नई दिल्ली/लखनऊ: चिलचिलाती धूप और गर्मी के दस्तक देते ही घरों में ‘देसी फ्रिज’ यानी मिट्टी के मटके अपनी जगह बनाने लगते हैं। फ्रिज के चिल्ड पानी से होने वाली गले की खराश और जुकाम से बचने के लिए मटके का सोंधा पानी किसी अमृत से कम नहीं है। मिट्टी के घड़े न केवल पानी को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखते हैं, बल्कि इसके क्षारीय (Alkaline) गुण शरीर के pH लेवल को संतुलित रखने में भी मदद करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर मटके के रखरखाव में थोड़ी सी भी चूक हुई, तो यही ‘अमृत’ आपकी सेहत के लिए ‘जहर’ बन सकता है? अमर उजाला की रिपोर्टर शैली में जानिए वे 5 बड़ी गलतियां, जो अक्सर लोग मटके का इस्तेमाल करते समय करते हैं।
1. साबुन या डिटर्जेंट से सफाई की भूल
अक्सर लोग मटके को चमकाने के चक्कर में उसे साबुन या बर्तन धोने वाले लिक्विड से साफ कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। मिट्टी के मटके में सूक्ष्म रोमछिद्र होते हैं जो केमिकल को सोख लेते हैं। अगली बार जब आप इसमें पानी भरेंगे, तो वह केमिकल पानी में घुलकर आपके पेट में जाएगा। मटके को हमेशा सिर्फ साफ पानी और नरम कपड़े से रगड़कर ही धोएं।
2. मटके के अंदर सीधा हाथ या गिलास डालना
जल्दबाजी में कई लोग मटके के अंदर सीधे हाथ या गिलास डालकर पानी निकालते हैं। हमारे हाथों और नाखूनों में मौजूद बैक्टीरिया पानी को संक्रमित कर सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हमेशा लंबे हैंडल वाले ‘डोंगे’ का उपयोग करें या फिर नल (Tap) वाला मटका ही खरीदें।
3. धूप में मटका रखने की गलती
वाष्पीकरण (Evaporation) की प्रक्रिया से पानी तभी ठंडा रहता है जब मटका छायादार और हवादार जगह पर हो। इसे सीधी धूप में रखने से न केवल पानी गर्म हो जाता है, बल्कि मिट्टी के प्राकृतिक औषधीय गुण भी खत्म होने लगते हैं। बेहतर कूलिंग के लिए मटके को गीली बोरी या सूती कपड़े से लपेटकर रखें।
4. पुराने मटके का मोह न पालें
कई लोग बरसों पुराने मटके का इस्तेमाल करते रहते हैं। मिट्टी के मटके के रोमछिद्र समय के साथ बंद हो जाते हैं, जिससे पानी ठंडा होना बंद हो जाता है। इसके अलावा पुराने मटके की दीवारों पर काई या फंगस जमने का डर रहता है। सेहत और स्वच्छता के लिए हर साल नया मटका लेना ही समझदारी है।
5. ढक्कन की अनदेखी करना
हम मटके की तो सफाई करते हैं, लेकिन उसके ऊपर रखे जाने वाले ढक्कन या प्लेट को भूल जाते हैं। यदि ढक्कन ढीला है या गंदा है, तो धूल, मिट्टी और छोटे कीड़े पानी में जा सकते हैं। हमेशा मटके को एक फिट बैठने वाले साफ ढक्कन से ढंककर रखें।
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