रणवीर सिंह या अक्षय खन्ना नहीं, इस ‘नई एक्ट्रेस’ ने जीता मुकेश छाबड़ा का दिल, बताया क्यों था सबसे मुश्किल चुनाव

नई दिल्ली। ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ और इसके हालिया रिलीज सीक्वल ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ की सफलता ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रखा है। फिल्म की कहानी के साथ-साथ जिस चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है इसकी ‘परफेक्ट कास्टिंग’। मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा इन दिनों अपनी इस जादुई खोज के लिए वैश्विक स्तर पर वाहवाही बटोर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अक्षय खन्ना और रणवीर सिंह जैसे दिग्गजों के होने के बावजूद, मुकेश छाबड़ा ने एक ऐसे नाम का खुलासा किया है जिसकी कास्टिंग ने उन्हें सबसे ज्यादा सुकून और संतुष्टि दी।

300 कलाकारों की फौज और 2 साल की कड़ी मेहनत

मुकेश छाबड़ा ने एक विशेष बातचीत में बताया कि ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी के लिए सही चेहरों का चुनाव करना किसी हिमालय चढ़ने जैसा था। फिल्म के दोनों हिस्सों के लिए लगभग 300 कलाकारों की कास्टिंग की गई, जिसमें उन्हें पूरे दो साल का समय लगा। इस भारी-भरकम काम को अंजाम देने के लिए मुकेश ने आठ असिस्टेंट्स की मदद ली। उन्होंने बताया कि चाहे वह नवाज शरीफ के किरदार में मशहूर अमरोही हों या पिंदा के रूप में जसकीरत, हर छोटे-बड़े किरदार को बारीकी से तराशा गया ताकि वे स्क्रीन पर जीवंत लग सकें।

रणवीर-अक्षय नहीं, ‘सारा अर्जुन’ हैं मुकेश की पसंदीदा पसंद

जब मुकेश छाबड़ा से सवाल किया गया कि इतनी बड़ी स्टारकास्ट में वह किसकी कास्टिंग से सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं? तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने भारी-भरकम सुपरस्टार्स के बजाय सारा अर्जुन का नाम लिया। मुकेश ने कहा, “इतनी बड़ी और अनुभवी स्टारकास्ट के बीच एक नई लड़की को खोजना सबसे चुनौतीपूर्ण था। सारा अर्जुन एक उभरता हुआ टैलेंट हैं और उन्होंने जिस तरह से दोनों फिल्मों में खुद को साबित किया, उससे मेरी और निर्देशक आदित्य धर की पसंद पर मुहर लग गई है।”

संजय दत्त की कास्टिंग को मिला ‘असली’ वैलिडेशन

कास्टिंग की चर्चा के बीच मुकेश ने यह भी साझा किया कि पहले पार्ट में संजय दत्त का चुनाव इतना सटीक था कि असली चौधरी असलम की पत्नी ने भी इसकी तारीफ की। ‘धुरंधर 2’ में भी हर किरदार दर्शकों के दिल में सीधा उतर रहा है। मुकेश का मानना है कि सारा अर्जुन जैसे नए टैलेंट ने फिल्म में जो ताजगी भरी है, वही इस फिल्म की असली जान है। आदित्य धर के विजन को पर्दे पर उतारने के लिए सारा का चुनाव सबसे रिस्की लेकिन सबसे सफल फैसला साबित हुआ है।

Check Also

बॉलीवुड की पहली ‘बॉम्बशेल’ बेगम पारा, जिनकी बोल्डनेस से नफरत करते थे दिलीप कुमार; अमेरिकी सैनिकों में था गजब का क्रेज

हिंदी सिनेमा के ‘ट्रैजेडी किंग’ दिलीप कुमार (Dilip Kumar) की फिल्में, उनकी एक्टिंग और उनकी …