मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन और उनकी पत्नी नताशा दलाल के लिए पिछला कुछ समय काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। वरुण ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अपनी नन्ही बेटी लारा की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर बड़ा खुलासा किया है। एक्टर ने बताया कि उनकी बेटी एक दुर्लभ मेडिकल कंडीशन ‘डेवलपमेंटल डिस्प्लेजिया ऑफ द हिप’ (DDH) से जूझ रही थी, जिसके कारण उसके चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो रही थी। वरुण ने इस दौरान आए उतार-चढ़ाव और इलाज की लंबी प्रक्रिया को साझा किया है।
क्या है DDH और लारा पर कैसे हुआ इसका असर?
वरुण धवन ने ‘बी ए मैन, यार!’ पॉडकास्ट में बताया कि लारा के हिप जॉइंट्स (कूल्हे के जोड़) में असंतुलन था। डीडीएच (DDH) एक ऐसी स्थिति है जिसमें कूल्हे का जोड़ ठीक से विकसित नहीं हो पाता और हड्डी अपने सॉकेट से बाहर खिसक जाती है। वरुण ने बताया, “इस वजह से लारा के पैरों में बैलेंस नहीं बन पा रहा था और उसे चलने या दौड़ने में काफी तकलीफ हो रही थी। समय पर पता चलना बहुत जरूरी था, वरना भविष्य में पैरों की लंबाई में अंतर आ सकता था।”
ढाई महीने ‘स्पाइका कास्ट’ में रही नन्ही लारा
बेटी के इलाज के कठिन दौर को याद करते हुए वरुण भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि लारा को करीब ढाई महीने तक ‘स्पाइका कास्ट’ (एक विशेष प्रकार का भारी प्लास्टर) में रहना पड़ा। यह कास्ट कूल्हे और पैरों को स्थिर रखने के लिए लगाया जाता है। वरुण ने कहा, “वह दौर हमारे लिए बहुत मुश्किल था। छोटी सी बच्ची को एनेस्थीसिया दिया गया और फिर उसे उस भारी कास्ट में रखा गया। एक पिता के तौर पर उसे उस हालत में देखना दिल तोड़ने वाला था।”
अब कैसी है लारा की तबीयत?
वरुण के प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि अब लारा की हालत में सुधार है। एक्टर ने जानकारी दी कि अब वह कास्ट हटा दिया गया है और लारा रिकवरी की राह पर है। वरुण ने खुशी जताई कि लारा को किसी बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी और डॉक्टरों ने एक विशेष प्रक्रिया के जरिए ही इस समस्या को ठीक कर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने से सब ठीक हो गया और वह धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
“सहानुभूति नहीं, जागरूकता चाहिए”
अपनी निजी जिंदगी की इस परेशानी को सार्वजनिक करने की वजह बताते हुए वरुण ने कहा, “मुझे किसी की सहानुभूति नहीं चाहिए। मैंने यह बात इसलिए बताई ताकि अन्य माता-पिता जागरूक हो सकें। भारत में इस बीमारी को लेकर जानकारी कम है।” वरुण ने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों की चाल और शारीरिक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखें और कुछ भी असामान्य लगने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। वरुण इस अनुभव पर एक किताब लिखने पर भी विचार कर रहे हैं ताकि अन्य परिवारों की मदद हो सके।
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