नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। शरीर में थकान और कमजोरी महसूस होने पर अक्सर हम इसे आयरन की कमी या सामान्य एनीमिया मानकर खुद ही सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयरन की कमी जैसे दिखने वाले ये लक्षण एक गंभीर जेनेटिक बीमारी ‘थैलेसीमिया’ (Thalassemia) के भी हो सकते हैं? थैलेसीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर स्वस्थ हीमोग्लोबिन बनाने की क्षमता खो देता है, जिसके परिणामस्वरूप व्यक्ति को जीवनभर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ सकती है।
मेदांता गुरुग्राम के सीनियर डायरेक्टर डॉ. सत्य प्रकाश यादव के अनुसार, थैलेसीमिया और साधारण एनीमिया के लक्षण इतने मिलते-जुलते हैं कि लोग अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। समय पर पहचान न होने पर यह बीमारी शरीर के अंगों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है। आइए जानते हैं उन 5 बड़े लक्षणों के बारे में जिन्हें आपको बिल्कुल भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।
1. सप्लीमेंट लेने के बाद भी लगातार बनी रहने वाली थकान
थकान होना आयरन की कमी का सबसे आम लक्षण है, लेकिन थैलेसीमिया में भी यही स्थिति होती है। फर्क यह है कि अगर आप आयरन की गोलियां ले रहे हैं और फिर भी आपकी थकान और सुस्ती दूर नहीं हो रही, तो समझ लीजिए कि समस्या हीमोग्लोबिन के स्तर में नहीं बल्कि उसकी संरचना (Structure) में है। यह थैलेसीमिया का एक बड़ा संकेत हो सकता है।
2. त्वचा और आंखों में असामान्य पीलापन
पीली त्वचा को अक्सर साधारण खून की कमी से जोड़ा जाता है। हालांकि, थैलेसीमिया के मरीजों में रेड ब्लड सेल्स (RBC) बहुत तेजी से टूटते हैं। यदि आपकी त्वचा सामान्य से अधिक पीली या फीकी दिख रही है, तो यह संकेत है कि आपके शरीर में हेल्दी रेड ब्लड सेल्स की भारी कमी हो रही है।
3. मामूली शारीरिक मेहनत पर सांस फूलना
सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा चलने पर भी अगर आपकी सांस फूलने लगती है, तो लोग इसे कमजोरी मान लेते हैं। डॉ. यादव के अनुसार, थैलेसीमिया के कारण शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन की सही आपूर्ति नहीं हो पाती, जिससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है और रोजमर्रा के छोटे कामों में भी सांस लेने में कठिनाई होने लगती है।
4. बार-बार सिरदर्द और चक्कर आना
दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण बार-बार सिर चकराना, ध्यान केंद्रित न कर पाना और सिरदर्द होना थैलेसीमिया के लक्षण हो सकते हैं। चूंकि ये लक्षण साधारण एनीमिया में भी होते हैं, इसलिए सटीक पहचान के लिए डॉक्टर की सलाह पर विशेष ब्लड टेस्ट (जैसे- Hb Electrophoresis) कराना जरूरी है।
5. बच्चों की ग्रोथ में रुकावट और कमजोर हड्डियां
बच्चों और किशोरों में अगर विकास की गति धीमी है या उनकी हड्डियां कमजोर दिख रही हैं, तो इसे केवल पोषण की कमी न मानें। थैलेसीमिया बोन मैरो (अस्थि मज्जा) की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, जिससे बच्चों का शारीरिक विकास रुक सकता है और चेहरे की हड्डियों की बनावट में भी बदलाव आ सकता है।
सावधानी ही बचाव है: खुद डॉक्टर न बनें
यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि थैलेसीमिया के मरीज को बिना डॉक्टर की सलाह के आयरन सप्लीमेंट देना खतरनाक हो सकता है। शरीर में आयरन की अधिकता अंगों (जैसे लिवर और हार्ट) को डैमेज कर सकती है। यदि आपकी फैमिली हिस्ट्री में ऐसी कोई समस्या रही है या ऊपर दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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