मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर गरमाई सियासत, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अखिलेश यादव का जिक्र कर पूछा- क्या वो सक्षम नहीं थे?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा जेन-जेड (Gen-Z) के साथ हालिया संवाद और आरक्षण को लेकर दिए गए बयानों पर राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी तेज हो गई है। नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने मोहन भागवत के इन बयानों पर कड़ा पलटवार करते हुए तीखे सवाल उठाए हैं। चंद्रशेखर ने इस चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का भी जिक्र किया, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
अखिलेश यादव का जिक्र कर उठाया बड़ा सवाल
अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर आजाद ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं के रुख पर बात की। उन्होंने राजनीतिक समीकरणों का हवाला देते हुए तीखे अंदाज में सवाल किया कि क्या वे लोग सक्षम नहीं थे? चंद्रशेखर का कहना है कि देश के युवाओं और हाशिये पर मौजूद समुदायों को केवल बयानों से न्याय नहीं मिलने वाला, बल्कि उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए मजबूत और पारदर्शी नीतियों की सख्त जरूरत है। उनके इस बयान से सियासी हलकों में नई चर्चा छिड़ गई है।
युवाओं की नाराजगी और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने आगे कहा कि आज देश का युवा वर्ग भारी बेरोजगारी, भविष्य की अनिश्चितता और सिस्टम की खामियों से बुरी तरह जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन युवाओं से संवाद की बात की जा रही है, वे जमीनी हकीकत से जुड़े हैं क्योंकि आम छात्र अपनी बुनियादी समस्याओं को लेकर बेहद आक्रोशित हैं। आरक्षण और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर केवल ऊपरी चर्चा से काम नहीं चलेगा, बल्कि युवाओं के वास्तविक हितों को ध्यान में रखकर ठोस कदम उठाने होंगे।

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