योगी सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक: यूपी में अप्रैल से बदलेगा पुष्टाहार का सिस्टम, ‘फेस रिकग्निशन’ से होगी बच्चों और महिलाओं की पहचान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कुपोषण के खिलाफ जंग में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। आगामी अप्रैल से प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए ‘रेसिपी आधारित’ पुष्टाहार की नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। खास बात यह है कि अब राशन वितरण में किसी भी तरह की धांधली को रोकने के लिए चेहरा पहचान प्रणाली (Face Recognition System – FRS) का इस्तेमाल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।


अब राशन के लिए ‘फेस स्कैन’ है जरूरी

पुष्टाहार वितरण में शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एफआरएस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है।

  • नो ऑफलाइन डिस्ट्रीब्यूशन: अब पुष्टाहार का ऑफलाइन वितरण पूरी तरह अमान्य होगा।

  • पारदर्शिता: चेहरा पहचान प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि पुष्टाहार असली लाभार्थी तक ही पहुंच रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

7 श्रेणियों के लिए अलग-अलग ‘मेनू’: किसे क्या मिलेगा?

सरकार ने लाभार्थियों की उम्र और जरूरत के हिसाब से सात अलग-अलग श्रेणियों में पौष्टिक भोजन तय किया है:

लाभार्थी वर्ग क्या मिलेगा (रेसिपी)
6 माह से 3 वर्ष के बच्चे आटा-बेसन का मीठा हलवा
3 से 6 वर्ष के बच्चे आटा-बेसन की बर्फी और दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी (नमकीन)
गर्भवती व धात्री महिलाएं आटा-बेसन-सोया बर्फी और दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी
अतिकुपोषित बच्चे (SAM) विशेष ‘बाल संजीवनी’ पौष्टिक हलवा और दलिया

माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होगा आहार

इस नई रेसिपी में भारत सरकार के मानकों के अनुसार कैलोरी और प्रोटीन के साथ-साथ 11 अन्य आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स (सूक्ष्म पोषक तत्व) शामिल किए गए हैं। इसका उत्पादन ‘राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ की स्वयं सहायता समूहों की इकाइयों द्वारा किया जाएगा। जहां इसकी व्यवस्था नहीं होगी, वहां नैफेड (NAFED) के जरिए आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

301.19 करोड़ का फंड मंजूर: गुणवत्ता से समझौता नहीं

पुष्टाहार की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 301.19 करोड़ रुपये के ‘वायबिलिटी गैप फंड’ (VGF) को मंजूरी दी है।

  • क्यों जरूरी था फंड: दरअसल, पुष्टाहार की लागत 2017 के पुराने रेट्स पर आधारित थी, जिससे उत्पादन इकाइयों को घाटा हो रहा था।

  • फायदा: इस नए फंड से उत्पादन इकाइयां बिना किसी आर्थिक दबाव के उच्च गुणवत्ता वाला ‘टेक होम राशन’ (THR) तैयार कर सकेंगी।

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