प्रतापगढ़ / मेरठ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) के निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मार्च 2026 में चालू हुए गंगा एक्सप्रेसवे की सुरक्षा चारदीवारी महज 4 महीनों के भीतर ही धराशायी हो गई। वहीं, हाल ही में हुई बारिश के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के कई हिस्से धंस गए हैं और मुख्य सड़क में दरारें आ गई हैं, जिससे बड़े हादसों का खतरा मंडरा रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे: 6 महीने भी नहीं टिक सकी सीमेंट की सुरक्षा दीवार
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे पर आवारा मवेशियों (Stray Cattle) को आने से रोकने और हादसों पर लगाम लगाने के लिए सड़क के दोनों तरफ सीमेंट की पट्टियों से सुरक्षा चारदीवारी (Boundary Wall) बनाई गई थी।
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कहाँ हुआ हादसा: प्रतापगढ़ के महेशगंज स्थित आईटीडी (ITD) कैंप कार्यालय आजाद नगर से पुरमई सुल्तानपुर जाने वाली सड़क पर, प्रीतमपुर पुल के पास यह भारी-भरकम चारदीवारी अचानक भरभराकर ढह गई।
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उठे गुणवत्ता पर सवाल: मार्च 2026 में इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन शुरू हुआ था और जुलाई आते-आते दीवार का गिरना इसके निर्माण में हुई लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है।
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प्रशासन का रुख: मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर विजय इग्गले ने कहा कि इस तकनीकी विफलता की जांच कराई जा रही है और संबंधित विभाग को शिकायत भेजी जाएगी। फिलहाल निजी कंपनी की टीम एक्सप्रेसवे की मॉनिटरिंग कर रही है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: बारिश ने खोली पोल, कई जगह धंसी मुख्य सड़क
दूसरी ओर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पिछले दिनों हुई तेज बारिश ने मेंटेनेंस और निर्माण की हकीकत उजागर कर दी है। परतापुर से लेकर डासना तक कई स्थानों पर एक्सप्रेसवे की हालत खस्ता हो गई है:
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मिट्टी का कटान और गड्ढे: बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाए गए ‘शूटडेन’ (Drainage System) पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। पानी के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी पूरी तरह कट गई है, जिससे सड़क के किनारे के हिस्से अंदर से खोखले हो गए हैं।
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टोल प्लाजा के पास धंसी सड़क: काशी टोल प्लाजा के पास धर्मकांटे के निकट मुख्य एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा नीचे बैठ (धंस) गया है। वहीं, बहादुरपुर अंडरपास के ठीक ऊपर भारी मिट्टी कटान के कारण एक बड़ा और खतरनाक गड्ढा बन गया है।
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किसानों की सर्विस रोड हुई बंद: मुरादाबाद, अच्छरोंडा और बहादुरपुर गांवों के पास एक्सप्रेसवे की ढलान से भारी मात्रा में बहकर आई मिट्टी सर्विस रोड पर जमा हो गई है। इसके कारण किसानों के लिए बनाई गई सर्विस रोड पूरी तरह ब्लॉक हो गई है और उन्हें खेतों तक जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुरादाबाद गांव के पास करीब 20 मीटर लंबा डिवाइडर भी बारिश में टूट गया है।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि अगर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने समय रहते इन धंसे हुए हिस्सों और दरारों की मरम्मत नहीं कराई, तो एक्सप्रेसवे की तेज रफ्तार के बीच कोई भी बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता है।
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