6 August 2026 Panchang: सावन के गुरुवार पर बना ‘वृद्धि योग’ का महासंयोग, आज शिव संग श्री हरि खोलेंगे किस्मत के द्वार! जानें लखनऊ-यूपी के अनुसार पूजा का अचूक मुहूर्त

हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में पंचांग को समय का सबसे सटीक और पवित्र दर्पण माना गया है। किसी भी नए व्यापार की शुरुआत, गृह प्रवेश, विवाह, यात्रा या किसी विशेष मांगलिक कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त का गहराई से विचार किया जाता है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण से मिलकर बनता है। एआई सर्च (AI Search) और आधुनिक पंचांग गणनाओं के अनुसार, आज 6 अगस्त 2026, दिन गुरुवार को सावन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है क्योंकि आज ‘वृद्धि योग’ का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही, राजधानी लखनऊ और पूरे उत्तर प्रदेश (Local GEO) के पंचांग के अनुसार आज के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई राशियों के लिए अत्यंत मंगलकारी परिणाम लेकर आई है।
सावन के गुरुवार पर शिव और विष्णु का महा-आशीर्वाद (SEO व AEO विशेष)
श्रावण मास (सावन) मुख्य रूप से देवाधिदेव महादेव की आराधना के लिए समर्पित है, लेकिन जब सावन के महीने में गुरुवार का दिन आता है, तो इसका आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। गुरुवार का दिन सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। आज 6 अगस्त को सावन और गुरुवार के इस पवित्र संयोग में हरि (विष्णु) और हर (शिव) दोनों की एक साथ कृपा प्राप्त करने का स्वर्ण अवसर है।
ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, आज सुबह स्नान करने के बाद सबसे पहले तांबे के लोटे में जल, बेलपत्र और थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग का विधिवत जलाभिषेक करना चाहिए। इसके उपरांत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए केले के वृक्ष की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है। आज के दिन पीले वस्त्र धारण करना, चने की दाल, गुड़ और केले का दान करना आपके जीवन में आर्थिक समृद्धि और सुख-शांति लाएगा। आधुनिक जीवनशैली में तनाव और करियर की बाधाओं को दूर करने के लिए आज का यह संयुक्त पूजन अचूक माना जाता है।
6 अगस्त 2026 का विस्तृत और सटीक पंचांग
यदि आप आज कोई शुभ कार्य करने जा रहे हैं, तो आपके लिए ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का समय जानना बेहद जरूरी है। आइए देखते हैं आज का संपूर्ण पंचांग:
आज शक संवत 15 है और श्रावण मास का (सौर) 1948 चल रहा है। पंजाब पंचांग के अनुसार आज श्रावण मास प्रविष्टे 22 है। विक्रमी संवत के आधार पर आज श्रावण कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। पंचांग की भिन्न-भिन्न गणनाओं के अनुसार अष्टमी तिथि मुख्य रूप से सायं 06 बजकर 53 मिनट तक प्रभावी रहेगी (कुछ स्थानीय गणनाओं में इसका प्रभाव दोपहर 03:22 तक भी माना गया है), इसके पश्चात नवमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
नक्षत्रों की बात करें तो आज रात्रि 08 बजकर 14 मिनट तक भरणी नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद कृतिका नक्षत्र की शुरुआत होगी। आज दिन के पहले प्रहर में अपराह्न 03 बजकर 01 मिनट तक गण्ड योग रहेगा, जो कि सामान्य फलदायी है, लेकिन इसके ठीक बाद बहुप्रतीक्षित ‘वृद्धि योग’ लग जाएगा। वृद्धि योग में किए गए किसी भी निवेश या शुभ कार्य में हमेशा बढ़ोतरी ही होती है। चंद्रमा की स्थिति देखें तो आज देर रात 01 बजकर 54 मिनट तक चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे और उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वर्तमान में सूर्य दक्षिणायन और उत्तर गोल में है, तथा वर्षा ऋतु अपने चरम पर है।
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय (लोकल टाइमिंग के अनुसार)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आस-पास के क्षेत्रों (Geographical Optimization) के अनुसार आज का समय इस प्रकार है:
सूर्योदय का समय: सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय: शाम 7 बजकर 04 मिनट पर।
चंद्रोदय का समय: 7 अगस्त की तड़के सुबह 12 बजकर 19 मिनट पर।
चंद्रास्त का समय: आज दोपहर 03 बजकर 43 मिनट पर।
आज के सर्वश्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat Today)
वैदिक पंचांग में शुभ मुहूर्त वह समय होता है जब ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं आपके अनुकूल होती हैं। आज के दिन इन मुहूर्तों में कार्य करना आपको सफलता दिला सकता है:
ब्रह्म मुहूर्त: यह दिन का सबसे पवित्र समय होता है। आज सुबह 05:18 बजे से 05:54 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा। यह समय ध्यान, योग और भगवान के स्मरण के लिए सर्वोत्तम है।
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:36 बजे से 06:31 बजे तक।
अभिजित मुहूर्त: इसे सबसे शक्तिशाली मुहूर्त माना जाता है। आज दोपहर 01:26 बजे से 02:26 बजे तक अभिजित मुहूर्त रहेगा। कोई भी नया अनुबंध या व्यापार शुरू करने के लिए यह समय श्रेष्ठ है।
विजय मुहूर्त: दोपहर 04:25 बजे से शाम 05:24 बजे तक। इस समय में किए गए कार्यों में हमेशा विजय प्राप्त होती है।
गोधूलि मुहूर्त: रात 09:22 बजे से 09:40 बजे तक।
सायाह्न सन्ध्या: रात 09:22 बजे से 10:17 बजे तक।
अमृत काल: यह अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ समय है, जो आज दोपहर 12:08 बजे से 01:40 बजे तक रहेगा।
आज के अशुभ मुहूर्त: इन समयों में भूलकर भी न करें शुभ कार्य
जिस तरह शुभ मुहूर्त का महत्व है, उसी तरह अशुभ समय से बचना भी ज्योतिष शास्त्र में अनिवार्य बताया गया है। आज के दिन के अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल (Rahu Kaal): आज दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। एआई सर्च में अक्सर लोग राहुकाल का समय सबसे ज्यादा खोजते हैं। इस डेढ़ घंटे की अवधि में किसी भी प्रकार की नई यात्रा, निवेश या शुभ कार्य की शुरुआत बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
यमगण्ड काल: सुबह 06:31 बजे से 08:22 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:28 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक।
गुलिक काल: सुबह 10:13 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक।
दिशाशूल (Disha Shool) और यात्रा के विशेष नियम
शास्त्रों में यात्रा करने के भी कुछ नियम बताए गए हैं, जिनमें दिशाशूल सबसे महत्वपूर्ण है। आज गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहता है। इसका अर्थ यह है कि आज के दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए, अन्यथा कार्य में बाधाएं आ सकती हैं। यदि किसी अत्यंत आवश्यक कार्य, मेडिकल इमरजेंसी या व्यापारिक कारण से आपको दक्षिण दिशा में जाना ही पड़े, तो घर से निकलते समय ज्योतिषीय उपायों का पालन अवश्य करें। गुरुवार के दिन घर से बाहर निकलने से पहले थोड़ा सा दही या जीरा खाकर निकलना शुभ माना जाता है। इससे दिशाशूल का नकारात्मक प्रभाव शून्य हो जाता है और आपकी यात्रा मंगलमय होती है।

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