‘फैक्ट्री बंद कर देंगे…’, चीन की धमकी से कांपा पाकिस्तान; शहबाज सरकार ने रातों-रात दी गधे के मांस निर्यात को मंजूरी

Gwadar-CPEC News: आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को एक बार फिर अपने सबसे बड़े मददगार ‘चीन’ के सामने झुकना पड़ा है। एक चीनी कंपनी द्वारा अपना कारोबार समेटने और विदेशी निवेशकों को पाकिस्तान न आने की चेतावनी देने के बाद, शहबाज शरीफ सरकार ने रातों-रात गधे के मांस और खाल के चीन निर्यात को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के पीछे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का सीधा दखल और चीन को नाराज न करने की मजबूरी साफ नजर आ रही है।

क्या था मामला जिसने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा दी?

यह पूरा विवाद ग्वादर में स्थित ‘हनगेंग ट्रेड कंपनी’ से जुड़ा है। यह चीनी कंपनी वहां एक आधुनिक बूचड़खाना (Slaughterhouse) चलाती है, जहां से गधे का मांस और खाल चीन भेजी जाती है। पिछले तीन महीनों से पाकिस्तान के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय और पशु संगरोध विभाग में कंपनी की फाइलें धूल फांक रही थीं, जिससे कंपनी का करोड़ों का शिपमेंट बंदरगाह पर फंसा हुआ था।

चीनी कंपनी का ‘अल्टीमेटम’ और विदेशी निवेशकों को चेतावनी

परेशान होकर कंपनी ने 1 मई को एक कड़ा बयान जारी किया, जिसने पाकिस्तान के निवेश गलियारों में हड़कंप मचा दिया:

  • काम बंद करने की धमकी: कंपनी ने कहा कि सरकारी बाधाओं और नीतियों की अनिश्चितता के कारण वे अपनी फैक्ट्री बंद कर रहे हैं।

  • निवेशकों को अलर्ट: कंपनी ने अन्य देशों के निवेशकों को सलाह दी कि वे पाकिस्तान में पैसा लगाने से पहले यहां की संस्थागत खामियों को अच्छी तरह समझ लें।

  • नौकरशाही पर आरोप: कंपनी का दावा था कि सभी मानकों को पूरा करने के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारी फाइलों को आगे नहीं बढ़ा रहे थे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का ‘सुपरफास्ट’ एक्शन

चीनी कंपनी के इस सार्वजनिक विरोध से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को धक्का लगा। खासकर तब, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसी महीने के अंत में चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं।

  1. रातों-रात मंजूरी: शुक्रवार को पीएमओ ने मामले को अपने हाथ में लिया।

  2. कैबिनेट का फैसला: शनिवार सुबह तक कैबिनेट ने न केवल मांस निर्यात को मंजूरी दी, बल्कि विभाग ने आवश्यक परमिट भी तत्काल प्रभाव से जारी कर दिए।

  3. मजबूरी: पाकिस्तान इस समय चीन से भारी कर्ज और निवेश की उम्मीद लगाए बैठा है, ऐसे में वह ग्वादर में काम कर रही किसी भी चीनी कंपनी को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकता था।

आखिर चीन में गधों की इतनी भारी मांग क्यों है?

चीन में गधों का आयात केवल मांस के लिए नहीं, बल्कि मुख्य रूप से उनकी खाल (Skin) के लिए किया जाता है।

  • एजियाओ (Ejiao) दवा: गधे की खाल से चीन में ‘एजियाओ’ नामक एक पारंपरिक दवा बनाई जाती है।

  • उपयोग: इसे ‘ब्लड टॉनिक’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है जो खून की कमी, प्रजनन क्षमता बढ़ाने और चमकदार त्वचा के लिए बेहद लोकप्रिय (और महंगी) दवा मानी जाती है।

पाकिस्तान के लिए इसका आर्थिक गणित

पाकिस्तान दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां गधों की आबादी तेजी से बढ़ रही है।

  • सालाना निर्यात: पाकिस्तान हर साल लगभग 2,16,000 गधों के मांस और खाल का निर्यात करने का लक्ष्य रखता है।

  • राजस्व: इस व्यापार से पाकिस्तान को सालाना करीब 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर (30 करोड़ डॉलर) की विदेशी मुद्रा मिलने की उम्मीद है, जो उसकी डूबती अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी की तरह है।

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