पूर्वोत्तर रेलवे का बड़ा कदम: लखनऊ-गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी ट्रैक पर बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार

पूर्वोत्तर रेलवे (North Eastern Railway) के यात्रियों के लिए सफर अब और भी आसान, आरामदायक और सुपरफास्ट होने जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने लखनऊ-गोंडा, गोरखपुर-वाल्मीकिनगर और भटनी-वाराणसी ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार और उनकी संख्या बढ़ाने की दिशा में युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। इसका मुख्य कारण यह है कि पूर्वोत्तर रेलवे के इन तीनों व्यस्त रूटों को ‘हाई यूटीलाइज्ड ट्रैक’ (High Utilized Track) की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। रेलवे बोर्ड से निर्देश मिलते ही इन ट्रैक्स की क्षमता को दोगुना करने की कवायद तेज कर दी गई है।

क्षमता बढ़ाने के लिए बिछेगी तीसरी और चौथी रेल लाइन, सर्वे शुरू

ट्रेनों की स्पीड और फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के लिए रेलवे प्रशासन ने इन रूटों पर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना शुरू कर दिया है:

  • लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा रूट: इस व्यस्त मार्ग पर तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम काफी तेजी से चल रहा है, जबकि चौथी रेल लाइन के निर्माण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (Location Survey) का काम शुरू कर दिया गया है।

  • गोरखपुर-वाल्मीकिनगर रूट: इस ट्रैक पर दोहरीकरण (Doubling) का काम शुरू हो चुका है, जिसके तहत बड़े और छोटे पुल-पुलिया बनाने का काम जारी है।

  • फाटक मुक्त ट्रैक: हादसों को रोकने और रफ्तार को बेकाबू बनाए रखने के लिए रूट के सभी मानव रहित समपार फाटकों (Unmanned Level Crossings) को खत्म कर उनकी जगह आरओबी (Flyover) और आरयूबी (Underpass) बनाने की तैयारी है।

पीक सीजन में कम पड़ जाती है ट्रैक की क्षमता

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, गर्मी की छुट्टियों, दीपावली और छठ महापर्व जैसे बड़े त्योहारों में यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए जब स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती हैं, तो मौजूदा ट्रैक की क्षमता कम पड़ जाती है। बीते त्योहारों में पूर्वोत्तर रेलवे ने 150 से अधिक पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं, फिर भी भीड़ कम नहीं हुई थी। वर्तमान में भी कई समर स्पेशल ट्रेनें पटरियों पर दौड़ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक निश्चित सीमा के बाद स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाना मुमकिन नहीं होता, इसलिए इन लाइनों की क्षमता (Line Capacity) बढ़ जाने से भविष्य में डिमांड के मुताबिक नई ट्रेनें आसानी से संचालित की जा सकेंगी।

चारबाग स्टेशन पर 10 जून तक बढ़ा ब्लॉक, 22 ट्रेनों का मार्ग बदला

एक तरफ जहां लंबी अवधि के विकास कार्य चल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लखनऊ के मुख्य चारबाग रेलवे स्टेशन (Charbagh Railway Station) पर चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर कॉनकोर्स निर्माण (Concourse Construction) कार्य के चलते रेलवे ने ब्लॉक की अवधि को 10 जून तक बढ़ा दिया है (पहले यह 4 जून तक था)।

इस ब्लॉक के कारण 22 महत्वपूर्ण ट्रेनों को बदले हुए मार्ग (Diverted Route) से चलाया जाएगा, यानी ये ट्रेनें चारबाग स्टेशन पर नहीं आएंगी। इसके अलावा, 68 ट्रेनों के प्लेटफार्मों में अंतिम समय पर बदलाव किया गया है, जिनमें से अधिकांश ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 से संचालित किया जा रहा है।

ये प्रमुख ट्रेनें रहेंगी प्रभावित, बदले स्टेशनों से होगी रवानगी

ब्लॉक अवधि यानी 10 जून तक ट्रेनों के संचालन में किए गए कुछ मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

  • ट्रेन नंबर 15107/15108 लखनऊ-बनारस एक्सप्रेस अब चारबाग के बजाय केवल उतरेठिया स्टेशन तक ही आएगी और वहीं से वापस जाएगी।

  • 8 जून को आने वाली ट्रेन नंबर 22683 यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस उतरेठिया पर ही शॉर्ट-टर्मिनेट होगी और वापसी में 11 जून को ट्रेन नंबर 22684 उतरेठिया स्टेशन से ही यशवंतपुर के लिए रवाना होगी।

  • ट्रेन नंबर 64214/64203 लखनऊ-कानपुर मेमू (MEMU) चारबाग के बजाय लखनऊ जंक्शन (LJN) से चलाई जाएगी।

  • टनकपुर-सिंगरौली एक्सप्रेस, शक्तिनगर-टनकपुर, पटना-जम्मूतवी, गाजीपुर-कटरा, प्रयागराज-बरेली, पदमावत एक्सप्रेस, दानापुर-आनंद विहार एक्सप्रेस समेत कई अन्य गाड़ियां चारबाग न आकर आलमनगर, उतरेठिया, बादशाहनगर और ऐशबाग स्टेशनों से होकर गुजरेंगी।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह: उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने सभी यात्रियों से विशेष अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की सही और लाइव स्थिति की जानकारी भारतीय रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके जरूर ले लें। रेलवे ने रूट और प्लेटफार्म में हुए इस बड़े बदलाव का अलर्ट यात्रियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिए भी भेज दिया है।

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