
दीपावली के समापन के साथ ही उत्तर और पूर्वी भारत में लोक आस्था और सूर्य उपासना के चार दिवसीय महापर्व छठ की तैयारियां पूरे चरम पर पहुंच चुकी हैं। दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, पटना, गया और गोरखपुर जैसे बड़े औद्योगिक व व्यापारिक केंद्रों में रहने वाले लाखों प्रवासी अपने गृह जनपदों और गांवों की ओर लौटने लगे हैं। ट्रेनों में महीनों पहले से लंबी वेटिंग लिस्ट और लंबी कतारों के बीच आम यात्रियों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) और नगरीय परिवहन निदेशालय ने आज से लेकर छठ महापर्व के समापन तक व्यापक स्तर पर ‘त्योहार स्पेशल बस सेवा’ शुरू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस विशेष योजना के तहत सभी प्रमुख बस स्टेशनों से वातानुकूलित (एसी), नॉन-एसी साधारण और आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) का एक विशाल बेड़ा सड़कों पर उतार दिया गया है, ताकि किसी भी यात्री को स्टेशन पर घंटों इंतजार न करना पड़े और लोग बिना किसी परेशानी के सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।
प्रमुख रूटों पर हर 10 मिनट के अंतराल पर मिलेगी बस, भीड़ के अनुसार बदलेगा शेड्यूल
यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन निगम ने समय सारणी में बड़ा बदलाव किया है। अत्यधिक दबाव वाले रूटों पर बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं और ऐसी व्यवस्था बनाई गई है कि मुख्य टर्मिनल से प्रत्येक 10 मिनट के अंतराल पर बसें रवाना होंगी। जैसे ही एक बस में सीटें भरेंगी, उसे तुरंत रवाना कर दिया जाएगा और उसके पीछे अगली बस प्लेटफॉर्म पर लगा दी जाएगी। लखनऊ से गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, बलिया, गाजीपुर, प्रयागराज, अयोध्या, बस्ती और वाराणसी जाने वाले मार्गों पर साधारण और जनरथ एसी बसों की उपलब्धता हर समय बनी रहेगी। वहीं दिल्ली के आनंद विहार, कश्मीरी गेट और कौशांबी बस डिपो से बिहार के सीमावर्ती जिलों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहरों के लिए लगातार नॉन-स्टॉप और सीमित ठहराव वाली बसें चलाई जा रही हैं। यदि किसी रूट पर यात्रियों की संख्या में अचानक अप्रत्याशित उछाल आता है, तो उसके लिए डिपो में रिजर्व बसों का अतिरिक्त बेड़ा भी तैयार रखा गया है जिसे तत्काल प्रभाव से रूट पर उतार दिया जाएगा।
प्रदूषण मुक्त सफर के लिए ई-बसों का बड़ा नेटवर्क, उपनगरीय और नजदीकी जिलों को जोड़ेगा
इस बार त्योहार स्पेशल अभियान में पारंपरिक डीजल बसों के अलावा आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) को भी बड़े पैमाने पर शामिल किया गया है। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों जैसे बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली, उन्नाव, कानपुर और अयोध्या के बीच इलेक्ट्रिक बसों की नियमित सेवाएं शुरू की गई हैं। ये बसें न केवल प्रदूषण मुक्त और ध्वनि रहित यात्रा का अनुभव देती हैं, बल्कि इनमें महिलाओं और बुजुर्गों की सुविधा के लिए लो-फ्लोर, सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन की व्यवस्था भी की गई है। चार्जिंग स्टेशनों पर त्वरित चार्जिंग (फास्ट चार्जिंग) की सुविधा सुनिश्चित की गई है ताकि ई-बसों के संचालन चक्र में किसी प्रकार का विलंब न हो। यह सेवा उन दैनिक यात्रियों और कम दूरी का सफर तय करने वाले परिवारों के लिए बेहद मुफीद साबित हो रही है जो भीड़भाड़ से बचकर आरामदायक तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंचना चाहते हैं।
चालक-परिचालकों की छुट्टियां रद्द, 24 घंटे काम करेंगे कंट्रोल रूम और हेल्पडेस्क
छठ पर्व के दौरान यात्रियों की भारी आमद को सुचारू रूप से संभालने के लिए परिवहन निगम ने सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों (आरएम), सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों (एआरएम), चालकों, परिचालकों और वर्कशॉप कर्मियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। पूरी कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर और क्षेत्रीय स्तर पर 24 घंटे क्रियाशील वॉर रूम और कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। प्रमुख बस अड्डों पर अतिरिक्त पूछताछ काउंटर, पेयजल के टैंकर, मोबाइल टॉयलेट और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक किया गया है, जिस पर यात्री बसों के आगमन-प्रस्थान, सीट उपलब्धता और रूट से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए तत्काल संपर्क कर सकते हैं। बस स्टेशनों पर अनाधिकृत ऑटो और डग्गामार वाहनों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाने के लिए विशेष प्रवर्तन दलों (एन्फोर्समेंट स्क्वॉड) की तैनाती भी कर दी गई है।
टिकट बुकिंग की ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं, डिजिटल पेमेंट पर विशेष जोर
त्योहार के इस व्यस्त समय में यात्रियों को टिकट काउंटर की लंबी कतारों से बचाने के लिए ऑनलाइन अग्रिम आरक्षण की सुविधा को भी अपग्रेड कर दिया गया है। यात्री परिवहन निगम की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए अपनी पसंद की सीट पहले से आरक्षित कर सकते हैं। इसके अलावा साधारण और ई-बसों में तैनात परिचालकों को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनें (ETM) दी गई हैं, जो यूपीआई (Google Pay, PhonePe, Paytm), डेबिट कार्ड और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) से भुगतान स्वीकार करती हैं। इससे यात्रियों को खुले पैसों की झंझट से मुक्ति मिलेगी और यात्रा पर्ची भी पारदर्शी तरीके से जारी होगी। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अधिकृत बस अड्डों से ही यात्रा शुरू करें और पर्व के पावन अवसर पर किसी भी प्रकार के अनाधिकृत या असुरक्षित वाहनों में सफर करने से बचें, ताकि उनकी छठ पूजा की यात्रा सुखद, सुरक्षित और मंगलमय बन सके।
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