7 अगस्त 2026 पंचांग: आज सावन के शुक्रवार पर बना शिव-लक्ष्मी कृपा का दुर्लभ महासंयोग! भद्रा और राहुकाल में भूलकर भी ना करें कोई नया काम, यहां देखें शुभ-अशुभ मुहूर्त का सटीक समय

हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का आकलन करना अनिवार्य माना जाता है। आज 7 अगस्त 2026, दिन शुक्रवार है और सावन माह की पावन नवमी तिथि चल रही है। ज्योतिष और धर्म शास्त्रों के अनुसार, शुक्रवार का दिन धन, ऐश्वर्य और वैभव की देवी मां लक्ष्मी को पूरी तरह से समर्पित होता है। वहीं, वर्तमान में सावन का पवित्र महीना चल रहा है, जो देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की आराधना का सबसे उत्तम समय है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज का दिन उन लोगों के लिए बेहद खास है जो आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। आज सावन और शुक्रवार के अद्भुत संगम के कारण भगवान शिव के साथ-साथ मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का खास योग बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्ची श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर जल चढ़ाने और शाम के समय मां लक्ष्मी की आरती करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
भद्रा का साया: जानें आज स्वर्ग लोक में भद्रावास का क्या होगा असर
पंचांग के अनुसार, आज के दिन भद्रा का साया भी रहने वाला है। वैदिक ज्योतिष में भद्रा काल को एक ऐसा समय माना जाता है जिसमें किसी भी प्रकार के शुभ, मांगलिक या नए कार्यों की शुरुआत करने की सख्त मनाही होती है।
आज भद्रा रात 11 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर पूरी रात (अगले दिन सुबह 6:33 बजे तक) रहेगी। हालांकि, पंचांग की गहरी गणना बताती है कि आज भद्रा का वास स्वर्ग लोक में रहेगा। शास्त्रों का मत है कि जब भद्रा स्वर्ग लोक या पाताल लोक में निवास करती है, तो पृथ्वी वासियों पर उसका नकारात्मक प्रभाव काफी कम हो जाता है। फिर भी, एहतियात के तौर पर इस दौरान महत्वपूर्ण सौदों, विवाह संबंधी वार्ताओं या नए निवेश से बचना ही समझदारी है।
7 अगस्त 2026: आज का संपूर्ण और सटीक हिंदू पंचांग
लोकल और जियोग्राफिकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन को ध्यान में रखते हुए, भारतीय पंचांग के अनुसार आज के दिन की ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति इस प्रकार है। इसे ध्यान में रखकर आप अपनी दिनचर्या की योजना बना सकते हैं:
  • शक संवत्: 16 श्रावण (सौर) 1948
  • पंजाब पंचांग के अनुसार: 23 श्रावण मास प्रविष्टे 2083
  • इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी): 23 सफर, 1448
  • विक्रमी संवत् (तिथि): श्रावण कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि आज सायं 04:38 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात दशमी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
  • नक्षत्र: आज शाम 06:44 मिनट तक कृतिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, उसके बाद रोहिणी नक्षत्र लग जाएगा।
  • करण: गर करण।
  • चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा आज दिन और रात वृष राशि में ही गोचर करेंगे। वृष राशि में चंद्रमा के होने से आज मन में स्थिरता और सौम्यता बनी रहेगी।
  • सूर्य की स्थिति: सूर्य वर्तमान में दक्षिणायन में हैं और उत्तर गोल की ओर अग्रसर हैं।
  • ऋतु: वर्षा ऋतु चल रही है।
सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का सटीक समय
प्राकृतिक ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखने के लिए सूर्य और चंद्रमा के उदय व अस्त का समय जानना बहुत जरूरी है:
  • सूर्यास्त का समय: आज शाम 7:03 बजे सूर्य देव अस्ताचल को जाएंगे।
  • चंद्रोदय का समय: रात 12:00 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे।
  • चंद्रास्त का समय: अगले दिन तड़के 2:00 बजे चंद्रास्त होगा।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings for Today)
आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के आधार पर लोग अक्सर जानना चाहते हैं कि आज पूजा करने या नया काम शुरू करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य बिना किसी विघ्न के पूरे होते हैं और उनका सौ गुना फल प्राप्त होता है। आज के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:19 बजे से सुबह 05:55 बजे तक। यह समय ध्यान, योग और ईश्वर की मानसिक वंदना के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
  • प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:37 बजे से सुबह 06:32 बजे तक।
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 01:26 बजे से दोपहर 02:26 बजे तक। अभिजित मुहूर्त को दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ समय माना जाता है। इसमें कोई भी नया काम शुरू किया जा सकता है।
  • अमृत काल: दोपहर 12:58 बजे से दोपहर 02:28 बजे तक। इस दौरान किया गया निवेश या व्यापारिक सौदा अमृत के समान चिरस्थायी फल देता है।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 04:24 बजे से शाम 05:23 बजे तक। कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में सफलता के लिए यह समय शुभ है।
  • गोधूलि मुहूर्त: रात 09:20 बजे से रात 09:38 बजे तक।
  • सायाह्न सन्ध्या: रात 09:20 बजे से रात 10:15 बजे तक। शाम की पूजा-आरती के लिए यह उत्तम समय है।
आज के अशुभ मुहूर्त: इन समय में रखें विशेष सावधानी
ज्योतिष शास्त्र में जिस तरह शुभ समय का महत्व है, उसी तरह अशुभ समय की जानकारी होना भी अति आवश्यक है ताकि अनजाने में कोई नुकसान न हो जाए। आज आपको इन समयों में सतर्क रहना होगा:
  • राहुकाल (Rahukaal): सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक राहुकालम रहेगा। हिंदू धर्म में राहुकाल को सबसे ज्यादा अशुभ माना जाता है। इस डेढ़ घंटे की अवधि में यात्रा शुरू करना, पैसे का लेन-देन करना या कोई नया सामान खरीदना वर्जित है।
  • यमगण्ड काल: शाम 05:38 बजे से रात 07:29 बजे तक।
  • आडल योग: सुबह 06:32 बजे से दोपहर 03:13 बजे तक।
  • विडाल योग: दोपहर 03:13 बजे से अगले दिन सुबह 06:33 बजे तक।
  • गुलिक काल: सुबह 08:23 बजे से सुबह 10:14 बजे तक।
  • भद्रा: रात 11:50 बजे से अगले दिन सुबह 06:33 बजे तक (स्वर्ग लोक में वास)।
दिशा शूल: पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें
आज 7 अगस्त को पंचांग के अनुसार दिशा शूल पश्चिम दिशा में है। दिशा शूल का अर्थ है कि उस विशेष दिन संबंधित दिशा में यात्रा करने से बाधाएं आती हैं और काम बिगड़ने की आशंका रहती है। इसलिए आज पश्चिम दिशा की ओर लंबी या महत्वपूर्ण यात्रा करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
ज्योतिषीय उपाय (यदि यात्रा करना अत्यंत आवश्यक हो):
यदि किसी इमरजेंसी, मेडिकल कारण या बहुत जरूरी ऑफिस के काम से पश्चिम दिशा की ओर जाना ही पड़े, तो ज्योतिष शास्त्र में इसके अचूक उपाय भी बताए गए हैं। घर से निकलने से पहले थोड़ा सा दही खा लें या फिर जौ के कुछ दाने चबाकर घर से बाहर कदम निकालें। इसके अलावा, भगवान शिव का स्मरण करके पहले घर से विपरीत दिशा में 4 कदम चलें और फिर अपनी मंजिल की ओर प्रस्थान करें। इससे दिशा शूल का नकारात्मक प्रभाव शून्य हो जाता है।
आज आपको किस चीज़ पर सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए?
आज सावन का शुक्रवार होने के कारण आपका पूरा ध्यान अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने और घर में सकारात्मकता लाने पर होना चाहिए। चंद्रमा के वृष राशि में होने से मानसिक शांति का अनुभव होगा, लेकिन राहुकाल (10:30 AM – 12:00 PM) के समय अपने क्रोध और वाणी पर विशेष नियंत्रण रखें। माता-पिता का आशीर्वाद लें और शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान शिव दोनों का संयुक्त रूप से ध्यान करें। यह छोटे-छोटे उपाय आज के दिन को आपके लिए मंगलमय और भाग्यशाली बना देंगे।

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