गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में मॉनसून की सुस्ती के बाद आखिरकार बादलों ने जोरदार वापसी की है। गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बीते दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी है, वहीं मौसम विभाग (IMD) ने आज (सोमवार) और कल (मंगलवार) के लिए पूर्वी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
गोरखपुर में बीते 24 घंटे में 75 मिलीमीटर (मीमी) बारिश दर्ज की गई है, जो इस पूरे मॉनसून सीजन का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है।
क्यों बदला मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी यूपी (पूर्वांचल) में एक सक्रिय वेदर सिस्टम तैयार हो गया है। इस सिस्टम के चलते अगले 6 दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें शुरुआती दो दिन (सोमवार और मंगलवार) मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। बुधवार से आसमान में बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की रफ्तार थोड़ी कम हो सकती है।
आज और कल किन जिलों में है भारी बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग ने सोमवार, 13 जुलाई और मंगलवार, 14 जुलाई को पूर्वांचल के निम्नलिखित जिलों और उनके आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है:
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गोरखपुर
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देवरिया
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कुशीनगर
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महाराजगंज
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संत कबीर नगर
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सिद्धार्थनगर
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बलरामपुर
इन जिलों के अलावा रामपुर, बरेली, पीलीभीत, सीतापुर, बस्ती, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और बलिया में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
तापमान में गिरावट, लेकिन उमस बरकरार
शनिवार रात से शुरू हुई रिमझिम फुहारों और रविवार को दिनभर चले बादलों के खेल के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। रविवार को गोरखपुर में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री ऊपर रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। झमाझम बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इस सीजन में अब तक कितनी हुई बारिश?
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य से थोड़ा कम सक्रिय रहा है। 1 जून से 12 जुलाई के बीच राज्य में सामान्य तौर पर 190.9 मीमी बारिश होनी चाहिए थी, जिसके मुकाबले अब तक कुल 158.8 मीमी वर्षा दर्ज की गई है, जो कि 17% की कमी को दर्शाता है। इसमें भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में सूखे जैसे हालात रहे हैं और वहां 35% की कमी देखी गई है, जबकि इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 16% अधिक बारिश दर्ज हुई है।
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