सावधान! क्या आप भी महसूस करते हैं थकान और झड़ रहे हैं बाल? शरीर में हो सकती है इस जरूरी चीज की कमी

अक्सर हम समझते हैं कि प्रोटीन की जरूरत सिर्फ जिम जाने वाले बॉडीबिल्डर्स को होती है, लेकिन यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। सच तो यह है कि हमारे शरीर के हर हिस्से—हार्मोन से लेकर इम्यून सिस्टम और बालों से लेकर मेटाबॉलिज्म तक—को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रोटीन की अनिवार्य आवश्यकता होती है। आहार विशेषज्ञ और प्रमाणित मधुमेह प्रशिक्षक डॉ. अर्चना बत्रा के अनुसार, कई लोग यह मान बैठते हैं कि थोड़ी बहुत दाल या दही खा लेने से उनकी जरूरत पूरी हो गई है, जबकि हकीकत में वे अपनी आवश्यकता से कहीं कम प्रोटीन ले रहे होते हैं। खासकर महिलाओं, शाकाहारियों और ऑफिस जाने वाले लोगों में यह कमी ज्यादा देखी जाती है।

बार-बार भूख लगना और मीठा खाने की क्रेविंग

क्या आपको पेट भर खाना खाने के कुछ ही देर बाद फिर से कुछ खाने का मन करने लगता है? यह प्रोटीन की कमी का सबसे प्राथमिक संकेत है। डॉ. अर्चना बत्रा बताती हैं कि जब आपके भोजन में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा और प्रोटीन कम होता है, तो ब्लड शुगर लेवल में तेजी से उतार-चढ़ाव आता है। प्रोटीन हमारे शरीर में ‘तृप्ति’ देने वाले हार्मोन को बढ़ाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है। अगर आप बार-बार स्नैक्स की ओर भाग रहे हैं, तो समझ लीजिए कि आपके खाने की थाली में प्रोटीन गायब है।

बालों का झड़ना और कमजोर नाखून

हमारे बाल और नाखून मुख्य रूप से ‘केराटिन’ नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक, जब शरीर में प्रोटीन की कमी होती है, तो शरीर अपनी बची-कुची ऊर्जा को जरूरी अंगों (जैसे दिल और फेफड़े) को बचाने में लगा देता है और बालों व नाखूनों जैसे ‘सौंदर्य’ संबंधी अंगों को प्रोटीन देना बंद कर देता है। इसके परिणामस्वरूप बाल झड़ने लगते हैं, उनकी चमक चली जाती है और नाखून टूटने लगते हैं। यहां तक कि त्वचा का बेजान होना और कोलेजन की कमी भी इसी वजह से हो सकती है।

हर वक्त थकान और सुस्ती महसूस होना

अगर आप भरपूर नींद लेने के बावजूद दिन भर थका हुआ महसूस करते हैं, तो इसका कारण नींद नहीं बल्कि पोषण की कमी हो सकता है। प्रोटीन शरीर में मांसपेशियों की मरम्मत (रिकवरी), एंजाइमों के उत्पादन और ऊर्जा के स्तर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। डॉ. बत्रा के अनुसार, जो लोग कसरत के बाद मांसपेशियों में लंबे समय तक दर्द महसूस करते हैं या जिनमें ऊर्जा की भारी कमी रहती है, वे अक्सर पर्याप्त गुणवत्ता वाला प्रोटीन नहीं ले रहे होते।

वजन घटाने में आने वाली मुश्किलें

कई लोग वजन कम करने के लिए कैलोरी तो कम कर देते हैं, लेकिन प्रोटीन पर ध्यान नहीं देते। यह गलती वजन घटाने के बजाय शरीर में फैट बढ़ा सकती है। प्रोटीन का ‘थर्मिक इफेक्ट’ ज्यादा होता है, जिसका मतलब है कि शरीर कार्बोहाइड्रेट या फैट के मुकाबले प्रोटीन को पचाने में अधिक कैलोरी जलाता है। पर्याप्त प्रोटीन न लेने से मांसपेशियां घटने लगती हैं और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) धीमा हो जाता है, जिससे वजन घटाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

बार-बार बीमार पड़ना और घाव भरने में देरी

हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पूरी तरह से प्रोटीन पर टिकी होती है, क्योंकि एंटीबॉडीज और इम्यून सेल्स प्रोटीन से ही बनते हैं। अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम होता है या कोई छोटी सी चोट भरने में बहुत वक्त लग रहा है, तो यह आपकी कमजोर इम्यूनिटी का संकेत है। डॉ. बत्रा चेतावनी देती हैं कि प्रोटीन की कमी धीरे-धीरे आपके इम्यून सिस्टम को खोखला कर सकती है, जिससे आप संक्रमणों के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं।

कितना प्रोटीन है आपके लिए जरूरी?

प्रोटीन की जरूरत हर व्यक्ति की उम्र, वजन और उसकी शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करती है। आमतौर पर एक सामान्य व्यक्ति को उसके शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 से 1 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। यानी अगर आपका वजन 60 किलो है, तो आपको कम से कम 48-60 ग्राम प्रोटीन रोज चाहिए। डॉ. बत्रा सलाह देती हैं कि प्रोटीन को सिर्फ रात के खाने में शामिल करने के बजाय हर मील (Breakfast, Lunch, Dinner) में बांटकर लें। पनीर, अंडे, दालें, ग्रीक योगर्ट, टोफू, सोया, मेवे और बीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।

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