हेल्थ अलर्ट: क्या आप भी टॉयलेट में ले जाते हैं मोबाइल? 15 मिनट से ज्यादा बैठना पड़ सकता है भारी, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स

नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग बन चुका है। आलम यह है कि लोग अब वॉशरूम जाते समय भी फोन साथ ले जाना नहीं भूलते। सोशल मीडिया स्क्रॉल करने या वीडियो देखने के चक्कर में लोग अक्सर टॉयलेट सीट पर 15 से 20 मिनट या उससे भी अधिक समय बिता देते हैं। पहली नजर में यह एक सामान्य आदत लग सकती है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (Gastroenterologists) ने इसे एक गंभीर चेतावनी माना है। डॉक्टरों के अनुसार, टॉयलेट सीट पर आवश्यकता से अधिक समय बिताना आपके शरीर के निचले हिस्से और पाचन तंत्र के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

क्यों खतरनाक है टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठना?

विशेषज्ञों के अनुसार, टॉयलेट सीट (विशेषकर वेस्टर्न कमोड) की बनावट ऐसी होती है कि उस पर बैठने से मलाशय (Rectum) और गुदा क्षेत्र की नसों पर सामान्य से कहीं अधिक दबाव पड़ता है। जब कोई व्यक्ति 10-15 मिनट से ज्यादा समय तक वहां बैठता है, तो यह गुरुत्वाकर्षण और बैठने की स्थिति का संयुक्त दबाव नसों में सूजन पैदा कर सकता है।

  • बवासीर (Piles) का खतरा: नसों पर लगातार दबाव पड़ने से वे फूल सकती हैं, जिससे बवासीर या पाइल्स की समस्या जन्म लेती है।

  • खून आना और दर्द: लंबे समय तक बैठने और जोर लगाने से मल त्याग के दौरान तेज दर्द, खुजली और रक्तस्राव (Bleeding) जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।

  • फिशर की समस्या: अधिक दबाव से गुदा क्षेत्र की त्वचा में कट या घाव हो सकते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में एनल फिशर कहा जाता है।

क्या लंबे समय तक बैठने से कब्ज ठीक होता है?

अक्सर लोग यह सोचते हैं कि कब्ज होने पर देर तक बैठने से पेट साफ हो जाएगा, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह एक बड़ी गलतफहमी है। हकीकत में, यह आदत स्थिति को और भी खराब कर देती है। अधिक देर तक बैठने और जोर लगाने से पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor) की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे मल त्याग की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित होती है। इससे ‘रेक्टल प्रोलैप्स’ (मलाशय का अपने स्थान से खिसकना) जैसी गंभीर स्थिति का खतरा भी बढ़ जाता है।

वेस्टर्न कमोड बनाम भारतीय टॉयलेट

डॉक्टरों का मानना है कि भारतीय शैली (Indian Style) के उकड़ू बैठने की स्थिति मल त्याग के लिए सबसे वैज्ञानिक और प्राकृतिक है। वेस्टर्न कमोड पर बैठने की स्थिति मलाशय के मार्ग को पूरी तरह सीधा नहीं होने देती, जिससे व्यक्ति को अधिक समय लगता है और दबाव भी ज्यादा पड़ता है। ऐसे में यदि साथ में मोबाइल फोन हो, तो समय का पता नहीं चलता और शरीर को नुकसान पहुंचता है।

इस गंभीर आदत से बचने के 4 प्रभावी तरीके

यदि आप भी टॉयलेट में मोबाइल ले जाने के शौकीन हैं, तो विशेषज्ञों के इन सुझावों पर अमल करें:

  1. मोबाइल को रखें बाहर: सबसे पहले वॉशरूम में मोबाइल या मैग्जीन ले जाने की आदत को पूरी तरह बंद करें। इससे आपका ध्यान केवल मल त्याग पर रहेगा और आप 5-10 मिनट में बाहर आ जाएंगे।

  2. फाइबर युक्त आहार: अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें। फाइबर मल को नरम बनाता है जिससे पेट जल्दी साफ होता है।

  3. पर्याप्त पानी और व्यायाम: दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं और शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। इससे पाचन तंत्र (Digestive System) दुरुस्त रहता है।

  4. डॉक्टर की सलाह: यदि आपको रोजाना 10-15 मिनट से ज्यादा समय लगता है, या मल के साथ खून आता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है, इसलिए तुरंत विशेषज्ञ से जांच कराएं।

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