पेट में कीड़े होने पर शरीर देने लगता है ये 5 बड़े संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी; जानें लक्षण और बचाव के उपाय

नई दिल्ली | पेट में कीड़े होना एक ऐसी समस्या है जिसे अक्सर लोग हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर सकती है। हालांकि यह समस्या बच्चों में अधिक देखी जाती है, लेकिन खराब जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतों के कारण बड़े भी इसके शिकार हो रहे हैं। ये कीड़े हमारी आंतों में घर बना लेते हैं और शरीर के जरूरी पोषक तत्वों को खुद सोखने लगते हैं। समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना और इलाज करना बेहद जरूरी है।

क्या हैं पेट में कीड़े होने के मुख्य लक्षण?

शरीर में कीड़े होने पर कई ऐसे संकेत मिलते हैं जो हमें सचेत करते हैं। यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं:

  • पेट में लगातार दर्द और मरोड़: बार-बार पेट दर्द होना या पेट में भारीपन महसूस होना कीड़ों की मौजूदगी का सबसे सामान्य संकेत है।

  • अचानक वजन कम होना: अगर आप अच्छी डाइट ले रहे हैं, फिर भी आपका वजन तेजी से गिर रहा है, तो समझ लीजिए कि आपके शरीर का पोषण कीड़े खा रहे हैं।

  • भूख में बदलाव: कुछ लोगों को अचानक बहुत अधिक भूख लगने लगती है, तो कुछ की भूख बिल्कुल खत्म हो जाती है।

  • खुजली की समस्या: रात के समय गुदा (Anus) के आसपास खुजली होना पेट में कीड़ों का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है।

  • थकान और कमजोरी: शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने से व्यक्ति हर समय थका हुआ और कमजोर महसूस करता है।

बच्चों में इन संकेतों पर रखें खास नजर

बच्चे अक्सर अपनी तकलीफ खुलकर नहीं बता पाते, इसलिए माता-पिता को उनके व्यवहार में बदलाव को समझना चाहिए। यदि बच्चा चिड़चिड़ा हो गया है, उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा, वह बार-बार बीमार पड़ रहा है या उसके विकास में कमी दिख रही है, तो यह पेट में कीड़ों का संकेत हो सकता है।

किन कारणों से पेट में पहुंचते हैं कीड़े?

संक्रमण फैलने के पीछे मुख्य रूप से साफ-सफाई की कमी होती है:

  1. दूषित जल और भोजन: गंदा पानी पीना या सड़क किनारे खुले में बिकने वाले दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करना।

  2. बिना हाथ धोए खाना: मिट्टी में खेलने के बाद या शौचालय के उपयोग के बाद अच्छी तरह हाथ न धोना।

  3. अधपका मांस: कच्चा या ठीक से न पका हुआ मांस खाने से भी कीड़े शरीर में पहुंच सकते हैं।

  4. मिट्टी के संपर्क में आना: बच्चों का अक्सर मिट्टी में खेलना और गंदे हाथ मुंह में डालना।

बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी आदतें

सावधानी ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है। इन बातों का खास ध्यान रखें:

  • हाथों की सफाई: खाना खाने से पहले और बाद में साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं।

  • स्वच्छ पानी: हमेशा फिल्टर किया हुआ या उबालकर ठंडा किया हुआ पानी ही पिएं।

  • फल और सब्जियां: किसी भी फल या सब्जी को बनाने या खाने से पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।

  • नाखून छोटे रखें: नाखूनों में जमा गंदगी के जरिए कीड़ों के अंडे आसानी से पेट तक पहुंच जाते हैं, इसलिए नाखून नियमित रूप से काटें।

कब है डॉक्टर से परामर्श जरूरी?

यदि आपको मल में कीड़े दिखाई दें, पेट में असहनीय दर्द हो, लगातार उल्टी हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो घरेलू उपायों के भरोसे न बैठें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आमतौर पर ‘डीवॉर्मिंग’ (Deworming) की दवाएं देते हैं, जिससे इस समस्या से आसानी से निजात मिल सकती है।

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