
नई दिल्ली। आज के दौर में फिट रहने की होड़ में हर दूसरा व्यक्ति जिम और वर्कआउट का सहारा ले रहा है। हेल्दी डाइट और बेहतर बॉडी शेप के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन (Protein Intake) अनिवार्य माना जाता है। शरीर की इस जरूरत को पूरा करने के लिए लोग अक्सर प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन समाज में इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां और ‘मिथ’ (Myths) भी फैले हुए हैं। क्या प्रोटीन पाउडर वाकई नुकसानदेह है? क्या यह सिर्फ बॉडीबिल्डर्स के लिए है? विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने इन सभी सवालों के जवाब देते हुए सच्चाई साझा की है।
प्रोटीन की कमी और पाउडर का सहारा: क्या यह जरूरी है?
वर्कआउट रूटीन को फॉलो करने वाले लोगों के लिए शरीर की मांसपेशियों की मरम्मत (Muscle Recovery) के लिए प्रोटीन एक प्राथमिक जरूरत है। आम तौर पर दाल, अंडे और पनीर जैसे प्राकृतिक स्रोतों से प्रोटीन मिल जाता है, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में इसकी पूरी मात्रा लेना कठिन हो जाता है। ऐसे में प्रोटीन पाउडर एक सुविधाजनक विकल्प के रूप में उभरता है। डॉक्टरों का मानना है कि यदि इसे सही मात्रा और गुणवत्ता के साथ लिया जाए, तो यह शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है।
प्रोटीन पाउडर से जुड़े वो मिथ, जो डराते हैं: डॉक्टर ने बताए फैक्ट्स
प्रोटीन पाउडर को लेकर सबसे बड़ा मिथ यह है कि यह किडनी को खराब कर देता है या यह केवल पहलवानों के लिए है। विशेषज्ञों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए बताया कि एक स्वस्थ व्यक्ति, जिसका किडनी फंक्शन सामान्य है, वह डॉक्टर की सलाह पर सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकता है। दूसरा बड़ा भ्रम यह है कि प्रोटीन पाउडर कोई ‘जादुई दवा’ है जिससे रातों-रात मसल्स बन जाती हैं। सच तो यह है कि यह केवल एक सप्लीमेंट है, जो आपकी डाइट की कमियों को पूरा करता है। बिना मेहनत और वर्कआउट के सिर्फ पाउडर खाने से बॉडी नहीं बनती।
सही चुनाव है जरूरी: लेवल और क्वालिटी पर दें ध्यान
बाजार में मिलने वाले हर डिब्बे पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लोग अक्सर बिना जानकारी के घटिया क्वालिटी या स्टेरॉयड मिले हुए पाउडर का शिकार हो जाते हैं। हमेशा लैब-टेस्टेड और विश्वसनीय ब्रांड का ही चयन करें। साथ ही, प्रोटीन पाउडर लेने से पहले अपनी शारीरिक बनावट और एक्टिविटी लेवल के हिसाब से मात्रा का निर्धारण किसी विशेषज्ञ से जरूर करवाएं। याद रखें, अति हर चीज की बुरी होती है, इसलिए संतुलित आहार के साथ इसे सप्लीमेंट के तौर पर लेना ही बुद्धिमानी है।
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