
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को प्रदेश के आर्थिक पुनर्जागरण का सबसे सशक्त माध्यम करार दिया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक समाज अपने पारंपरिक हुनर, स्थानीय संसाधनों और स्वदेशी शिल्प पर गर्व नहीं करेगा, तब तक स्वावलंबन का लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय उत्पादों को जिला स्तर से उठाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए ठोस नीतियां लागू की हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लाखों ग्रामीण कारीगरों, बुनकरों, हस्तशिल्पियों और छोटे उद्यमियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बिचौलियों के शोषण से मुक्त कराकर सीधे वैश्विक बाजार से जोड़ने का एक मिशन-मोड आंदोलन है।
ओडीओपी योजना ने बदली पारंपरिक शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तकदीर
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि वर्ष 2018 में शुरू की गई ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना आज पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बन चुकी है। भदोही की हस्तनिर्मित कालीन, अलीगढ़ के ताले, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, कन्नौज का प्राकृतिक इत्र, वाराणसी की बनारसी साड़ी, गोरखपुर का टेराकोटा और फिरोजाबाद का कांच उद्योग जैसी सदियों पुरानी कलाएं जो कभी दम तोड़ रही थीं, आज आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रोत्साहन के बल पर विश्व स्तर पर निर्यात की जा रही हैं। राज्य सरकार ने कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स (सीएफसी), टूलकिट वितरण और डिजाइनिंग में नवाचार के माध्यम से इन परंपरागत उद्योगों में आधुनिकता का समावेश किया है, जिससे युवाओं का रुझान फिर से अपने पैतृक हुनर की ओर बढ़ा है और ग्रामीण अंचलों से बड़े शहरों की तरफ होने वाले पलायन पर प्रभावी रोक लगी है।
एमएसएमई सेक्टर और स्थानीय उद्यमियों के लिए आसान ऋण और सब्सिडी व्यवस्था
राज्य में औद्योगिक विकास और स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को वित्तीय रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर युवा उद्यमियों को बिना किसी जटिल कागजी प्रक्रिया के मुद्रा योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत सुलभ ऋण और पूंजीगत सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम (निवेश मित्र) और चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति ने स्थानीय स्तर पर विनिर्माण इकाइयों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर व्यापक रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं, बल्कि घरेलू उत्पादन क्षमता में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
त्योहारी सीजन में स्थानीय उत्पादों की खरीद को जनआंदोलन बनाने की अपील
सीएम योगी ने प्रदेश की जनता, व्यापारिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे किसी भी पर्व, उत्सव, पारिवारिक मांगलिक कार्य अथवा उपहार देने के अवसरों पर स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को ही पहली प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि त्योहारों की असली खुशी तभी सार्थक होती है जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े कुम्हार के दीये, स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई मोमबत्तियां, स्थानीय बुनकरों के कपड़े और क्षेत्रीय कारीगरों के हस्तशिल्प खरीदे जाएं। जब एक नागरिक स्थानीय दुकानदारों और शिल्पकारों से खरीदारी करता है, तो वह सीधे तौर पर उस परिवार की आजीविका और बच्चों की शिक्षा में योगदान देता है। जनसहभागिता के बिना कोई भी सरकारी अभियान सफल नहीं हो सकता, इसलिए ‘लोकल’ को अपनी दैनिक जीवनशैली और उपभोक्ता संस्कृति का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।
1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में वोकल फॉर लोकल की अहम भूमिका
उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महासंकल्प में स्थानीय विनिर्माण और सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे निर्णायक रहने वाली है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता नियंत्रण, मानकीकरण और बारकोडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि वे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों से हर स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। राज्य सरकार सभी जनपदों में आधुनिक यूनिटी मॉल और स्थानीय बाजार केंद्र स्थापित कर रही है, जहां प्रत्येक जिले के प्रमुख जीआई-टैग (भौगोलिक संकेतक) प्राप्त उत्पाद एक ही छत के नीचे पर्यटकों और खरीदारों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करके ही राज्य अपनी जीडीपी विकास दर को दोहरे अंकों में बनाए रख सकता है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों से सीधे जुड़ रहे ग्रामीण हुनरमंद
बदलते डिजिटल युग में पारंपरिक शिल्पकारों को डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने के लिए सरकार ने बड़े ई-कॉमर्स पोर्टल्स और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के साथ विशेष साझेदारी की है। खादी ग्रामोद्योग और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को अब ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए देश-विदेश के किसी भी कोने में डिलीवर किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे विशाल अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए स्थानीय कारीगरों को विदेशी बायर्स (खरीदारों) से सीधे मिलने, बड़े ऑर्डर हासिल करने और वैश्विक आपूर्ति तंत्र का हिस्सा बनने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि तकनीक और परंपरा के इस अनूठे संगम से उत्तर प्रदेश बहुत जल्द आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का सबसे मजबूत ग्रोथ इंजन बनकर उभरेगा।
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