‘मेरा ल्यारी’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल: धुरंधर के जवाब में बनी पाकिस्तानी फिल्म के बिके महज 22 टिकट, सोशल मीडिया पर उड़ रही खिल्ली

नई दिल्ली: भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ की वैश्विक सफलता और उसमें दिखाए गए पाकिस्तान के ‘ल्यारी’ इलाके के चित्रण से पड़ोसी मुल्क काफी आहत था। धुरंधर के जवाब में अपनी छवि सुधारने के लिए पाकिस्तान ने फिल्म ‘मेरा ल्यारी’ (Mera Lyari) मैदान में उतारी, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 मई को रिलीज हुई इस फिल्म के पहले दिन मात्र 22 टिकट ही बिक सके, जिसके बाद कई सिनेमाघरों से इसे हटा दिया गया।

क्या ‘धुरंधर’ का जवाब है यह फिल्म?

दरअसल, ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट में ल्यारी को जिस तरह एक स्पाई थ्रिलर के केंद्र में दिखाया गया, उससे वहां के स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था। उन्होंने दावा किया कि भारत ने उनके शहर की छवि खराब की है। इसके बाद ‘मेरा ल्यारी’ को एक ऐसी फिल्म के तौर पर प्रमोट किया गया जो वहां की असलियत दिखाएगी। हालांकि, जहां ‘धुरंधर’ ने करोड़ों की कमाई की, वहीं ‘मेरा ल्यारी’ को दर्शक नसीब नहीं हुए।

क्या है ‘मेरा ल्यारी’ की असली कहानी?

भले ही इसे धुरंधर का जवाब कहा जा रहा हो, लेकिन फिल्म का विषय पूरी तरह अलग है। यह कोई स्पाई थ्रिलर या आतंकवाद पर आधारित फिल्म नहीं है, बल्कि एक स्पोर्ट्स ड्रामा है।

  • बेटियों का संघर्ष: फिल्म में ल्यारी की लड़कियों की बेबसी और फुटबॉल के प्रति उनके जुनून को दिखाया गया है।

  • सामाजिक बेड़ियाँ: टीजर में दिखाया गया है कि कैसे एक पिता अपनी बेटी को फुटबॉल खेलने पर पीटता है और उसकी मां उसे समाज के डर से रोकती है।

  • विमेन सेंट्रिक: फिल्म पूरी तरह से महिला सशक्तिकरण और खेल के माध्यम से अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद पर आधारित है। इसमें कोई एंटी-इंडिया एंगल नजर नहीं आ रहा है।

फिल्म की स्टार कास्ट और निर्देशन

इस फिल्म का निर्देशन अबु अली ने किया है। फिल्म में पाकिस्तान की मशहूर एक्ट्रेस आयशा ओमर, सोशल मीडिया फेम दानानीर मोबीन (Pawri Girl) और सामिया मुमताज मुख्य भूमिकाओं में हैं। इतनी बड़ी स्टार कास्ट होने के बावजूद फिल्म का इस तरह फ्लॉप होना पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री के लिए चिंता का विषय है।

सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स के चटकारे

जैसे ही फिल्म के फ्लॉप होने की खबर आई, भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं।

  • एक यूजर ने लिखा, “धुरंधर के नाम पर कुछ भी बेचोगे क्या?”

  • दूसरे यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “इमेज सुधारने की तीसरी नाकाम कोशिश, आपकी क्या इमेज है ये इंडिया पहले ही ‘धुरंधर’ में दिखा चुका है।”

  • वहीं कुछ लोगों ने इसे पाकिस्तान की डूबती फिल्म इंडस्ट्री का एक और उदाहरण बताया।

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