गलत खानपान और सुस्त जीवनशैली के कारण शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) का स्तर बढ़ना आज के समय में एक बेहद आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है. जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है, तो यह क्रिस्टल्स के रूप में हमारे जोड़ों (Joints) में जमा होना शुरू हो जाता है. इसकी वजह से जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन, उठने-बैठने में तकलीफ, पैरों के अंगूठे और उंगलियों में तेज चुभन और गाउट (Gout) जैसी बीमारियां घेर लेती हैं.
इस स्थिति में दवाओं के साथ-साथ अगर कुछ प्राकृतिक और घरेलू उपायों को आजमाया जाए, तो यूरिक एसिड को बहुत तेजी से फ्लश आउट (बाहर) किया जा सकता है. डॉक्टर भूषण रिसर्च लैब के आयुर्वेद डॉक्टर भूषण के अनुसार, हमारी रसोई में रखी चार खास चीजें—सौंफ, इलायची, पुदीना और सौंठ का कॉम्बिनेशन इस बीमारी को कंट्रोल करने के लिए एक वरदान साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि यह जादुई पानी यूरिक एसिड में कैसे काम करता है और इसे तैयार करने का सही तरीका क्या है.
50 से 60 फीसदी बीमारी तो सिर्फ इन चीजों के परहेज से हो जाएगी ठीक
डॉक्टर भूषण के मुताबिक, यदि आप यूरिक एसिड को हमेशा के लिए नियंत्रित करना चाहते हैं, तो सबसे पहले उन खाद पदार्थों से दूरी बनानी होगी जिनमें प्यूरिन (Purine) की मात्रा ज्यादा होती है. क्योंकि प्यूरिन के टूटने से ही शरीर में यूरिक एसिड बनता है.
मरीजों को अपनी डाइट से तुरंत इन चीजों को बाहर कर देना चाहिए:
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राजमा, छोले और साबुत दालें
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पनीर और अत्यधिक डेयरी प्रोडक्ट्स
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नॉनवेज (मांस-मछली) और सी-फूड
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शराब (Alcohol) और बीयर का सेवन
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बहुत ज्यादा तला-भुना, मैदा और प्रोसेस्ड जंक फूड
डॉक्टर का दावा है कि अगर आप सिर्फ नुकसान पहुंचाने वाली इन चीजों का पूरी तरह परहेज करना शुरू कर देते हैं, तो आपकी 50 से 60 फीसदी समस्या खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है. इसके बाद बची हुई कसर पोटैशियम से भरपूर फूड्स और डॉक्टर भूषण का यह खास हर्बल वाटर पूरी कर देता है.
यूरिक एसिड को बाहर निकालने वाले मैजिकल हर्बल वाटर की रेसिपी
डॉ. भूषण के अनुसार, इस विशेष अर्क या पानी को रोजाना दिनभर पीने से शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और जोड़ों के दर्द में जादुई आराम मिलता है.
आवश्यक सामग्री:
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छोटी इलायची: 1 चम्मच
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सौंफ: 1 चम्मच
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सूखा पुदीना: 1 चम्मच (या 14-15 ताजी पुदीने की पत्तियां)
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सोंठ (सूखी अदरक का पाउडर): ¼ चम्मच
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साफ पानी: 8 गिलास
बनाने और इस्तेमाल का तरीका:
एक बड़े बर्तन में 8 गिलास पानी लें. अब इसमें ऊपर बताई गई सभी सामग्रियों (इलायची, सौंफ, पुदीना और सौंठ) को अच्छी तरह मिला दें और कुछ घंटों के लिए ढककर छोड़ दें ताकि इन सभी औषधियों के गुण पानी में पूरी तरह समाहित हो जाएं. आपका हर्बल वाटर तैयार है. अब आपको अलग से सादा पानी पीने के बजाय दिनभर इसी पानी का सेवन करना है. डॉक्टर का दावा है कि सिर्फ एक सप्ताह (7 दिन) तक इसका नियमित सेवन करने से यूरिक एसिड के स्तर में आश्चर्यजनक सुधार देखने को मिल सकता है.
जानिए ये चारों सामग्रियां मिलकर कैसे करती हैं कमाल
1. छोटी इलायची (Cardamom)
इलायची में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी (Anti-inflammatory) गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. यह हमारे पाचन तंत्र और मेटाबॉलिज्म को इतना मजबूत बना देती है कि शरीर के भीतर बनने वाले अपशिष्ट और गंदे पदार्थों को किडनी आसानी से छानकर बाहर निकाल पाती है. यह जोड़ों की अंदरूनी सूजन को कम करने में बेहद मददगार है.
2. सौंफ (Fennel)
सौंफ पोटैशियम, फाइबर और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स का एक बेहतरीन स्रोत है. सौंफ शरीर में पानी के संतुलन (Water Balance) को बनाए रखने में मदद करती है. यह एक नेचुरल यूरेटिक की तरह काम करती है, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ती है और यूरिक एसिड मूत्र के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है. इसके पौधे से मिलने वाले यौगिक जोड़ों की अकड़न को दूर करते हैं.
3. सूखा पुदीना (Dried Mint)
पुदीने में मेंथॉल, फ्लेवोनॉयड्स और अन्य खास एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. यह शरीर को अंदर से डीटॉक्सिफाई (Toxic पदार्थों को बाहर निकालना) करने का काम करता है. पुदीना पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, पेट की गर्मी को शांत करता है और गाउट के कारण जोड़ों में होने वाली जलन से राहत दिलाता है.
4. सोंठ या सूखी अदरक (Dry Ginger)
सोंठ के भीतर जिंजरोल (Gingerol) और शोगाओल जैसे अत्यंत सक्रिय तत्व पाए जाते हैं. चिकित्सा विज्ञान में अदरक को दर्द निवारक और सूजनरोधी दवा के रूप में बेहद प्रभावी पाया गया है. यूरिक एसिड बढ़ने पर जब जोड़ों में तीव्र दर्द का दौरा (Gout Attack) पड़ता है, तब सोंठ का सेवन उस दर्द और सूजन की तीव्रता को कम करने में पेनकिलर की तरह काम करता है.
यूरिक एसिड के मरीज इन बातों का भी रखें विशेष ख्याल
एक्सपर्ट्स का स्पष्ट कहना है कि यूरिक एसिड की समस्या में केवल दवाओं के भरोसे बैठने से काम नहीं चलेगा, इसके लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में भी कुछ जरूरी बदलाव करने होंगे. दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पिएं ताकि किडनी यूरिक एसिड को आसानी से फिल्टर कर सके. अपने वजन को नियंत्रित रखें क्योंकि अत्यधिक वजन जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है जिससे दर्द और बदतर हो जाता है. विटामिन-सी और पोटैशियम से भरपूर ताजे फलों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं.
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