Ramayana X Review: रणबीर कपूर के राम और यश के रावण अवतार के बीच सोशल मीडिया पर छा गया ये तीसरा कलाकार, दर्शकों ने बांधे तारीफों के पुल

सिनेमाई दुनिया में जब भी किसी महागाथा को परदे पर जीवंत करने की कोशिश होती है, तो दर्शकों की उम्मीदें सातवें आसमान पर पहुंच जाती हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी पौराणिक फिल्म ‘रामायण’ को लेकर पिछले कई महीनों से भारतीय दर्शकों के साथ-साथ ग्लोबल ऑडियंस में जो उत्सुकता बनी हुई थी, वह अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक विशाल सैलाब के रूप में दिखाई दे रही है। दर्शक लंबे समय से इस बात की राह देख रहे थे कि बॉलीवुड के सबसे संजीदा अभिनेताओं में शुमार रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की गरिमा, शालीनता और तेज को परदे पर किस तरह उतारते हैं, वहीं दूसरी तरफ ‘केजीएफ’ फेम पैन-इंडिया सुपरस्टार यश लंकाधिपति रावण के प्रचंड अहंकार और असीम पराक्रम को क्या नया आयाम देते हैं। लेकिन शुरुआती रुझानों और एक्स पर आ रहे दर्शकों के पहले रिएक्शन ने हर किसी को हैरान कर दिया है, क्योंकि यहां चर्चा केवल इन दो महानायकों की नहीं, बल्कि एक ऐसे तीसरे चेहरे की हो रही है जिसने आते ही पूरे फ्रेम और स्क्रीन प्रेजेंस पर अपना कब्जा जमा लिया है।

रामायण का एक्स रिव्यू: सोशल मीडिया पर किस कलाकार ने खींचा सबका ध्यान

एक्स पर ट्रेंड कर रहे हैशटैग्स और फिल्म प्रेमियों की पोस्ट्स का विश्लेषण करें तो साफ नजर आता है कि दर्शकों को जिस सरप्राइज एलिमेंट का इंतजार था, वह बड़े परदे पर पूरी तरह सच साबित हुआ है। जहां रणबीर कपूर के चेहरे की सौम्यता और मर्यादा पुरुषोत्तम की भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों की आंखों को नम किया है और यश के भारी-भरकम संवादों तथा रौद्र रूप ने रोंगटे खड़े कर दिए हैं, वहीं दर्शक जिस एक अभिनेता की अदाकारी के कायल होकर सबसे ज्यादा ट्वीट्स लिख रहे हैं, वह कोई और नहीं बल्कि राजा दशरथ के रूप में नजर आए दिग्गज अभिनेता अरुण गोविल और हनुमान की भूमिका में उतरे सनी देओल की दमदार एंट्री है। कई यूजर्स ने लिखा है कि जैसे ही स्क्रीन पर पुत्र वियोग में तड़पते और राजधर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाहुपाश से बंधे अयोध्यापति की लाचारी दिखाई देती है, वहां सिनेमाहॉल पूरी तरह स्तब्ध रह जाता है। दर्शकों का कहना है कि पुरानी स्मृतियों के जीवित होने का यह अहसास इतना गहरा है कि रणबीर और यश के भारी भरकम स्टारडम के बीच भी इस भावनात्मक अभिनय ने सीधे दिल पर दस्तक दी है।

रणबीर कपूर का सौम्य अवतार और यश का प्रचंड लंकापति रूप

रणबीर कपूर के लिए भगवान राम का किरदार निभाना उनके करियर की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा माना जा रहा था, क्योंकि भारतीय जनमानस के हृदय में प्रभु श्री राम की छवि अत्यंत पवित्र और अटूट है। एक्स पर दर्शकों ने रणबीर की शारीरिक भाषा, उनकी आंखों के ठहराव और संवाद अदायगी में जो शांति देखी है, उसकी खुलकर सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि रणबीर ने बिना किसी लाउड ड्रामे के केवल अपनी आंखों से उस आंतरिक शक्ति और करुणा को व्यक्त किया है जो मर्यादा पुरुषोत्तम की असली पहचान है। दूसरी ओर रॉकिंग स्टार यश ने रावण के किरदार में जो प्राण फूंके हैं, वह भारतीय सिनेमा में खलनायकी की परिभाषा को एक नए धरातल पर ले जाता है। यश की चाल, उनका अहंकार से भरा अट्टहास और उनके स्वर्ण मुकुट के नीचे चमकती आंखें यह साबित करती हैं कि वे स्क्रीन पर सिर्फ खलनायक नहीं, बल्कि एक प्रकांड पंडित और महायोद्धा के रूप में अवतरित हुए हैं। इन दोनों सितारों की भिड़ंत के दृश्य दर्शकों को सांस रोककर देखने पर मजबूर कर रहे हैं।

वीएफएक्स और संगीत की जुगलबंदी ने रचा दिव्य लोक

किसी भी बड़े बजट की पौराणिक फिल्म की सफलता उसकी तकनीकी भव्यता और संगीत की गहराई पर टिकी होती है। एक्स पर फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स को लेकर जो समीक्षाएं सामने आई हैं, उनमें ऑस्कर विजेता वीएफएक्स स्टूडियो डीएनईजी के काम को हॉलीवुड के समानांतर बताया जा रहा है। अयोध्या का वैभवशाली कनक भवन हो, दंडकारण्य के घने और रहस्यमयी वन हों या फिर समुद्र पार लंका की सोने की अट्टालिकाएं, हर एक फ्रेम में भारतीय वास्तुकला और आध्यात्मिकता का संगम साफ झलकता है। इसके साथ ही संगीत के जादूगर ए. आर. रहमान और हंस जिमर के ऐतिहासिक जुगलबंदी वाले बैकग्राउंड स्कोर को दर्शकों ने फिल्म की आत्मा करार दिया है। एक्स यूजर्स का कहना है कि जब वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बैकग्राउंड में भारी ऑर्केस्ट्रा गूंजता है, तो थिएटर का माहौल किसी पवित्र मंदिर जैसा दिव्य और अलौकिक प्रतीत होने लगता है।

सीता के रूप में साई पल्लवी की सादगी ने जीता दिल

माता सीता के पावन चरित्र को साकार करने वाली दक्षिण भारतीय अभिनेत्री साई पल्लवी की चर्चा भी एक्स पर जोरों पर है। बिना किसी तड़क-भड़क वाले मेकअप और कृत्रिम आभूषणों के, साई पल्लवी ने जनक नंदिनी की जो छवि प्रस्तुत की है, उसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अशोक वाटिका में रावण के अहंकार के सामने एक तिनके की ओट लेकर बैठी वैदेही का जो स्वाभिमान और त्याग साई पल्लवी की आंखों में छलकता है, वह इस फिल्म के सबसे शक्तिशाली पलों में से एक है। दर्शकों ने स्पष्ट रूप से माना है कि नितेश तिवारी ने कास्टिंग के मामले में कोई समझौता नहीं किया और हर किरदार को उसके वास्तविक मूल स्वरूप के अनुसार ही चुना है, जिससे कहानी में स्वाभाविकता बनी रहती है।

क्या बॉक्स ऑफिस के सारे ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ पाएगी नितेश तिवारी की रामायण

एक्स पर मिल रहे इस अभूतपूर्व जनसमर्थन और सकारात्मक समीक्षाओं के बाद ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस के अब तक के सभी पुराने कीर्तिमानों को ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। उत्तर भारत के सिंगल स्क्रीन से लेकर दक्षिण भारत के मल्टीप्लेक्स और विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों तक, हर वर्ग इस महाकाव्य को बड़े परदे पर महसूस करने के लिए लालायित दिखाई दे रहा है। दर्शकों का कहना है कि यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर, आस्था और सनातन मूल्यों का एक ऐसा भव्य उत्सव है जिसे हर पीढ़ी को परिवार के साथ देखना चाहिए। सोशल मीडिया का माहौल देखकर यह पूरी तरह साफ हो गया है कि रणबीर, यश और इस बहुचर्चित सहायक कलाकार की तिकड़ी ने मिलकर भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है।

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