नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में न्याय, अनुशासन, कर्म और वैराग्य के कारक माने जाने वाले शनि देव को नवग्रहों में सबसे प्रभावशाली और दंडाधिकारी ग्रह का दर्जा प्राप्त है। शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं, जिसके चलते उनकी ढैय्या, साढ़ेसाती या वक्री अवस्था के दौरान जातकों को कड़े इम्तिहानों, मानसिक तनाव और आर्थिक संघर्षों …
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