वैश्विक महाशक्तियों के बीच चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिका द्वारा ईरान के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केशम द्वीप (Qeshm Island) पर भीषण बमबारी किए जाने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या दुनिया की लाइफलाइन कहा जाने वाला ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) फिर से बंद हो गया है? ईरान और अमेरिका द्वारा इस जलमार्ग को लेकर परस्पर विरोधी दावे किए जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मच गया है।
अमेरिका का केशम द्वीप पर हमला, ईरान ने किया जलमार्ग बंद करने का दावा
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ (IRNA) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी के सबसे बड़े द्वीप ‘केशम’ को निशाना बनाकर हमला किया है। स्थानीय गवर्नर के मुताबिक, रविवार दोपहर से अब तक द्वीप पर करीब एक दर्जन मिसाइलें दागी जा चुकी हैं, जिसमें एक नागरिक की मौत और दो के घायल होने की खबर है। इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद ईरान की संस्था ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर घोषणा की कि अमेरिकी बलों की गैर-कानूनी और आक्रामक गतिविधियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आवागमन फिलहाल ‘असंभव’ है और स्थिरता बहाल होने तक इस पर रोक रहेगी।
अमेरिकी सेंटकॉम का पलटवार: “होर्मुज खुला है, सुरक्षा के लिए तैनात हैं हमारे बल”
ईरानी दावों के विपरीत, अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत सभी प्रकार के वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। सेंटकॉम ने कहा कि ईरानी आक्रामकता, धमकियों और मनमाने बयानों के बावजूद नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) बनाए रखने के लिए अमेरिकी नौसेना मुस्तैद है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला दरअसल जलमार्ग में एक कमर्शियल शिप पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमले के जवाब में था, जिसके तहत ईरान के लगभग 140 ठिकानों, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल डिपो और आईआरजीसी (IRGC) की स्पीड बोट्स को नष्ट किया गया है।
मरीन ट्रैफिक रिपोर्ट: जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट, तेल संकट का डर
यूएस नेवी समर्थित जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने माना है कि ओमान की तरफ वाला दक्षिणी रास्ता दोनों ओर के ट्रैफिक के लिए खुला जरूर है, लेकिन इस रूट पर जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ गया है। वहीं, समुद्री जहाजों की लाइव ट्रैकिंग करने वाली वैश्विक एजेंसी ‘मरीन ट्रैफिक’ के ताजा आंकड़ों ने ईरान के दावों को बल दिया है, जिसके मुताबिक तनाव बढ़ने के बाद से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई है। बता दें कि ईरान और ओमान के बीच स्थित यह जलमार्ग दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री धमनियों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस की कुल आपूर्ति का एक-तिहाई हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका है।
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