Sonu Nigam Student Protest Remark: ‘मैंने स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट पर इसलिए कुछ नहीं बोला क्योंकि…’, अपने पिता के पाठ को याद कर बोले सोनू निगम, दिया यह बड़ा बयान

भारतीय संगीत जगत के ‘सुरों के जादूगर’ और पद्मश्री से सम्मानित गायक सोनू निगम (Sonu Nigam) न केवल अपनी सुरीली आवाज, बल्कि अपने बेबाक और स्पष्ट विचारों के लिए भी जाने जाते हैं। देश के सामाजिक, राजनीतिक या सांस्कृतिक मुद्दों पर वे अक्सर अपनी राय बहुत मुखर होकर रखते हैं। हालांकि, हाल के दिनों में जब देशभर में विभिन्न छात्र आंदोलनों (Student Protests) और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर हंगामा मचा हुआ था, तब सोनू निगम की ओर से कोई सार्वजनिक टिप्पणी सामने नहीं आई थी।

अब एक हालिया मीडिया इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि इतने बड़े और संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दे पर उन्होंने अपनी राय व्यक्त क्यों नहीं की और खामोशी क्यों बनाए रखी? इस पर सोनू निगम ने बेहद विचारशील और गरिमापूर्ण जवाब दिया। उन्होंने खुलासा किया कि इस मुद्दे पर चुप रहने के पीछे उनके पिता अगम कुमार निगम (Agam Kumar Nigam) द्वारा दी गई एक सीख और बचपन का पाठ था।

पिता की सीख को किया याद: ‘जब तक पूरा सच न पता हो, ज्ञान न बांटें’

इंटरव्यू के दौरान बातचीत करते हुए सोनू निगम ने अपने पिता के साथ बिताए लम्हों और उनकी दी हुई शिक्षाओं को याद किया। सोनू निगम ने बताया, “मैंने अपने पिता से बचपन में ही एक बहुत बड़ी बात सीखी थी। उन्होंने मुझसे कहा था कि किसी भी मुद्दे पर अपनी राय देने या बोलने से पहले यह पक्का कर लो कि तुम्हें उस पूरे मामले की शत-प्रतिशत जमीनी हकीकत और गहराई पता है या नहीं। यदि आधी-अधूरी जानकारी के साथ आप किसी भी सार्वजनिक बहस में कूद पड़ते हैं, तो आप समाधान का हिस्सा बनने के बजाय समस्या को और बढ़ा देते हैं।”

सोनू निगम ने आगे कहा, “जब स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट और अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रदर्शन चल रहे थे, तो मीडिया और सोशल मीडिया पर इतनी तरह की जानकारी (और भ्रामक जानकारी) तैर रही थी कि किसी के लिए भी कमरे में बैठकर सही और गलत का अंतिम फैसला करना मुश्किल था। छात्रों का दर्द अपनी जगह सही हो सकता है, लेकिन उसके पीछे की प्रशासनिक या राजनीतिक पेचीदगियों को समझे बिना केवल हेडलाइन्स बनाने के लिए बोलना मुझे गवारा नहीं था। इसीलिए मैंने अपने पिता की उस सीख पर अमल किया और बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी करने से परहेज किया।”

‘सेलेब्रिटीज का हर बात पर बोलना जरूरी नहीं’: सोनू निगम की दो टूक

सोनू निगम ने आज के दौर में सोशल मीडिया पर सेलेब्रिटीज के रवैये पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज एक ट्रेंड बन चुका है कि देश में कोई भी घटना हो, हर बड़े सितारे, गायक या अभिनेता से तुरंत बयान की उम्मीद की जाती है।

उन्होंने कहा, “आजकल अगर आप किसी मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते, तो लोग आपको ‘मौन’ या ‘गैर-जिम्मेदार’ ठहराने लगते हैं। लेकिन मेरा मानना अलग है। सेलिब्रिटी होने का मतलब यह नहीं है कि आपके पास दुनिया के हर मुद्दे का विशेषज्ञ ज्ञान है। एक गायक के रूप में मेरा काम अपने संगीत से लोगों के दिलों को जोड़ना और सही वक्त पर सही बात कहना है। केवल सोशल मीडिया पर ‘लाइक’ या ‘ट्रेंड’ पाने के लिए बिना सोचे-समझे किसी संवेदनशील मुद्दे में कूदना गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।”

सोनू निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि वे हमेशा से छात्रों, युवाओं और उनके भविष्य के हित में खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो छात्र अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं, उनका सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन इस संघर्ष का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

फैंस और सोशल मीडिया का रिएक्शन: सोनू निगम की समझदारी की हुई तारीफ

सोनू निगम का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने उनकी इस परिपक्वता (Maturity) और पिता की सीख का सम्मान करने वाले अंदाज की जमकर सराहना की।

यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर नेटिजन्स लिख रहे हैं कि सोनू निगम ने बिल्कुल सही बात कही है। एक यूजर ने लिखा, “आज के दौर में जहां हर कोई आधी जानकारी के साथ ज्ञान बांट रहा है, वहां सोनू निगम का यह बयान किसी मिसाल से कम नहीं है।” वहीं दूसरे यूजर ने कमेंट किया, “पिता की सीख को मानकर खामोशी बनाए रखना और बिना वजह की राजनीति से बचना ही असली बुद्धिमत्ता है।”

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