ज्योतिषीय दृष्टिकोण से 18 जून 2026 का दिन इस साल का सबसे बड़ा और भाग्यशाली दिन साबित होने जा रहा है। कल देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे ब्रह्मांड में सबसे शुभ माना जाने वाला ‘गुरु पुष्य योग’ (Guru Pushya Yoga) निर्मित होगा।
पंचांग के अनुसार, गुरु 18 जून को पुष्य नक्षत्र के पहले चरण में प्रवेश करेंगे और 18 अगस्त 2026 तक यानी पूरे दो महीने इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। इस महासंयोग के दौरान 4 जुलाई को गुरु दूसरे चरण में, 19 जुलाई को तीसरे चरण में और 3 अगस्त को आखिरी चरण में गोचर करेंगे। ज्योतिषविदों का मानना है कि इस 2 महीने की अवधि में किए गए कुछ विशेष उपाय आपके घर में पूरे साल के लिए बरकत सुनिश्चित कर सकते हैं, जिससे साल 2026 के आने वाले महीने सुख-समृद्धि से बीतेंगे।
1. तिजोरी में रखें हल्दी और सिक्के की ये जादुई पोटली
गुरु पुष्य नक्षत्र को धन, सोने और अटूट समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। कल 18 जून के शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए यह उपाय जरूर करें:
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विधि: एक साफ पीले रंग के कपड़े में हल्दी की एक साबुत गांठ, एक सिक्का और कुछ पीली कौड़ियां रख लें।
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इस सामग्री को एक साथ बांधकर एक छोटी सी पोटली बना लें और इसे अपने घर की तिजोरी, लॉकर या अलमारी में स्थापित कर दें।
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लाभ: मान्यता है कि इस उपाय से मां लक्ष्मी स्थाई रूप से घर में वास करती हैं, जिससे सालभर पैसों की तंगी नहीं होती और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
2. मुख्य द्वार पर हल्दी-केसर से बनाएं यह पवित्र चिह्न
घर में आ रही लगातार परेशानियों और आर्थिक तंगी का कारण अक्सर नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) होती है। इसे दूर करने के लिए कल सुबह यह उपाय करें:
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विधि: थोड़ी सी पिसी हुई शुद्ध हल्दी और असली केसर को मिलाकर गंगाजल की मदद से एक गाढ़ा पेस्ट या घोल तैयार कर लें।
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अब अपने घर के मुख्य द्वार (Main Gate) पर इस पेस्ट से स्वास्तिक (Swastik), ‘ॐ’ या ‘श्री’ का चिह्न बनाएं।
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लाभ: फेंगशुई और भारतीय वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार पर हल्दी-केसर का यह उपाय घर के भीतर केवल सकारात्मक शक्तियों को प्रवेश करने देता है और बुरी नजर व दोषों को तुरंत खत्म करता है।
3. कनकधारा स्तोत्र का पाठ दूर करेगा पैसों की हर किल्लत
यदि आप लंबे समय से कर्ज या पैसों के संकट से जूझ रहे हैं, तो गुरु पुष्य योग के 5 घंटे के विशेष मुहूर्त में इस चमत्कारी पाठ का सहारा लें:
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विधि: कल सुबह पूजा के समय मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और पूरी श्रद्धा के साथ ‘कनकधारा स्तोत्र’ या ‘लक्ष्मी चालीसा’ का पाठ करें।
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लाभ: शास्त्रों के अनुसार, गुरु पुष्य योग के दौरान कनकधारा स्तोत्र का पाठ करने से दरिद्रता का नाश होता है और व्यक्ति को मानसिक शांति के साथ-साथ अचानक धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होते हैं।
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