
अमेरिकी मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की करारी पराजय और संसद (कांग्रेस) के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर नरम पड़ने के बजाय और अधिक आक्रामक हो गए हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा खुले तौर पर ईरान संघर्ष को हार का मुख्य कारण बताए जाने के बाद ट्रंप ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि ईरान के साथ चल रहे सैन्य टकराव और तेल की बढ़ती कीमतों ने चुनावी नतीजों में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने फैसले पर किसी भी प्रकार का अफसोस जताने से इनकार कर दिया।
‘लंबे समय में यही एकमात्र विकल्प’: सैन्य एक्शन पर अडिग राष्ट्रपति
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले का जोरदार बचाव किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि उन्हें यह निर्णय दोबारा लेना पड़ा, तो वह दोबारा वही कदम उठाएंगे। ट्रंप ने कहा कि दीर्घकालिक सुरक्षा की दृष्टि से इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था। उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दे सकता। चुनावी नफा-नुकसान से परे जाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के कड़े फैसले लेना एक राष्ट्रपति की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
‘हमने उनकी नौसेना और वायुसेना को तोड़ दिया’: युद्ध के परिणामों का किया दावा
अपने सैन्य ऑपरेशन का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई ने ईरान के सैन्य तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। ट्रंप ने यह भी रेखांकित किया कि संघर्ष की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आपूर्ति पूरी तरह ठप होने का खतरा था, लेकिन अब वहां से कच्चे तेल का भारी प्रवाह सामान्य गति से हो रहा है। उनके मुताबिक, जनता युद्ध के रणनीतिक महत्व को समझती है, हालांकि ऊर्जा की बढ़ी कीमतों ने तात्कालिक रूप से वोटरों के रुख को प्रभावित किया।
रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ का किया बचाव, इस्तीफे की अटकलें खारिज
रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद रक्षा मंत्री (डिफेंस सेक्रेटरी) पेट हेगसेथ को पद से हटाए जाने की चल रही राजनीतिक चर्चाओं पर भी ट्रंप ने पूर्ण विराम लगा दिया। ट्रंप ने कहा कि हेगसेथ बेहतरीन काम कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल किया है। उन्होंने कैबिनेट में किसी भी तरह के बड़े फेरबदल की संभावना को खारिज करते हुए अपनी सैन्य और सुरक्षा टीम पर पूरा भरोसा जताया।
महाभियोग की धमकियों पर बोले: ‘ऐसा हुआ तो डेमोक्रेटिक पार्टी खत्म हो जाएगी’
संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक बहुमत आने के बाद उठ रही महाभियोग (Impeachment) की चर्चाओं पर ट्रंप ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के महाभियोग लाने की कोशिश खुद डेमोक्रेटिक पार्टी को तबाह कर देगी। ट्रंप का दावा था कि देश आज कई मामलों में पहले से अधिक मजबूत स्थिति में है, और केवल राजनीतिक बदले की भावना से शुरू की गई किसी भी संसदीय जांच का जनता कड़ा जवाब देगी।
जेडी वेंस के बयान पर मोहर, लेकिन नजरिया बिल्कुल अलग
दिलचस्प बात यह रही कि ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस विश्लेषण को ‘काफी हद तक सच’ करार दिया कि ईरान युद्ध ने पार्टी को भारी नुकसान पहुंचाया। हालांकि, जहां वेंस इस युद्ध को राजनीतिक और कूटनीतिक विफलता के रूप में पेश करते हुए इससे निकलने की पैरवी कर रहे हैं, वहीं ट्रंप इसे एक अपरिहार्य और ऐतिहासिक जरूरत बता रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर यह मतभेद अब खुलकर सतह पर आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में अमेरिकी विदेश नीति को लेकर आंतरिक खींचतान और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया
