Ayodhya Deepotsav 2026: अयोध्या में उपराष्ट्रपति ने किया भव्य दीपोत्सव का अनावरण, सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल भी रहे मौजूद

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मस्थली अयोध्या में आयोजित हो रहे 10वें भव्य ‘दीपोत्सव’ का औपचारिक अनावरण देश के उपराष्ट्रपति द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत कई केंद्रीय व राज्य सरकार के मंत्री, प्रमुख धर्माचार्य और राजनयिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव केवल दीपों का प्रकाश पर्व नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति, मर्यादा, न्याय और वैश्विक शांति का जीवंत संदेश है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में दीपोत्सव ने वैश्विक पटल पर भारत की आध्यात्मिक आभा को एक नई पहचान दी है।

रामकथा पार्क में ‘पुष्पक विमान’ से पहुंचे प्रभु राम, सीएम योगी ने खींचा रथ

दीपोत्सव के मुख्य समारोह की शुरुआत राम काथा पार्कClick to open side panel for more information से हुई, जहां त्रेता युगीन प्रसंगों को आधुनिक तकनीक और भव्य झांकियों के जरिए पुनर्जीवित किया गया। हेलीकॉप्टर रूपी ‘पुष्पक विमान’ से जब प्रभु श्री राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण का स्वरूप धारण किए कलाकार अयोध्या की धरती पर उतरे, तो उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति ने प्रतीकात्मक रूप से प्रभु श्री राम के रथ को स्वयं खींचकर मंच तक पहुंचाया। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच भगवान राम और माता सीता का राज्याभिषेक संपन्न हुआ और सभी गणमान्य अतिथियों ने आरती उतारी। पार्क में उपस्थित जनसमूह के ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी नारों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

राम की पैदी पर 33 लाख दीपों का महा-कीर्तिमान: गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम

राज्याभिषेक के पश्चात उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने राम की पैदीClick to open side panel for more information और सरयू तट पर पहुंचकर पहला दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव का विधिवत अनावरण किया। इसके साथ ही राम की पैदी के 55 घाटों पर एक साथ 33 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जगमगा उठे।

  • स्वयंसेवकों का समर्पण: डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और स्थानीय कॉलेजों के 35,000 से अधिक वॉलिंटियर्स ने पिछले चार दिनों की कड़ी मेहनत से इन दीयों को सुंदर ज्यामितीय पैटर्न में सजाया था।

  • गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स: गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की आधिकारिक टीम ने ड्रोन और सेंसर तकनीक के जरिए घाटों पर जले दीयों की सटीक गणना की और निर्धारित समय सीमा के भीतर 33 लाख से अधिक दीयों के प्रज्वलन की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नया विश्व रिकॉर्ड प्रमाण पत्र सौंपा।

सरयू आरती, मेगा लेजर शो और 2,100 ड्रोनों की आकाशीय गाथा

दीप प्रज्वलन के बाद उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने सरयू नदी के पावन तट पर 1,100 अर्चकों के साथ महा-आरती में भाग लिया। नदी की लहरों पर तैरते दीपों और मंत्रों की गूंज ने एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत किया। इसके तुरंत बाद आयोजित 3D होलोग्राफिक लेजर शो और आसमान में 2,100 स्वदेशी ड्रोनों के संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ड्रोनों ने रात के अंधेरे में भगवान राम के धनुष-बाण, राम मंदिर के भव्य शिखर, पुष्पक विमान और हनुमान जी के संजीवनी पर्वत ले जाने की आकृतियों को सजीव कर दिखाया, जिसे देखकर उपस्थित लाखों श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक बना दीपोत्सव: सीएम योगी

मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में जब इस दीपोत्सव की शुरुआत मात्र 1.71 लाख दीयों से की गई थी, तब किसी ने कल्पना नहीं की थी कि यह उत्सव एक दिन पूरे विश्व में सनातन अस्मिता का सबसे बड़ा प्रतीक बन जाएगा। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राम मंदिर के दिव्य और भव्य निर्माण के बाद यह दीपोत्सव और भी अधिक ऐतिहासिक है, क्योंकि अब रामलला अपने भव्य गर्भगृह में विराजमान होकर अयोध्या से पूरे विश्व को शांति और बंधुत्व की राह दिखा रहे हैं। उपराष्ट्रपति और सभी अतिथियों ने इस आयोजन को भारतीय एकता, विरासत और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अनुपम उदाहरण बताया।

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