योगी सरकार का स्टार्टअप्स को बड़ा तोहफा: अब 10 साल तक नहीं होगी ‘इंस्पेक्टरी राज’ की टेंशन, जानें नई पॉलिसी

UP Startup Policy 2026: उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। नई स्टार्टअप नीति के तहत अब प्रदेश के पंजीकृत स्टार्टअप्स को श्रम विभाग के निरीक्षण (Inspection) से 10 साल तक की बड़ी छूट दी गई है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य ‘लालफीताशाही’ को खत्म करना और नए उद्यमियों को बिना किसी सरकारी हस्तक्षेप के अपना व्यवसाय बढ़ाने का मौका देना है।

‘स्व-प्रमाणन’ (Self-Certification) से मिलेगी आजादी

योगी सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत अब स्टार्टअप्स को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। स्टार्टअप्स अब ‘स्व-प्रमाणन’ व्यवस्था के माध्यम से श्रम विभाग में आवेदन कर सकेंगे। इसका मतलब है कि उद्यमी खुद यह प्रमाणित करेंगे कि वे सभी नियमों का पालन कर रहे हैं, और विभाग उनके इस भरोसे पर 10 साल तक कोई नियमित निरीक्षण नहीं करेगा। यह लाभ विशेष रूप से उन कारखानों और प्रतिष्ठानों को मिलेगा जो ‘गैर-खतरनाक’ (Non-Hazardous) श्रेणी में आते हैं।

कब तक और कैसे मिलेगी यह छूट?

श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह छूट दो स्थितियों में से जो भी पहले हो, तब तक प्रभावी रहेगी:

  1. इकाई स्थापित होने और ‘निवेश मित्र’ पोर्टल पर प्रदर्शित होने के दिन से 10 वर्ष तक।

  2. जब तक उस इकाई का स्टार्टअप दर्जा बरकरार रहता है।

खास बात यह है कि इस अवधि के दौरान श्रम कानूनों के उल्लंघन की किसी भी शिकायत पर तब तक कार्रवाई नहीं होगी, जब तक वह लिखित और सत्यापन योग्य न हो। ऐसी स्थिति में भी केवल श्रमायुक्त की विशेष अनुमति के बाद ही निरीक्षण किया जा सकेगा। हालांकि, किसी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में निरीक्षण के नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

जोखिम के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण

सरकार ने उद्योगों को उनकी प्रकृति के आधार पर राहत दी है:

  • कम जोखिम वाले उद्योग: पूरी तरह से निरीक्षण से मुक्त और स्व-प्रमाणन की सुविधा।

  • मध्यम जोखिम वाली इकाइयां: निजी एजेंसियों से ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराने की छूट।

  • स्टार्टअप्स: 10 साल तक का ‘इंस्पेक्शन हॉलिडे’।

यूपी में स्टार्टअप क्रांति के आंकड़े

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही नतीजा है कि उत्तर प्रदेश आज स्टार्टअप्स के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है:

  • कुल स्टार्टअप: 18,668 से अधिक।

  • महिला सशक्तिकरण: 7,236 स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक।

  • यूनिकॉर्न: प्रदेश में अब तक 08 यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स अपनी पहचान बना चुके हैं।

  • रोजगार: इन स्टार्टअप्स के माध्यम से 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।

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