नई दिल्ली/लाइफस्टाइल डेस्क। अक्सर हम स्वाद बढ़ाने के चक्कर में कई ऐसी चीजों को एक साथ मिलाकर खा लेते हैं, जो हमारे शरीर के लिए ‘स्लो पॉइजन’ यानी धीमे जहर की तरह काम करती हैं। क्या आप जानते हैं कि जिस शहद को आप वजन घटाने के लिए गर्म पानी में डालकर पी रहे हैं, वह आपके पाचन तंत्र को बर्बाद कर सकता है? आयुर्वेद के अनुसार, हर खाद्य पदार्थ की अपनी एक प्रकृति (तासीर) होती है। जब हम परस्पर विरोधी प्रकृति वाली चीजों का सेवन एक साथ करते हैं, तो शरीर के दोष—वात, पित्त और कफ—असंतुलित हो जाते हैं, जिसका सीधा असर हमारी मेटाबॉलिज्म और इम्यूनिटी पर पड़ता है।
शहद और गर्म पानी: वजन घटाने का नुस्खा या बीमारी का न्योता?
अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट में हम आपको बता रहे हैं कि सुबह-सुबह गर्म पानी या चाय में शहद डालकर पीना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक, शहद को कभी भी गर्म करके या गर्म चीजों के साथ नहीं लेना चाहिए। गर्म होने पर शहद ‘टॉक्सिन्स’ (विषैले तत्व) पैदा करने लगता है। यह चिपचिपा पदार्थ न केवल पाचन को धीमा कर देता है, बल्कि धमनियों में अवरोध भी पैदा कर सकता है।
घी और शहद की दुश्मनी: बराबर मात्रा है खतरनाक
रसोई के ये दो सबसे गुणकारी तत्व जब एक साथ मिलते हैं, तो आयुर्वेद इन्हें ‘विरुद्ध आहार’ की श्रेणी में रखता है। घी की तासीर ठंडी होती है और शहद की गर्म। यदि इन दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर खाया जाए, तो यह शरीर के अंदर जाकर जहर के समान प्रभाव डालते हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अगर आप एक की मात्रा अधिक और दूसरे की कम रखते हैं, तो यह सुरक्षित हो सकता है, लेकिन बराबरी का अनुपात पेट की गंभीर समस्याओं का कारण बनता है।
दूध और नॉन-वेज: स्किन एलर्जी का सबसे बड़ा कारण
अक्सर लोग डिनर में चिकन या मछली खाने के बाद दूध पी लेते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है। दूध एक संपूर्ण आहार है जिसकी प्रकृति शीतल है, वहीं मांसाहार ऊष्म (गर्म) प्रकृति का होता है। इन दोनों का मिश्रण पाचन क्रिया में भारी उथल-पुथल मचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कॉम्बिनेशन से शरीर में ऐसे टॉक्सिन्स बनते हैं जो आगे चलकर विटिलिगो (सफेद दाग) या सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों का आधार बन सकते हैं।
फलों के साथ पानी और भोजन: रुक जाएगी पाचन की गाड़ी
फल अपने आप में एक स्वतंत्र आहार हैं। आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों ही मानते हैं कि फल खाने के तुरंत बाद पानी पीना पेट के एसिड को पतला कर देता है, जिससे पाचन रुक जाता है। वहीं, अगर आप भोजन के साथ या तुरंत बाद फल खाते हैं, तो फल पेट में ही फर्मेंट (सड़ने) लगते हैं। इससे गैस, ब्लोटिंग और खट्टी डकारों की समस्या पैदा हो जाती है। फलों को हमेशा खाने से आधा घंटा पहले या बाद में ही खाना चाहिए।
दूध और नमक का मेल: खून को कर सकता है दूषित
चाय के साथ नमकीन या दूध से बनी ग्रेवी वाली सब्जियों में नमक का इस्तेमाल हम रोज करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूध और नमक का संयोग खून और त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है? दूध की शीतलता और नमक की उष्णता का यह मेल लंबे समय में शरीर की अंदरूनी सफाई प्रणाली को ठप कर देता है। अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो आज ही अपनी थाली से इन गलत तालमेलों को बाहर कर दें।
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