सीएम योगी का विपक्ष पर बड़ा प्रहार, बोले- कुर्सी के डर ने रोका था विकास, अब बन गया मोबाइल हब..

लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के सफल 9 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर विपक्ष के उस ‘नोएडा अंधविश्वास’ पर करारा प्रहार किया है, जिसने दशकों तक सूबे के विकास की रफ्तार को थामे रखा था। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्रियों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले सत्ता के गलियारों में यह खौफ रहता था कि नोएडा जाने से कुर्सी छिन जाती है, लेकिन हमारी सरकार ने उस तथाकथित ‘अपशकुन’ और अंधविश्वास को जड़ से उखाड़ फेंका है। आज परिणाम सबके सामने है कि जिस नोएडा को अछूत माना जाता था, वह आज पूरी दुनिया में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

कुर्सी जाने के डर से नोएडा को किया गया दरकिनार

मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों में इच्छाशक्ति की भारी कमी थी। पिछले मुख्यमंत्रियों के लिए अपनी कुर्सी और सत्ता का मोह प्रदेश के विकास से कहीं ज्यादा बड़ा था। यही वजह थी कि अंधविश्वास के चलते नोएडा को विकास की मुख्यधारा से काटकर रखा गया। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जब उन्होंने कमान संभाली, तो सबसे पहले इसी डर को खत्म करने का फैसला किया। उन्होंने बार-बार नोएडा का दौरा कर यह साबित कर दिया कि जनकल्याण के मार्ग में अंधविश्वास की कोई जगह नहीं होती।

अंधविश्वास टूटा तो बदला यूपी का भाग्य

योगी आदित्यनाथ ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि जैसे ही नोएडा से राजनीतिक ‘अपशकुन’ का पर्दा हटा, वहां निवेश की बाढ़ आ गई। जो शहर कभी केवल जमीन के विवादों और भ्रष्टाचार के लिए जाना जाता था, आज वह उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। सैमसंग से लेकर दुनिया की दिग्गज कंपनियों ने यहां अपने प्लांट लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश मोबाइल उत्पादन में देश का नेतृत्व कर रहा है और यह सब उस अंधविश्वास को चुनौती देने की वजह से ही संभव हो पाया है।

9 साल के विकास का पेश किया रिपोर्ट कार्ड

अपनी सरकार के 9 वर्षों के कार्यकाल को उत्तर प्रदेश के पुनरुद्धार का काल बताते हुए सीएम ने कहा कि अब प्रदेश में ‘नोएडा मिथक’ जैसी बातों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने विपक्ष को घेरे में लेते हुए कहा कि जिन्होंने जनता की सेवा के बजाय अपनी कुर्सी को प्राथमिकता दी, उन्हें जनता ने खुद ही सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। आज का नोएडा केवल एनसीआर का हिस्सा नहीं, बल्कि वैश्विक मानचित्र पर उत्तर प्रदेश की नई और आधुनिक पहचान बन चुका है, जो करोड़ों युवाओं को रोजगार दे रहा है।

Check Also

यूपी पंचायत चुनाव में पहली बार लागू होगा ‘ट्रिपल टेस्ट फार्मूला’, जानें OBC आरक्षण का नया और वैज्ञानिक तरीका

उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनावों के लिए राज्य सरकार ने आरक्षण नीति …