भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को संपूर्ण सनातन जगत में योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर समूचा ब्रजमंडल—मथुरा, वृंदावन, गोकुल, नंदगांव और बरसाना—कान्हा के जयकारों से गुंजायमान है। वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात समेत पूरे देश के कृष्ण मंदिरों …
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17 दिन में बदलेगी 4 राशियों की तकदीर: राहु-मंगल गोचर से खुलेंगे धन के भंडार, करियर और कारोबार में मिलेगी बड़ी खुशखबरी
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवग्रहों की चाल हर व्यक्ति के जीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। इस समय ग्रहों के सेनापति मंगल और कूटनीति व रहस्य के कारक ग्रह राहु का विशेष संबंध एक अत्यंत शक्तिशाली प्रभाव उत्पन्न कर रहा है। ज्योतिष गणनाओं के आधार पर अगले 17 दिन अत्यंत निर्णायक और फलदायी साबित होने वाले हैं। …
Read More »जन्माष्टमी पर बना द्वापर युग जैसा दुर्लभ महासंयोग, 100 एकादशी व्रतों के पुण्य फल के बराबर है यह एक उपवास
सनातन धर्म की संपूर्ण काल गणना और पंचांग परंपरा में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को परम कल्याणकारी माना गया है। द्वापर युग में इसी पुण्य तिथि की घोर अंधेरी मध्यरात्रि को जगत के पालनहार, भगवान श्रीहरि विष्णु ने अपने आठवें पूर्णावतार भगवान श्रीकृष्ण के रूप में कंस के कारागार में जन्म लिया था। वर्ष 2026 की …
Read More »मौसम बदलते ही बदलेगा लड्डू गोपाल का शृंगार: गुलाब और मोगरे की जगह लगाएं ये 5 खास गर्म इत्र, जानें सेवा और भोग के जरूरी नियम
सनातन धर्म और पुष्टिमार्गीय परंपरा में लड्डू गोपाल की सेवा किसी निर्जीव प्रतिमा की तरह नहीं, बल्कि घर के एक जीवित और लाडले बालक के रूप में की जाती है। जिस प्रकार मौसम में बदलाव आते ही हम अपने खान-पान, पहनावे और दैनिक दिनचर्या में बदलाव करते हैं, ठीक उसी प्रकार बाल गोपाल की सेवा में भी ऋतु परिवर्तन के …
Read More »Feng Shui Tips: घर के इन 5 स्थानों पर भूलकर भी न लगाएं आईना, रुक सकती है आर्थिक तरक्की और बढ़ सकता है तनाव
फेंगशुई और भारतीय वास्तु शास्त्र में दर्पण यानी शीशे को केवल सजने-संवरने की वस्तु नहीं, बल्कि ऊर्जा का एक शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। फेंगशुई के सिद्धांतों के अनुसार, आईना ‘जल तत्व’ का प्रतीक होता है और यह घर के भीतर बहने वाली प्राण ऊर्जा जिसे ‘ची’ (Chi) कहा जाता है, उसे परावर्तित (Reflect) और दोगुना करने की क्षमता रखता …
Read More »जन्माष्टमी 2026: 4 या 5 सितंबर? जानिए किस दिन रखा जाएगा कान्हा के जन्मोत्सव का पावन व्रत
भगवान विष्णु के आठवें पूर्णावतार और जगत के पालनहार योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ सनातन धर्म का सबसे बड़ा और उल्लासपूर्ण महापर्व है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य मथुरा के कारागार में हुआ था। हर वर्ष की भाद्रपद अष्टमी पर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु …
Read More »31 अगस्त से 6 सितंबर: गुरु, शनि, सूर्य, बुध और शुक्र बदलेंगे 4 राशियों का भाग्य, मिलेगा अपार धन…
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का गोचर मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। 31 अगस्त से 6 सितंबर 2026 का यह सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस सप्ताह सौरमंडल के पांच प्रमुख ग्रह—ज्ञान के कारक देवगुरु बृहस्पति, कर्मफल दाता शनि देव, आत्मा व मान-सम्मान के कारक सूर्य …
Read More »अगले 14 दिनों तक इन 5 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, करियर, मान-सम्मान और धन लाभ में मिलेगी
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा और आत्मा के कारक माने जाने वाले सूर्य देव का राशि और नक्षत्र परिवर्तन सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में निर्णायक मोड़ लेकर आता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य देव का यह नवीनतम गोचर अगले 14 दिनों के लिए एक अत्यंत दुर्लभ और कल्याणकारी राजयोग का निर्माण कर रहा है। सूर्य …
Read More »कजरी तीज 2026: 31 अगस्त को रखा जाएगा बड़ी तीज का महापर्व, जानिए शुभ मुहूर्त
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला कजरी तीज (बड़ी तीज अथवा सातुड़ी तीज) का पर्व भारतीय सनातन संस्कृति में अखंड सुहाग, दांपत्य प्रेम और मातृत्व की रक्षा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत समूचे उत्तर भारत में इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी …
Read More »गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद यमलोक में इन 5 महापापों की मिलती है रूह कंपाने वाली सजा, जानें कर्मों का पूरा हिसाब और नरक के नियम
सनातन धर्म परंपरा में 18 महापुराणों में ‘गरुड़ पुराण’ का अत्यंत विशिष्ट और रहस्यमयी स्थान है। इस ग्रंथ में भगवान श्रीहरि विष्णु और उनके वाहन पक्षीराज गरुड़ के बीच हुए दिव्य संवाद के माध्यम से मृत्यु, जीवात्मा की यमलोक यात्रा, कर्मों के फल, नरक कुंडों की यातनाओं और मोक्ष के रहस्यों को विस्तार से समझाया गया है। शास्त्रों के अनुसार, …
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