देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा प्रेस रिलीज के अनुसार, शनिवार यानी 6 जून 2026 को देश के उत्तर-पूर्व, दक्षिण प्रायद्वीपीय और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा, असम-मेघालय में ‘भारी’ चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह से आक्रामक रुख अख्तियार कर सकता है:
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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय: इन राज्यों में 6 जून को भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है। अत्यधिक बारिश के चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
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नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन क्षेत्रों में 6 से 11 जून के दौरान मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान आसमान में लगातार बिजली कड़कने के साथ 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
केरल में 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश, कर्नाटक-तेलंगाना भी भीगेंगे
दक्षिण भारत में मानसून की सक्रियता के चलते समुद्र तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है:
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केरल और तटीय कर्नाटक: केरल में 6 और 7 जून को अत्यधिक भारी वर्षा (20 सेमी तक) होने का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं तटीय कर्नाटक में लगातार हो रही भारी बारिश शनिवार को भी जारी रहेगी।
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लक्षद्वीप और तेलंगाना: इन क्षेत्रों में शनिवार को व्यापक स्तर पर मूसलाधार वर्षा होने की उम्मीद है।
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तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश: रायलसीमा और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ छिटपुट से मध्यम वर्षा हो सकती है और 40-60 किमी/घंटा की झोंकेदार हवाएं चलेंगी। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बौछारें
पूर्वी भारत के राज्यों में बादलों की आवाजाही के साथ राहत की फुहारें पड़ने वाली हैं। शनिवार को अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक वर्षा होने की उम्मीद है। अंडमान में भारी वर्षा का यह दौर 8 से 10 जून तक जारी रह सकता है। इसके अलावा, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में धूलभरी आंधी और बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में तपिश कम रहेगी:
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दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश: इन राज्यों में शनिवार को धूलभरी आंधी, मेघगर्जन और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
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हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर: पहाड़ी राज्यों के कई हिस्सों में शनिवार को छिटपुट बर्फबारी और झमाझम बारिश होने की संभावना है।
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राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में भयंकर धूलभरी आंधी (Dust Storm) चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार के बाद इन क्षेत्रों में तापमान में धीरे-धीरे दोबारा बढ़ोतरी दर्ज होगी।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भी दिखेगा आंधी का असर
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एमपी, छत्तीसगढ़ और विदर्भ: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के इलाकों में 6 जून को छिटपुट वर्षा के साथ तेज आंधी-तूफान और वज्रपात (बिजली गिरना) की आशंका जताई गई है।
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गुजरात और महाराष्ट्र: गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में शनिवार को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ खास इलाकों में 5 से 9 जून के बीच भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
कुल मिलाकर देखें तो 6 जून को देश के अधिकांश राज्यों में मानसून और चक्रवाती सिस्टम के कारण तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को भीषण चुभती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
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