डबलिन से रोम जा रही फ्लाइट में बम की धमकी: हवा में मची अफरातफरी, राफेल के पहरे में फ्रांस के मिलिट्री एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग

यूरोपीय हवाई क्षेत्र में उस समय भारी दहशत फैल गई जब आयरलैंड की राजधानी डबलिन से इटली के रोम जा रहे एक यात्री विमान को बीच रास्ते में बम से उड़ाने की धमकी मिली। डबलिन हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, जब एयरबस ए320 विमान इंग्लिश चैनल पार कर चुका था, सुरक्षा एजेंसियों को विमान के भीतर विस्फोटक रखे होने की गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही कॉकपिट में इमरजेंसी कोड सक्रिय कर दिया गया और केबिन क्रू को सतर्क किया गया। उड़ान के अचानक मार्ग बदलने और आपातकालीन स्थिति की घोषणा होते ही विमान में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार और भारी अफरातफरी की स्थिति बन गई।

फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमानों के साए में कराई गई सुरक्षित लैंडिंग

विमान में बम की गंभीरता और खतरे को देखते हुए फ्रांस सरकार और फ्रांसीसी वायुसेना ने त्वरित हस्तक्षेप किया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत फ्रांसीसी वायुसेना के राफेल (Rafale) लड़ाकू जेट ने तुरंत उड़ान भरी और हवा में ही यात्री विमान को अपने सुरक्षा घेरे (एस्कॉर्ट) में ले लिया। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के निर्देशों पर विमान को पेरिस के निकट स्थित संवेदनशील एवरेक्स (Évreux – Base aérienne 105) सैन्य हवाई ठिकाने की ओर मोड़ दिया गया। पायलट की सूझबूझ और वायुसेना के समन्वय से विमान को मिलिट्री एयरबेस के एक दूरस्थ और सुरक्षित रनवे पर आपातकालीन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक लैंड करा लिया गया।

151 यात्रियों और क्रू मेंबर्स को निकाला गया बाहर, सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट

विमान के रनवे पर रुकते ही मिलिट्री एयरबेस पर पहले से तैनात आपातकालीन दमकल दल, एम्बुलेंस और विशेष कमांडो दस्तों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर ली। विमान में सवार कुल 151 यात्रियों और 6 क्रू सदस्यों को आपातकालीन निकास द्वारों से तेजी से और सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया। सभी यात्रियों को रनवे से हटाकर एयरबेस के सुरक्षित टर्मिनल लाउंज में स्थानांतरित कर दिया गया है। फ्रांस के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर पुष्टि की है कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और सरकार पूरी स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रही है।

बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स द्वारा विमान और सामान की सघन तलाशी

विमान खाली कराए जाने के तुरंत बाद फ्रांसीसी सेना का बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), एंटी-सबोटाज टीम और विशेष खोजी कुत्तों (स्निफर डॉग्स) का दल विमान के अंदर दाखिल हुआ। विमान के केबिन, कॉकपिट, लगेज कंपार्टमेंट और कार्गो होल्ड की गहनता से एक्स-रे मशीनों और आधुनिक डिटेक्टर्स के जरिए जांच की जा रही है। यात्रियों के हैंडबैग और चेक-इन सामान को भी अलग-अलग करके विस्तृत सुरक्षा स्कैनिंग से गुजारा जा रहा है ताकि किसी भी संभावित विस्फोटक या संदिग्ध उपकरण का तुरंत पता लगाया जा सके।

पूरे यूरोप के एविएशन नेटवर्क में हड़कंप, फर्जी कॉल्स का बढ़ा संकट

यह घटना किसी अकेली उड़ान तक सीमित नहीं दिख रही है, बल्कि यूरोप भर में विमानों को निशाना बनाकर दी जा रही झूठी और सुनियोजित बम धमकियों की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा प्रतीत होती है। पिछले कुछ ही दिनों में पोलैंड, इटली, बुल्गारिया, स्पेन और बेल्जियम जाने वाली लगभग एक दर्जन उड़ानों को इसी प्रकार की शरारतपूर्ण कॉल्स और धमकियों के चलते डायवर्ट या ग्राउंडेड किया गया है। इटली और फ्रांस की खुफिया एजेंसियां अब इस बात की अंतरराष्ट्रीय साइबर जांच में जुट गई हैं कि यह धमकी कहां से, किस आईपी एड्रेस या संचार माध्यम से भेजी गई थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा को जानबूझकर बाधित करने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

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