Fatty Liver: फैटी लिवर के मरीजों के लिए बड़ी राहत, रिसर्च में सामने आया इसे ठीक करने का बेहद आसान और सस्ता तरीका

नई दिल्ली: बदलती जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण ‘फैटी लिवर’ एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब यह बीमारी उन लोगों को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है जो शराब का सेवन नहीं करते, जिसे मेडिकल भाषा में ‘नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज’ (NAFLD) कहा जाता है। हाल ही में हुई एक नई रिसर्च ने इस गंभीर समस्या से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद की किरण जगाई है। वैज्ञानिकों ने एक आम विटामिन के जरिए लिवर में जमा चर्बी को कम करने का प्रभावी तरीका खोज निकाला है।

लिवर के दुश्मन ‘miR-93’ मॉलिक्यूल का हुआ खुलासा

दक्षिण कोरिया के उल्सान नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (UNIST) के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि हमारे शरीर में ‘माइक्रोआरएनए-93’ (miR-93) नाम का एक छोटा मॉलिक्यूल फैटी लिवर की बीमारी में विलेन की भूमिका निभाता है। फैटी लिवर से पीड़ित मरीजों में इस मॉलिक्यूल का स्तर काफी अधिक पाया गया। यह मॉलिक्यूल लिवर के लिए फायदेमंद ‘SIRT1’ जीन को काम करने से रोकता है, जिससे लिवर फैट को प्रोसेस नहीं कर पाता और वहां चर्बी जमा होने लगती है।

विटामिन-B3 (नियासिन): फैटी लिवर के खिलाफ नया हथियार

‘मेटाबॉलिज्म’ जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, वैज्ञानिकों ने जब 150 से अधिक दवाओं और पोषक तत्वों का परीक्षण किया, तो पाया कि विटामिन-B3 (नियासिन) miR-93 के स्तर को कम करने में सबसे अधिक कारगर है। चूहों पर किए गए प्रयोग में देखा गया कि विटामिन-B3 देने से SIRT1 जीन की सक्रियता फिर से बढ़ गई, जिससे लिवर का मेटाबॉलिज्म बेहतर हुआ और जमा फैट धीरे-धीरे कम होने लगा। इसके अलावा, इंसुलिन सेंसिटिविटी में भी सुधार देखा गया।

किफायती और सुरक्षित इलाज की उम्मीद

विटामिन-B3 एक आम पोषक तत्व है जो पहले से ही कई स्वास्थ्य स्थितियों के लिए सुरक्षित माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फैटी लिवर के मरीजों के लिए विटामिन-B3 युक्त आहार या डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स देना इलाज का एक नया, सुलभ और किफायती विकल्प हो सकता है। हालांकि, इंसानों पर इसके व्यापक प्रभाव को पूरी तरह पुख्ता करने के लिए अभी और अधिक क्लीनिकल ट्रॉयल्स की आवश्यकता है।

इन प्राकृतिक चीजों से बढ़ाएं विटामिन-B3 का स्तर

डॉक्टरों का कहना है कि बिना डॉक्टरी सलाह के विटामिन-B3 के सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा नुकसानदेह हो सकती है। आप अपने आहार में प्राकृतिक स्रोतों को शामिल कर इसकी कमी पूरी कर सकते हैं:

  • मूंगफली और नट्स: ये विटामिन-B3 के बेहतरीन स्रोत हैं।

  • साबुत अनाज: भूरे चावल (Brown Rice) और गेहूं में यह पर्याप्त मात्रा में होता है।

  • मशरूम और हरी सब्जियां: मटर और मशरूम को डाइट में शामिल करें।

  • चिकन और मछली: मांसाहारी लोग इनके जरिए नियासिन प्राप्त कर सकते हैं।

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