कानपुर, मेरठ से बरेली तक… यूपी के इन शहरों में आज किस समय खुलेगा रोजा, देखें इफ्तार की सटीक टाइमिंग…

लखनऊ। रमजान-उल-मुबारक का मुकद्दस महीना जारी है और खुदा की इबादत में डूबे रोजेदारों के लिए सेहरी और इफ्तार का वक्त सबसे अहम होता है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में भौगोलिक स्थिति के कारण हर शहर में सूरज के डूबने का समय अलग-अलग होता है, जिसकी वजह से इफ्तार की टाइमिंग में भी कुछ मिनटों का अंतर देखने को मिलता है। मेरठ से लेकर कानपुर और बरेली तक, लोग अपने-अपने शहर की सटीक समय सारिणी का पालन कर रहे हैं।

यूपी के प्रमुख शहरों में इफ्तार का समय

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और पूर्वी हिस्से के समय में काफी अंतर रहता है। आज कानपुर में इफ्तार का समय शाम के वक्त नियत है, वहीं मेरठ और अलीगढ़ में यह समय थोड़ा भिन्न हो सकता है। बरेली और आगरा जैसे शहरों में भी स्थानीय मस्जिदों और इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार इफ्तार की घोषणा की जाएगी। रोजेदारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर की स्थानीय मस्जिद के सायरन या अजान के समय को ही अंतिम मानें।

सेहरी और इफ्तार की अहमियत

इस्लाम में रमजान के दौरान सुबह सूरज निकलने से पहले किए जाने वाले भोजन को ‘सेहरी’ और शाम को सूर्यास्त के बाद रोजा खोलने को ‘इफ्तार’ कहा जाता है। यह केवल खान-पान का समय नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और सब्र का इम्तिहान भी है। यूपी के हर जिले में इफ्तार के समय दस्तरख्वान सजने लगते हैं और लोग एक साथ मिलकर दुआएं मांगते हैं। शासन-प्रशासन की ओर से भी रमजान के दौरान बिजली और पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समय की मांग

आजकल अधिकांश लोग गूगल और सोशल मीडिया के जरिए अपने शहर की इफ्तार टाइमिंग चेक कर रहे हैं। कानपुर, मेरठ, अलीगढ़ और बरेली जैसे बड़े शहरों में इफ्तार के समय की सर्च सबसे ज्यादा देखी जा रही है। विशेष रूप से गूगल डिस्कवर पर लोग ‘आज इफ्तार का समय क्या है’ जैसे सवाल पूछ रहे हैं। स्थानीय उलेमाओं के अनुसार, रमजान का हर दिन बरकतों वाला होता है और समय का सही पालन करना रोजे की रूह का हिस्सा है।

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