बंगाल की राजनीति में भूचाल: कल बगावत, आज सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ मुख्य मंच पर दिखे टीएमसी सांसद देव

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संसदीय दल के भीतर हुई अब तक की सबसे बड़ी बगावत के ठीक अगले ही दिन, घाटाल से सांसद और बंगाली सिनेमा के सुपरस्टार देव (दीपक अधिकारी) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए। सोमवार को ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले 20 बागी सांसदों की सूची में नाम आने के बाद, मंगलवार को देव का कोलाघाट में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ मुख्य मंच साझा करना बंगाल की सियासत में एक नए समीकरण का साफ इशारा कर रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष को लिखी गई चिट्ठी, ममता के हाथ से निकला संसदीय दल

इस सियासी भूचाल की शुरुआत सोमवार को हुई, जब टीएमसी के कुल 29 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने एक गुट बनाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने के लिए लोकसभा स्पीकर को आधिकारिक पत्र लिख दिया।

  • दिग्गज चेहरे शामिल: वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले इस बागी गुट में सुपरस्टार देव के अलावा रचना बनर्जी, शताब्दी रॉय और मेदिनीपुर की जून मालिया जैसी मशहूर हस्तियां भी शामिल हैं।

  • बड़ा झटका: ये सभी चेहरे कभी ममता बनर्जी (दीदी) के सबसे भरोसेमंद और करीबी माने जाते थे। इस सामूहिक बगावत के बाद यह साफ हो गया है कि विधानसभा के बाद अब ममता बनर्जी के हाथ से संसदीय दल का नियंत्रण भी पूरी तरह खो चुका है।

बैठक में देरी से पहुंचे देव, फिर भी मुख्य मंच पर मिला विशेष स्थान

मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिमी मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों की समीक्षा के लिए कोलाघाट के ‘बलाका मंच’ पर एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक बुलाई थी। हालांकि बीते दिन दिल्ली में भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बागियों की बैठक में देव व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं थे, लेकिन कोलाघाट की इस बैठक में उनकी मौजूदगी ने सबको चौंका दिया।

देव दोपहर करीब 12:03 बजे बैठक स्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन के बाद सबसे अंत में पहुंचने के बावजूद, देव को सीधे मुख्य मंच पर सम्मानजनक स्थान दिया गया। देव के अलावा टीएमसी की एक और बागी सांसद जून मालिया भी मुख्यमंत्री की इस प्रशासनिक बैठक का हिस्सा बनीं।

मुख्य मंच का समीकरण और प्रशासनिक अमला

कोलाघाट की इस अहम बैठक के मुख्य मंच पर कुल चार प्रमुख सांसद एक साथ बैठे दिखाई दिए:

  1. सौमेंदु अधिकारी

  2. दीपक अधिकारी (देव)

  3. अभिजीत गंगोपाध्याय

  4. जून मालिया

इन राजनेताओं के अलावा मंच पर शिउली साहा भी उपस्थित थीं। तीन जिलों की इस समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने के लिए झाड़ग्राम के जिलाधिकारी (DM) समेत अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विशेष बस के जरिए डीएम कार्यालय से कोलाघाट पहुंचे थे।

राजनीति छोड़ने का मन बना चुके थे देव, ममता ने मनाया था

दीपक अधिकारी उर्फ देव ने ममता बनर्जी की प्रेरणा से ही फिल्मी दुनिया से निकलकर राजनीति में कदम रखा था और वे घाटाल लोकसभा सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे थे।

  • अतीत का घटनाक्रम: साल 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले देव ने अचानक राजनीति से संन्यास लेने की इच्छा जताई थी। उस समय ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से बैठकें कर उन्हें मनाया था।

  • घाटाल मास्टर प्लान का वादा: ममता बनर्जी ने तब एक बड़ी जनसभा में घोषणा की थी कि राज्य सरकार देव के सपनों के प्रोजेक्ट ‘घाटाल मास्टर प्लान’ (बाढ़ नियंत्रण परियोजना) को हर हाल में लागू करेगी, जिसके बाद देव चुनाव लड़ने के लिए राजी हुए थे।

हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भी देव ने तृणमूल कांग्रेस के लिए कड़कती धूप में जमकर प्रचार किया था, जिसके चलते वे बीमार भी हो गए थे। हालांकि, चुनाव के नतीजे आने के बाद देव के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में कयासों का बाजार गर्म कर दिया था, जिसमें उन्होंने बंगाल में भाजपा की भारी जीत पर उन्हें खुलकर बधाई दी थी। अब उनका शुभेंदु अधिकारी के साथ मंच पर आना उन कयासों को हकीकत में बदलता दिख रहा है।

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