निर्वाचन क्षेत्रों के नक्शे बदलने या परिसीमन के जरिए कोई राजनीतिक साजिश रची, तो उसका हश्र भी अयोध्या जैसा ही होगा और भाजपा पूरे उत्तर प्रदेश से हाथ धो बैठेगी।
‘नारी को सिर्फ नारा बना रही है भाजपा’
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा हमेशा से महिलाओं को पुरुषों के बराबर हक देने की पक्षधर रही है, लेकिन भाजपा नारी शक्ति को केवल एक चुनावी नारे के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
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संगठन पर सवाल: अखिलेश ने पूछा कि भाजपा जिस ‘पैरेंटल ऑर्गेनाइजेशन’ (आरएसएस) से निकली है, वहां महिलाओं को कितना सम्मान और जगह दी गई है?
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मुख्यमंत्री का उदाहरण: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एनडीए की 21 राज्यों में सरकारें हैं, लेकिन वहां कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं? दिल्ली की सीएम को तो उन्होंने ‘हाफ सीएम’ करार दिया, जिनके पास पूरे अधिकार ही नहीं हैं।
परिसीमन और जनगणना पर घेरा: ‘क्या है भाजपा का असली लक्ष्य?’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर जाति जनगणना को टालना चाहती है। उनके भाषण के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार रहे:
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आरक्षण से डर: अखिलेश ने कहा कि भाजपा जाति गणना इसलिए नहीं करा रही क्योंकि फिर पिछड़ों के असली आरक्षण का सवाल उठेगा, जिसे भाजपा देना नहीं चाहती।
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इलेक्टोरल मैप की साजिश: उन्होंने आशंका जताई कि परिसीमन के जरिए लोकसभा क्षेत्रों का नक्शा इस तरह बदला जाएगा जिससे भाजपा को फायदा हो। उन्होंने मांग की कि पहले नई जनगणना हो और सही आंकड़ों के आधार पर ही परिसीमन किया जाए।
पिछड़ों और मुस्लिम महिलाओं के हक की मांग
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल में ‘कोटा के भीतर कोटा’ की अपनी पुरानी मांग को फिर दोहराया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा ‘आधी आबादी’ में मुस्लिम और पिछड़ी महिलाओं को नहीं गिनती? उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग की कि आरक्षण को तभी पूर्ण माना जाएगा जब इसमें पिछड़ी, दलित और अल्पसंख्यक (विशेषकर मुस्लिम) महिलाओं को शामिल किया जाए।
‘यूपी में 600 विधानसभा सीटों का गणित और षड्यंत्र’
अखिलेश ने कहा कि परिसीमन के बाद यूपी विधानसभा की सीटें बढ़कर 600 और लोकसभा की 120 होने की चर्चा है। उन्होंने सरकार को आगाह किया:
बड़ी चेतावनी: “अगर इस संख्या वृद्धि की आड़ में कोई गुप्त एजेंडा या षड्यंत्र छिपा है, तो भाजपा याद रखे कि जैसे वह अयोध्या हारी थी, वैसे ही एक बार फिर उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देगी।”
उन्होंने रोटेशन प्रणाली का भी विरोध किया और कहा कि बिना सुधार और बिना जनगणना के यह बिल महिलाओं को उनका पूरा हक देने में विफल रहेगा
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